हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)

विशेषण शब्द की व्युत्पत्ति- 'वि' (उपसर्ग) 'शाष' (धातु) और 'अन' (प्रत्यय) के मिलने से बना है। जिसका अर्थ है, 'किसी की विशेषता बताने वाला।' कामता प्रसाद गुरु के अनुसार- "वे शब्द जो किसी संज्ञा के अर्थ को सीमित मर्यादित (संकुचित/संकीर्ण/सीमित/अव्याप्त) करते हैं, उन्हें विशेषण कहते है।" जैसे- 'गाय' कहने से सभी तरह के गायों का… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)

हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)

विशेषण शब्द की व्युत्पत्ति- 'वि' (उपसर्ग) 'शाष' (धातु) और 'अन' (प्रत्यय) के मिलने से बना है। जिसका अर्थ है, 'किसी की विशेषता बताने वाला।' कामता प्रसाद गुरु के अनुसार- "वे शब्द जो किसी संज्ञा के अर्थ को सीमित मर्यादित (संकुचित/संकीर्ण/सीमित/अव्याप्त) करते हैं, उन्हें विशेषण कहते है।" जैसे- 'गाय' कहने से सभी तरह के गायों का… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)

हिंदी व्याकरण ‘संज्ञा’ (Noun)

संज्ञा शब्द की व्युपति- ‘संज्ञा’ शब्द दो शब्दों के मेल/योग से बना है। सम् + ज्ञा ‘सम्’ का अर्थ ‘सम्यक’ (पूर्ण) और ‘ज्ञ’ का अर्थ ‘ज्ञान’ अथार्त ‘पूर्णज्ञान’ होता है। ‘संज्ञा’ शब्द का मतलब है- ‘नाम’ परिभाषा- किसी वस्तु, प्राणी, स्थान, भाव आदि के ‘नाम’ को संज्ञा कहते है। वस्तु के नाम – किताब, कलम,… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘संज्ञा’ (Noun)

UGC NET/JRF (2023) HINDI

Question Paper with Answer Part-2 (Que 51 to 81) 51. ‘सतपुरा के जंगल’ कविता में जंगल के संबंध में कौन-से विशेषण प्रयुक्त हैं? A. जगमगाते जगे जागे   B. नींद में डूबे हुए से C. चिलचिलाते जले      D. घिनौने-घने E. कंप के कनकने नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चयन कीजिये। (a) केवल 1,… Continue reading UGC NET/JRF (2023) HINDI

UGC NET/JRF (2023) HINDI

Question Paper with AnswerPart-1 (Que 1 to 50) 1. भाषा के रूप में ‘अवधी’ का प्रयोग किस रचना में मिलता है? A. खालिकबारी✔    B. उक्तिव्यक्तिप्रकरण C. चंदायन         D. मृगावती 2. प्रथम ‘राजभाषा आयोग’ की स्थापन कब की गई? A. 7 जून, 1951    B. 8 जून, 1953 C. 9 जून, 1954    D. 7 जून, 1955✔  3.… Continue reading UGC NET/JRF (2023) HINDI

U.G.C. NET/JRF (2022) Hindi

Question Paper with AnswerPart-2 (Que 51 to 100) 51. ऋतु वसंत का सुप्रभात था, मंद-मंद था अनिल बह रहा,बलारुण की मृदु किरणें थीं, अगल-बगल स्वर्णाभ शिखर थे,एक-दूसरे से विरहित हो अलग-अलग रह कर ही जिनको सारी रात बितानी होती, निशाकाल के चिर-अभिशापित बेबस उन चकवा-चकई का बंद हुआ क्रंदन…….उपर्युक्त पंक्तियों में चकवा-चकई के बारे में… Continue reading U.G.C. NET/JRF (2022) Hindi

UGC NET/JRF (2022) HINDI

Question Paper with Answer Part-1 (Que 1 to 50) 1. द्वैतवादी वैष्णव संप्रदाय के प्रवर्तक है –  (अ) रामानुजाचार्य       (ब) मध्वाचार्य ✔  (स) वल्लभाचार्य        (द) रामानंद 2. राम-रावण के युद्ध को रूपायित करने के लिए निराला ने-  (अ) संस्कृत की सरल पद मैत्री का प्रयोग किया है।  (ब) अधिकतर द्वित्व वर्णों का प्रयोग किया है।  (स)… Continue reading UGC NET/JRF (2022) HINDI

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ रश्मिरथी संक्षिप्त कथा

‘रश्मिरथी’ में सात सर्ग है। प्रथम सर्ग: कर्ण का शौर्य प्रदर्शन दूसरा सर्ग: परशुराम के आश्रम वर्णन (आश्रमवास) तीसरा सर्ग: कृष्ण का संदेश चौथा सर्ग: कर्ण के महादान की कथा पाँचवाँ सर्ग: माता कुन्ती की विनती छठा सर्ग: शक्ति प्रदर्शन साँतवा सर्ग: कर्ण के बलिदान की कथा प्रथम सर्ग: कर्ण का शौर्य प्रदर्शन प्रथम सर्ग… Continue reading रामधारी सिंह ‘दिनकर’ रश्मिरथी संक्षिप्त कथा

‘रश्मिरथी’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’कथावस्तु और भूमिका

‘रश्मिरथी’ एक प्रसिद्ध ‘खण्डकाव्य’ है। यह 1952 ई० में प्रकाशित हुआ था। रश्मिरथी का अर्थ होता है ‘सूर्य का सारथी’ यह खड़ीबोली में लिखा गया है। इसमें कर्ण के चरित्र के सभी पक्षों का चित्रण किया गया है। दिनकर ने कर्ण को महा भारतीय कथानक से ऊपर उठाकर नैतिकता और विश्वसनीयता की नई भूमि पर… Continue reading ‘रश्मिरथी’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’कथावस्तु और भूमिका

‘उर्वशी’ खंडकाव्य पर आधारित प्रश्नोत्तरी

1. ‘उर्वशी’ खंडकाव्य का प्रकाशन वर्ष क्या है? A. 1960 ई. B. 1961 ई. C. 1962 ई. D. 1963 ई. 2. निम्न में से ‘उर्वशी’ का काव्य रूप क्या है? A. खंडकाव्य       B. महाकाव्य C. चरितकाव्य      D. मुक्तककाव्य  3. “पुरुरवा:! पुनरस्तं परेहि, दुरापना बात इवाहमस्मि।” ‘उर्वशी’ का तृतीय अंक किस बीज भाव पर केद्रित है।… Continue reading ‘उर्वशी’ खंडकाव्य पर आधारित प्रश्नोत्तरी