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NET SET JRF Study Material


सर्वेश्वर दयाल सक्सेना कृत ‘बकरी’ (नाटक)

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना कृत ‘बकरी’ (नाटक) का सम्पूर्ण अध्ययन सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जन्म (15 सितम्बर 1927- 23 सितम्बर 1983) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना संक्षिप्त जीवनी- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ‘नई कविता’ के चर्चित कवि थे। उनका जन्म 15 सितम्बर 1927 को उतर प्रदेश, बस्ती जिले के पिकौरा गाँव में हुआ था। उनके पिता विश्वेश्वर दयाल और माता… Continue reading सर्वेश्वर दयाल सक्सेना कृत ‘बकरी’ (नाटक)

मन्नू भंडारी कृत ‘महाभोज’ (नाटक)

(जन्म 3 अप्रैल 1931) मन्नू भंडारी कृत ‘महाभोज’ (नाटक) का सम्पूर्ण अध्ययन मन्नू भंडारी संक्षिप्त जीवनी- मन्नू भंडारी का जन्म 3 अप्रैल 1931 को मध्यप्रदेश में मंदसौर जिले के भानुपूरा गाँव में हुआ था। इनका बचपन का नाम महेंद्र कुमारी था। लेखन के लिए उन्होंने मन्नू नाम का चुनाव किया। लेखन का संस्कार उन्हें विरासत… Continue reading मन्नू भंडारी कृत ‘महाभोज’ (नाटक)

हबीब तनवीर कृत ‘आगरा बाजार’ (नाटक)

हबीब तनवीर जन्म 1 सितम्बर 1923 – 08 जून 2009 हबीब तनवीर कृत ‘आगरा बाजार’ (नाटक) का सम्पूर्ण अध्ययन हबीब तनवीर का संक्षिप्त जीवनी- हबीब तनवीर का जन्म 1923 को रायपुर में हुआ था। जो अब छत्तीसगढ़ की राजधानी है। हबीब तनवीर के बचपन का नाम हबीब अहमद खान था। उन्हें बचपन से ही कविता… Continue reading हबीब तनवीर कृत ‘आगरा बाजार’ (नाटक)


Hindi Grammar


उपसर्ग और प्रत्यय (Prefix and Suffix)

उपसर्ग (Prefix) उप+सर्ग दो शब्दों के मेल से बना है। ‘उप’ का अर्थ होता है समीप, निकट या पास तथा ‘सर्ग’ का अर्थ होता है, बनाना या सृष्टि करना। उपसर्ग उस अव्यय या शब्दांश को कहते हैं, जो किसी शब्द के आरम्भ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर विशेषता ला देता है। जैसे- ‘भाव’… Continue reading उपसर्ग और प्रत्यय (Prefix and Suffix)

कारक (Case)

कारक (case) के प्रकार और विभक्ति चिन्ह  कारक की परिभाषा- संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसके संबंध का बोध होता है, उसे कारक कहते हैं। हिन्दी में आठ (8) कारक हैं- कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, सम्बन्ध, अधिकरण और सम्बोधन कारक के विभक्ति चिन्ह  कारक के विभक्ति… Continue reading कारक (Case)

विराम चिन्ह (Punctuation Mark)

विराम (Punctuation Mark) – विराम का अर्थ होता है- रुकना या ठहरना। भिन्न-भिन्न भावों और विचारों को स्पष्ट करने के लिए जिन चिन्हों का प्रयोग वाक्य के बीच में या अंत में किया जाता है, उसे विराम चिन्ह कहते हैं। परिभाषा– जब हम अपने भावों को भाषा के द्वारा व्यक्त करते हैं, तब एक भाव… Continue reading विराम चिन्ह (Punctuation Mark)


Poems


हाथ की लकीरें (कविता)

माथे की लकीरों को देखते ही, उसने कहा! ओह! तुम्हारे तो भाग्य ही नही है कैसे रहोगी? कैसे जियोगी? खैर! दुखी होकर भी हमेशा, तुम मुस्कुराती रहोगी उसे क्या पता, मैं क्या हूँ? मैं भी मानव हूँ माथे के लकीरों को, आत्मशक्ति से  बदल सकती हूँ मैं, मैं जानती थी, अपने आपको मन में दर्द… Continue reading हाथ की लकीरें (कविता)

दर्द का हिसाब (कविता)

दर्दों का कारवां, साथ चलता ही रहा, आँखें नम हुई, दिल थम सा गया। अब इतना भी, दर्द न दे ऐ जिंदगी! कि हिसाब भी, इसका कर न सकूँ। कुछ देकर दर्द, इतराते हैं, कुछ लेकर दर्द, हिम्मत बढ़ाते हैं। बस आदत अपनी कुछ ऐसी है, जो दर्द में भी दर्द सहती है। अब हिम्मत… Continue reading दर्द का हिसाब (कविता)

अदृश्य ‘कोरोना’ (कविता) (Invisible Corona – Poem)

अदृश्य ‘करोना’ ने मानव को उसका दृश्य दिखा दिया। चौपाया को राहों पर और मानव को, घर पर बैठा दिया। जो करते थे मतलब से बातें अब, बिना मतलब के बातें करते हैं। जो नहीं डरते थे शेर-चीता से उसे अदृश्य ‘कोरोना’ ने डरा दिया।


Stories


‘पल्लू’ की गरिमा (लघु कथा)

‘पर्दा’ अरबी भाषा से आया हुआ शब्द है। जिसका अर्थ होता है, ‘ढकना’। ‘बुर्का’ भी एक तरह से घूँघट ही है, जिसे मुस्लिम समुदाय की महिलाएँ और लडकियाँ पुरुषों के गलत निगाह से बचने के लिए पहनती हैं। भारत में घूँघट प्रथा भी इस्लामों की देन है। इस्लामी आक्रमणकारियों और लुच्चे-लफंगों से अपनी बचाव के… Continue reading ‘पल्लू’ की गरिमा (लघु कथा)

दिलचस्प कहानी (लघु कथा)

सन् 1994 की बात है, उस समय हमारे देश के राष्ट्रपति श्री शंकर दयाल शर्मा जी थे। अधिकारिक यात्रा पर वे मस्कट गए थे। उस समय एयर इण्डिया में तीन दुर्लभ बातें हुई थी। पहली बात यह हुई कि ओमान के राजा ‘कबूस बिन सईद अल सईद’ किसी भी देश के गणमान्य व्यक्ति को हवाई… Continue reading दिलचस्प कहानी (लघु कथा)

अच्छे कर्मो का फल (लघु कथा)

कहा गया है कि माता-पिता के कर्मो का फल बच्चे को मिलता है। यह कहानी ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में रहनेवाले फ्लेमिंग नामक एक गरीब किसान की है। फ्लेमिंग एक दिन अपने खेत में काम कर रहे थे। अचानक उसी समय उन्हें किसी के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी। वे काम छोड़कर उस आवाज की ओर… Continue reading अच्छे कर्मो का फल (लघु कथा)