गुरु भक्त ‘आरुणि’ और ‘उपमन्यु’

“गुरु वही श्रेष्ठ है जिसकी प्रेरणा से शिष्य का चरित्र बदल जाए” गुरुभक्त आरुणि- पुराने समय में गुरु धौम्य के आश्रम में कई छात्र शिक्षा ग्रहण करने के लिए आश्रम में रहते थे। कुलीन राजघरानों और ब्राहमणों के पुत्र भी शिक्षा प्राप्त करने के लिए गुरुकुल और आश्रमों में एक साथ रहा करते थे। गुरु… Continue reading गुरु भक्त ‘आरुणि’ और ‘उपमन्यु’

करोना (कविता)

प्रातःकाल का दृश्य देख आज आखों ने मन को समझाया।   देख मानव ! दशा तू अपनी पशु-पंछी उन्मुक्त है जानवर पर तू फँसा है, जाल में अपनी तेरी कैसी यह है लाचारी अजब यह मनहूस घड़ी ।   प्रकृति ने छेड़ी  है जंग चारों ओर हाहाकार मची है। घर के बाहर डर ही डर… Continue reading करोना (कविता)

संत रविदास जी की पोथी

आज संत रविदास जी की इस पोथी’ को पढ़ने के बाद ऐसा महसूस हो रहा है कि जैसे हमारे भारत के संत और महात्मा भविष्य में होने वाली हर घटनाओं से परिचित थे। आज जो हो रहा है उसका वर्णन संत रविदास जी ने अपने इस कविता में पहले ही लिख चुके थे। धन्य थे… Continue reading संत रविदास जी की पोथी

खिलाड़ी अवुमनिया

(महिला खिलाड़ी) "न तो हारना जरुरी है, न तो जितना जरुरी है,जीवन एक खेल है, सिर्फ खेलना जरुरी है।" किसी भी सफलता को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और मजबूत इक्षा शक्ति का होना आवश्यक है। नाम, प्रसिद्धि, धन आदि आसानी से प्राप्त नहीं होता है। सफलता प्राप्त करने के लिए धैर्य,… Continue reading खिलाड़ी अवुमनिया

पल्लू की गरिमा

'पर्दा' एक इस्लामी शब्द हैजो आरबी भाषा से आया है। इसका अर्थ होता है 'ढकना'। बूर्का भी एक तरह से घूंघट ही है, जो मुस्लिम समुदाय की महिलाएं और लड़कियां पुरुषों के गलत निगाह से बचने के लिए पहनती हैं। भारत में घूंघट प्रथा भी इस्लामों की देन है। इस्लामी आक्रमणकारियों और लुच्चा-लफंगों से अपनी… Continue reading पल्लू की गरिमा

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2020 के लिए इस बार संयुक्त राष्ट्र द्वारा चुना गया विषय है। ‘Languages without borders’. यूनेस्को के अनुसार, 'स्थानीय, क्रॉस-बॉर्डर भाषाएं शांतिपूर्ण संवाद को बढ़ावा देने में विशेष भूमिका निभा सकती हैं, और स्वदेशी विरासत को भी संरक्षित करने में मदद कर सकती हैं। 21 फरवरी 2020 को संयुक्त राष्ट्र इसी विविधता… Continue reading अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

भानगढ़ का किला

राजस्थान भारत का एक ऐसा प्रदेश है जो अपने इतिहास, शौर्य नक्काशीदार किले और खास खान-पान के लिए जाना-जाता है। राजस्थान को राजपूत राजाओं के वीरों और बलिदानों की भूमि भी कहा जाता है। राजस्थान, भारत में घूमने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। जो कोई भी पर्यटक एक बार राजस्थान घूम लेता… Continue reading भानगढ़ का किला

सती अनुसुईया

सती अनुसूईया महर्षि अत्री की पत्नी थी जो अपने पतिव्रता धर्म के कारण विख्यात थी। एक दिन देव ऋषि नारद जी बारी-बारी से विष्णुजी, शिव जी और ब्रह्मा जी की अनुपस्थिति में विष्णु लोक, शिवलोक तथा ब्रह्मलोक पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने लक्ष्मी जी, पार्वती जी और सावित्री जी के सामने अनुसुईया के पतिव्रत धर्म का बढ़-चढ़ कर प्रशंसा की तथा कहा कि समस्त सृष्टि… Continue reading सती अनुसुईया

हमारे बुजुर्ग

परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। यह हर स्थिति में होना ही है। जैसे- एक वस्तु से दूसरी वस्तु में परिवर्तन, प्रकृति में ऋतुओं का परिवर्तन, युद्ध के बाद शांति में परिवर्तन आदि। उसी प्रकार वृद्ध अवस्था भी परिवर्तन का ही एक हिस्सा है जिसे हम मानव जीवन का चक्र कह सकते हैं। प्रत्येक जीवात्मा… Continue reading हमारे बुजुर्ग

ईश्वरचंद्र विधासागर

कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दिन मंगलवार को भड़की हिंसा के दौरान कॉलेज परिसर में स्थित महान दार्शनिक, समाजसुधारक और लेखक ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी गई थी। कलकता में यही एक ऐसा पहला निजी कॉलेज है, जिसे भारतीयों ने चलाया। इसमें पढ़ाने वाले शिक्षक भी भारतीय ही रहे।… Continue reading ईश्वरचंद्र विधासागर