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NET SET JRF Study Material


ज्ञानपीठ पुरस्कार

ज्ञानपीठ पुरस्कार– भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं अनुसूची में बताई गई 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में लिखता हो, वह इस पुरस्कार के योग्य है। पुरस्कार में 11 लाख रुपये की धन राशि, प्रशस्ति पत्र और वाग्देवी… Continue reading ज्ञानपीठ पुरस्कार

कामायनी ‘लज्जा’ सर्ग (जयशंकर प्रसाद)

भाग-1 “कोमल किसलय के अंचल में नन्हीं कलिका ज्यों छिपती-सी, गोधूली के धूमिल पट में दीपक के स्वर में दिपती-सी। मंजुल स्वप्नों की विस्मृति में मन का उन्माद निखरता ज्यों- सुरभित लहरों की छाया में बुल्ले का विभव बिखरता ज्यों- वैसी ही माया में लिपटी अधरों पर उँगली धरे हुए, माधव के सरस कुतूहल का… Continue reading कामायनी ‘लज्जा’ सर्ग (जयशंकर प्रसाद)

कामायनी ‘श्रद्धा’ सर्ग (जयशंकर प्रसाद)

भाग-1 कौन हो तुम? संसृति-जलनिधि तीर-तरंगों से फेंकी मणि एक, कर रहे निर्जन का चुपचाप प्रभा की धारा से अभिषेक? मधुर विश्रांत और एकांत-जगत का सुलझा हुआ रहस्य, एक करुणामय सुंदर मौन और चंचल मन का आलस्य” सुना यह मनु ने मधु गुंजार मधुकरी का-सा जब सानंद, किये मुख नीचा कमल समान प्रथम कवि का… Continue reading कामायनी ‘श्रद्धा’ सर्ग (जयशंकर प्रसाद)


Hindi Grammar


उपसर्ग और प्रत्यय (Prefix and Suffix)

उपसर्ग (Prefix) उप+सर्ग दो शब्दों के मेल से बना है। ‘उप’ का अर्थ होता है समीप, निकट या पास तथा ‘सर्ग’ का अर्थ होता है, बनाना या सृष्टि करना। उपसर्ग उस अव्यय या शब्दांश को कहते हैं, जो किसी शब्द के आरम्भ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर विशेषता ला देता है। जैसे- ‘भाव’… Continue reading उपसर्ग और प्रत्यय (Prefix and Suffix)

कारक (Case)

कारक (case) के प्रकार और विभक्ति चिन्ह  कारक की परिभाषा- संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसके संबंध का बोध होता है, उसे कारक कहते हैं। हिन्दी में आठ (8) कारक हैं- कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, सम्बन्ध, अधिकरण और सम्बोधन कारक के विभक्ति चिन्ह  कारक के विभक्ति… Continue reading कारक (Case)

विराम चिन्ह (Punctuation Mark)

विराम (Punctuation Mark) – विराम का अर्थ होता है- रुकना या ठहरना। भिन्न-भिन्न भावों और विचारों को स्पष्ट करने के लिए जिन चिन्हों का प्रयोग वाक्य के बीच में या अंत में किया जाता है, उसे विराम चिन्ह कहते हैं। परिभाषा– जब हम अपने भावों को भाषा के द्वारा व्यक्त करते हैं, तब एक भाव… Continue reading विराम चिन्ह (Punctuation Mark)


Poems


हाथ की लकीरें (कविता)

माथे की लकीरों को देखते ही, उसने कहा! ओह! तुम्हारे तो भाग्य ही नही है कैसे रहोगी? कैसे जियोगी? खैर! दुखी होकर भी हमेशा, तुम मुस्कुराती रहोगी उसे क्या पता, मैं क्या हूँ? मैं भी मानव हूँ माथे के लकीरों को, आत्मशक्ति से  बदल सकती हूँ मैं, मैं जानती थी, अपने आपको मन में दर्द… Continue reading हाथ की लकीरें (कविता)

दर्द का हिसाब (कविता)

दर्दों का कारवां, साथ चलता ही रहा, आँखें नम हुई, दिल थम सा गया। अब इतना भी, दर्द न दे ऐ जिंदगी! कि हिसाब भी, इसका कर न सकूँ। कुछ देकर दर्द, इतराते हैं, कुछ लेकर दर्द, हिम्मत बढ़ाते हैं। बस आदत अपनी कुछ ऐसी है, जो दर्द में भी दर्द सहती है। अब हिम्मत… Continue reading दर्द का हिसाब (कविता)

अदृश्य ‘कोरोना’ (कविता) (Invisible Corona – Poem)

अदृश्य ‘करोना’ ने मानव को उसका दृश्य दिखा दिया। चौपाया को राहों पर और मानव को, घर पर बैठा दिया। जो करते थे मतलब से बातें अब, बिना मतलब के बातें करते हैं। जो नहीं डरते थे शेर-चीता से उसे अदृश्य ‘कोरोना’ ने डरा दिया।


Stories


‘पल्लू’ की गरिमा (लघु कथा)

‘पर्दा’ अरबी भाषा से आया हुआ शब्द है। जिसका अर्थ होता है, ‘ढकना’। ‘बुर्का’ भी एक तरह से घूँघट ही है, जिसे मुस्लिम समुदाय की महिलाएँ और लडकियाँ पुरुषों के गलत निगाह से बचने के लिए पहनती हैं। भारत में घूँघट प्रथा भी इस्लामों की देन है। इस्लामी आक्रमणकारियों और लुच्चे-लफंगों से अपनी बचाव के… Continue reading ‘पल्लू’ की गरिमा (लघु कथा)

दिलचस्प कहानी (लघु कथा)

सन् 1994 की बात है, उस समय हमारे देश के राष्ट्रपति श्री शंकर दयाल शर्मा जी थे। अधिकारिक यात्रा पर वे मस्कट गए थे। उस समय एयर इण्डिया में तीन दुर्लभ बातें हुई थी। पहली बात यह हुई कि ओमान के राजा ‘कबूस बिन सईद अल सईद’ किसी भी देश के गणमान्य व्यक्ति को हवाई… Continue reading दिलचस्प कहानी (लघु कथा)

अच्छे कर्मो का फल (लघु कथा)

कहा गया है कि माता-पिता के कर्मो का फल बच्चे को मिलता है। यह कहानी ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में रहनेवाले फ्लेमिंग नामक एक गरीब किसान की है। फ्लेमिंग एक दिन अपने खेत में काम कर रहे थे। अचानक उसी समय उन्हें किसी के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी। वे काम छोड़कर उस आवाज की ओर… Continue reading अच्छे कर्मो का फल (लघु कथा)