रामधारी सिंह ‘दिनकर’‘उर्वशी’ (तीसरा अंक) संक्षिप्त कथा

ऋग्वेद में आई वैदिक संस्कृति की पहली कथा ‘उर्वशी’ और राजा ‘पुरुरवा’ की कथा है। इसका काल विद्वानों ने 1600 ई.पू. माना है। साहित्य और पुराण में उर्वशी सौंदर्य की प्रतिमूर्ति थी। स्वर्ग की इस अप्सरा की उत्पत्ति नारायण की जंघा से मानी जाती है। पद्मपुराण के अनुसार इनका जन्म कामदेव के ‘उरु’ से हुआ था।  श्रीमद्भागवत के अनुसार यह स्वर्ग की सर्वसुंदरी अप्सरा थी। एक बार इंद्र की… Continue reading रामधारी सिंह ‘दिनकर’‘उर्वशी’ (तीसरा अंक) संक्षिप्त कथा

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ‘उर्वशी’ भूमिका

‘उर्वशी’ रामधारी सिंह 'दिनकर' द्वारा रचित एक काव्य नाटक है। यह 1961 ई० में प्रकाशित हुआ था। इस काव्य में दिनकर ने ‘उर्वशी’ और ‘पुरुरवा’ के प्राचीन आख्यान को एक नये अर्थ से जोड़ना चाहा है। इसके लिए 1972 ई० में उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था। इस कृति में ‘पुरुरवा’ और ‘उर्वशी’ दोनों अलग-अलग तरह की प्यास लेकर आये हैं। पुरुरवा धरती पुत्र है और उर्वशी देवलोक… Continue reading रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ‘उर्वशी’ भूमिका

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ समग्र परिचय

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जन्म- 23 सितंबर 1908 ई. सिमरिया, मुंगेर बिहार निधन- 24 अप्रैल 1974 ई. पिता- रविसिंह और माता- मनरूप देवी थी। काव्य गुरु- महावीर प्रसाद द्विवेदी आध्यात्मिक गुरु- ये रामकृष्ण परमहंस को मानते थे। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के उपनाम 1. इन्होंने स्वयं को कहा- ‘दिनकर’ 2. अज्ञेय- ‘समय सूर्य’ 3. मुक्तिबोध- ‘राग व… Continue reading रामधारी सिंह ‘दिनकर’ समग्र परिचय

‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक प्रश्नोत्तरी

1. ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक का प्रकाशन वर्ष क्या था? A. 1931 ई.   B. 1932 ई. C. 1933 ई. D. 1934 ई. 2. ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक में कितने अंक हैं? A. तीन B. चार C. पाँच D. छह 3. ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक की पात्र कोमा किसकी पालित पुत्री थी? A. शिखरस्वामी B. शकराज C. खिंगिल D. मिहिरदेव 4. ‘ध्रुवस्वामिनी’… Continue reading ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक प्रश्नोत्तरी

‘चंद्रगुप्त’ नाटक प्रशोत्तरी

1. ‘चंद्रगुप्त’ नाटक का प्रकाशन वर्ष क्या था? A. 1928 ई. B. 1929 ई. C. 1930 ई. D. 1931 ई.  2. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘चंद्रगुप्त’ नाटक में अंकों की संख्या कितनी है? A. तीन   B. चार   C. पाँच   D. छह  3. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘चंद्रगुप्त’ नाटक में कुल कितने दृश्य हैं?  A. 42… Continue reading ‘चंद्रगुप्त’ नाटक प्रशोत्तरी

‘स्कंदगुप्त’ नाटक प्रश्नोत्तरी

1. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘स्कंदगुप्त’ नाटक का प्रकाशन वर्ष हैं? A. 1927 ई. B. 1928 ई. C. 1929 ई. D. 1930 ई.  2. स्कंदगुप्त नाटक में कुल कितने अंक हैं? A. तीन   B. चार   C. पाँच   D. छह 3. स्कंदगुप्त नाटक में कुल कितने दृश्य हैं? A. 33   B. 34   C. 35   D. 36… Continue reading ‘स्कंदगुप्त’ नाटक प्रश्नोत्तरी

नरेश मेहता समग्र परिचय

जन्म- 15 फरवरी, 1922 ई. मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के शाजापुर में हुआ था। निधन- 22 नवंबर. 2000 ई. पिता- पंडित बिहारीलाल मूलनाम- पूर्णशंकर शुक्ल (नई कविता के प्रमुख कवि) नरसिंहगढ़ की राजमाता ने एक काव्य सभा में उनके काव्यपाठ पर प्रसन्न होकर उन्हें ‘नरेश’ की उपाधि दी। कालांतर में इन्होंने यही नाम रख लिया।… Continue reading नरेश मेहता समग्र परिचय

राधाचरण गोस्वामी समग्र परिचय

जन्म- 25 फरवरी, 1859, वृन्दावन   निधन- 12 दिसंबर, 1925  पिता- गल्लूजी महाराज/ गुणमंजरी दास जी एक भक्त कवि थे। प्रमुख तथ्य- 1. राधाचरण गोस्वामी जी के साहित्यिक जीवन का आरम्भ 1877 ई. में हुआ था। इसी वर्ष उनकी पुस्तक ‘शिक्षामृत’  का प्रकाशन हुआ था। यह उनकी प्रथम पुस्तकाकार रचना थी। 2. उनकी साहित्यिक उपलब्धियों की अनेक… Continue reading राधाचरण गोस्वामी समग्र परिचय

राधाकृष्ण दास समग्र परिचय

जन्म- 1865 ई. काशी निधन- 1907 ई. पिता का नाम- कल्याणदास तथा माता का नाम- गंगाबीबी था। ये भारतेंदु हरिश्चन्द्र की बुआ थी। राधाकृष्ण दास वल्लभ संप्रदाय/ पुष्टिमार्ग में दीक्षित थे। राधा कृष्ण दास की प्रमुख काव्य रचनाएँ- 1. भारत बारहमास- यह राष्ट्रभक्ति से संबंधित कविताओं का संकलन है। इसमें 57 कविताएँ संकलित हैं। इनकी… Continue reading राधाकृष्ण दास समग्र परिचय

बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ संपूर्ण परिचय

उपाध्याय पं. बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ जन्म- 1 सितंबर 1855 ई. उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के दत्तापुर ग्राम के एक संपन्न ब्राह्मण परिवार में हुआ था। निधन- 12 मार्च 1922 ई. उपनाम- ‘प्रेमघन’ बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ द्वारा संपादित पत्रिकाएँ- 1. आनंदकादंबिनी- 1881 ई. (मिर्जापुर) 2. नागरी नीरद- 1893 ई. ये उर्दू में ‘अब्र’ (तखल्लुस) उपनाम नाम… Continue reading बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ संपूर्ण परिचय