संधि शब्द का अर्थ है- ‘मेल’। ‘संधि’ संस्कृत का शब्द है। संधि का व्युत्पति- यह दो शब्दों के योग से बना है। सम् + धि = ‘सम्’ का अर्थ होता है, ‘पूर्णतया’ और ‘धि’ का अर्थ होता है, ‘मिलना’ अथार्त दो ध्वनियों या वर्णों का पूर्णतया मिलना ‘संधि’ कहलाता है। दूसरे शब्दों में कहे… Continue reading हिन्दी व्याकरण – संधि : (भाग-1) स्वर संधि
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भारतीय संस्कृति में नारी का स्थान
भारतीय संस्कृति में प्राचीन वैदिक काल से ही नारी का स्थान अत्यंत सम्माननीय और गौरवपूर्ण रहा है। शास्त्रों में कहा गया है— “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः॥” अर्थात् जहाँ स्त्रियों का सम्मान और सत्कार किया जाता है, वहाँ देवताओं का वास होता है तथा जहाँ उनका आदर नहीं होता, वहाँ… Continue reading भारतीय संस्कृति में नारी का स्थान
क्या बिहारी होना गुनाह है?
बिहारी होना कोई गुनाह नहीं है। किसी भी व्यक्ति की पहचान- चाहे वह बिहारी हो, पंजाबी हो, तमिल हो, बंगाली हो या किसी भी राज्य से हो- उसके खिलाफ हिंसा, भेदभाव या अन्याय का कारण कभी नहीं बन सकती है। अगर किसी को केवल उसकी क्षेत्रीय पहचान के कारण निशाना बनाया गया है, तो यह… Continue reading क्या बिहारी होना गुनाह है?
स्मृतियों की छाँह में ‘दूसरा बचपन’
मनुष्य का जीवन एक वृत्त की भाँति है- जहाँ से यह आरंभ होता है, अंततः वहीं लौट आता है। बचपन से युवावस्था, फिर प्रौढ़ावस्था और उसके बाद जीवन जब ढलान की ओर बढ़ने लगता है, तब बुढ़ापा आता है, जिसे प्रायः लोग कहते हैं बच्चा और बूढ़ा एक जैसे होते हैं अथार्त दूसरा बचपन कहा… Continue reading स्मृतियों की छाँह में ‘दूसरा बचपन’
नटराज और अपस्मार की कथा
नटराज (शिव) की मुद्रा का अर्थ अग्नि (हाथ में) - सृष्टि का संहार और परिवर्तन। डमरू - सृष्टि की उत्पत्ति और नाद। अभय मुद्रा - भय से मुक्ति। उठाया हुआ पैर - मोक्ष और मुक्ति का मार्ग। अपस्मार पर रखा पैर - अज्ञान और अहंकार पर विजय। नटराज, भगवान शिव का वह दिव्य स्वरूप है… Continue reading नटराज और अपस्मार की कथा
काक्रोच जनता पार्टी और Zen Z का महा अभियान
इन दिनों देश में एक नई राजनीतिक-सामाजिक धारा चर्चा में है। इसका नाम है “काक्रोच जनता पार्टी” इसकी इकाई युवा वर्ग है, “Zen Z”। यह संगठन स्वयं को आधुनिकता का प्रतीक बताता है, परंतु इसके सिद्धांतों का अध्ययन करने पर पता चलता है कि इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्र निर्माण नहीं, बल्कि “आराम करो, ऐश करो… Continue reading काक्रोच जनता पार्टी और Zen Z का महा अभियान
युवा शक्ति और विकसित भारत : एक चिंतन
भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्रों में से एक है। किसी भी देश का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी के विचारों, संस्कारों और कर्मों पर निर्भर करता है। आज जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है, तब युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। समाज में… Continue reading युवा शक्ति और विकसित भारत : एक चिंतन
जोराम यालाम नाबाम : कथा साहित्य में लोकजीवन
जोराम यालाम नाबाम का जन्म अरुणाचल प्रदेश के लोवर सुबानसिरी जिले के जोराम गाँव में हुआ था। उन्होंने वनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान से स्कूली शिक्षा प्राप्त किया और राजीव गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश से हिन्दी में एम ए और पीएच डी किया। अरुणाचल प्रदेश के बहुसंख्यक न्यीशी आदिवासी समुदाय से आनेवाली जोराम यालाम आदिवासी अस्मिता,… Continue reading जोराम यालाम नाबाम : कथा साहित्य में लोकजीवन
तिलचट्टा (कॉकरोच)
यह कविता उन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को समर्पित है, जिन्होंने वर्तमान समय में इस पार्टी को बनाया हैं। यह कविता उन लोगों को भी समर्पित है जिन्होंने इस ‘घिनौनी कीट’ को सोशल मिडिया पर बड़ी मात्रा में समर्थन दिया। तेल चट्टा, काला साया,गंदे कोनों और अँधेरी में पाया।नाली, कूड़े, सीलन, गंदगी,यही ‘कॉकरोच’ की है जिंदगी।… Continue reading तिलचट्टा (कॉकरोच)
लाठी (गज़ल)
सफ़र की धूप में अब सहारा बनी है लाठी,ज़िंदगी के मोड़ की किनारा बनी है लाठी। कभी जो थामती थी उँगली किसी बच्चे की,अब उसी हाथ की पुकार बनी है लाठी। थके हुए कदमों को हर रोज़ सहलाती है,दर्द के हर सफ़र की दुलार बनी है लाठी। समय ने छीन ली रफ़्तार जब उम्र से,धीमी… Continue reading लाठी (गज़ल)