सरस्वती पत्रिका

सरस्वती पत्रिका के संपादक/प्रकाशक - चिंतामणि घोष ने आरंभ करवाया। सरस्वती पत्रिका की स्थापना वर्ष - 1900 ई. सरस्वती पत्रिका के संपादक (मंडल)       1. जनवरी 1900 ई से दिसंबर 1900 ई. तक       सरस्वती पत्रिका के संपादक मंडल में 5 संपादक थे-             जगन्नाथ दास रत्नाकर             किशोरीलाल गोस्वामी              श्यामसुन्दर दास             राधाकृष्ण… Continue reading सरस्वती पत्रिका

खड़ीबोली आन्दोलन

खड़ीबोली आन्दोलन के सन्दर्भ में विशेष तथ्य:       खड़ीबोली पश्चिमी हिंदी के अंतर्गत आती है       19 वीं शताब्दी के पहले ही खड़ी बोली की रचनाएँ मिलना शुरू हो जाती है। इसके बाद  फोर्ट विलियम कॉलेज ने इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।       > 1908 ई. में लल्लूलाल के द्वारा लिखी गई रचना 'प्रेम… Continue reading खड़ीबोली आन्दोलन

नागरी प्रचारिणी सभा, काशी

नागरी प्रचारिणी सभा काशी की स्थापना- 16 जुलाई 1893 ई. को हुई थी।       > इसकी स्थापना वाराणसी 'क्वींस कॉलेज' के, कक्षा 9वीं के तीन विद्यार्थियों-       > रामनारायण मिश्र, श्यामसुंदर दास, शिवकुमार सिंह के द्वारा किया गया।       > इसके प्रथम अध्यक्ष राधाकृष्ण दास थे।       > काशी के सप्तसागर मोहल्ले के घुड़साल में… Continue reading नागरी प्रचारिणी सभा, काशी

फोर्ट विलियम कॉलेज

फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना (Fort William College) की स्थापना 10 जुलाई सन् 1800 ई. को तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेजली के द्वारा की गई थी। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य था भारत में आने वाले नए ब्रिटिश व्यापारियों, शासकों और कर्मचारियों को भारतीय रहन-सहन, संस्कृति, भाषा, एवं प्रशासनिक ज्ञान से परिचित करवाना तथा सिविल अधिकारियों को भारतीय भाषा,… Continue reading फोर्ट विलियम कॉलेज

स्त्री विमर्श

स्त्री के संदर्भ में किया गया विचार स्त्री विमर्श कहलाता है। हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श अन्य अस्मितामूलक विमर्शों की तरह ही विमर्श रहा है। स्त्री विमर्श को इंग्लिश में 'फेमिनिज्म' कहा गया है।       स्त्री विमर्श के प्रवर्तक फ्रांसीसी लेखिका सिमोन द बिउवार हैं। उन्होंने अपनी रचना 'The second sex' में नारी के विमर्श… Continue reading स्त्री विमर्श

अल्पसंख्यक विमर्श / किन्नर विमर्श  (Third Gender)

व्युत्पत्ति- 'किन्नर' दो शब्दों के योग से बना है 'किम' + 'नर' = किन्नर, जिसका अर्थ होता है, हिजड़ा, नपुंसक ।       > किन्नर विमर्श से तात्पर्य है, किन्नरों के जीवन से संबंधित समस्याओं की चर्चा        करना।       > 2006 ई. में किन्नरों को 'थर्ड जेंडर' का दर्जा दिया गया, साथ ही साहित्यकारों का… Continue reading अल्पसंख्यक विमर्श / किन्नर विमर्श  (Third Gender)

आदिवासी विमर्श

आदिवासी का अर्थ- किसी भी देश के मूल निवासियों को आदिवासी शब्द से संबोधित किया जाता है। 'आदि' का अर्थ 'आरंभ' तथा 'वासी' का अर्थ होता है 'रहने वाला' इस प्रकार आदिवासी शब्द का अर्थ हुआ किसी स्थान पर रहने वाले वहाँ के मूल निवासी। परिभाषाएँ-       रामचंद्र वर्मा के शब्दों में- "वे जातियाँ जो… Continue reading आदिवासी विमर्श

दलित विमर्श

'दलित विमर्श' जाति पर आधारित अस्मिता मूलक विमर्श है। यह एक भारतीय विमर्श है क्योंकि जाति भारतीय समाज की बुनियादी संरचनाओं में से एक है। इस विमर्श ने भारत की अधिकांश भाषाओं में दलित साहित्य को जन्म दिया है। दलित शब्द का अर्थ- दबाया हुआ, रौंदा हुआ, शोषित, दमित आदि। परिभाषाएँ:       हिंदी मानक कोश… Continue reading दलित विमर्श

भारतीय संस्कृति और राष्ट्र

भूमिका- भारतीय संस्कृति प्राचीन एवं गौरवपूर्ण है। विश्व संस्कृति के इतिहास में इसका विशिष्ठ स्थान है। इस संस्कृति को समृद्ध और समुन्नत बनाने में हमारे ऋषियों, मुनियों, साधू-संतों, दार्शनिकों, विचारकों, आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गुरु वेदव्यास, बाल्मीकि, कालिदास, स्वयंभू, पुष्पदंत, संत तुलसीदास, संत कबीर दास, गरुनानक देव, गुरुगोविंद सिंह, रामधारी सिंह ‘दिनकर’, जयशंकर… Continue reading भारतीय संस्कृति और राष्ट्र

उत्तर आधुनिकतावाद (Post Modernism)

'उत्तर आधुनिकतावाद' अंग्रेजी के 'Post Modernism' शब्द का हिंदी रूपांतरण है। 'पोस्ट' (Post) शब्द का अर्थ 'बाद' में होता है। उत्तर आधुनिकता अपने अर्थ में आधुनिकता की समाप्ति अथवा आधुनिकता के विस्तार की घोषणा का रूप है। उत्तर आधुनिकता को लेकर विद्वानों में मतभेद रहा है। कुछ विद्वान इसे 'आधुनिकता' की समाप्ति तो कुछ विद्वान… Continue reading उत्तर आधुनिकतावाद (Post Modernism)