एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)

माधव राव सप्रे कृत ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ कहानी की समीक्षा व सम्पूर्ण अध्ययन माधव राव सप्रे का जीवन परिचय- (19 जून 1871 - 23 अप्रैल 1926) पंडित माधवराव सप्रे का जन्म 19 जून 1871 ई० में पथरिया, दमोह, मध्यप्रदेश में हुआ था। सप्रे जी एक कहानीकार निबंधकार, समीक्षक, अनुवादक और संपादक के रूप में… Continue reading एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी)

मुंशी प्रेमचंद कृत ‘दुनिया का सबसे अनमोल रतन’(कहानी)

प्रेमचंद का संक्षिप्त जीवन परिचय- (31 जुलाई 1880 - 08 अक्तुबर 1936) प्रेमचंद का जन्म वाराणसी से लगभग चार मील दूर लमही नामक गाँव में हुआ था। प्रेमचंद के पिता का नाम मुंशी अजायबराय था। वे डाकमुंशी थे। उनकी माता आनंदी देवी थी। उनका घर का नाम ‘धनपत राय श्रीवास्तव’ था। ‘नबाब राय’ के नाम… Continue reading मुंशी प्रेमचंद कृत ‘दुनिया का सबसे अनमोल रतन’(कहानी)

मुंशी प्रेमचंद ‘ईदगाह’ (कहानी)

मुंशी प्रेमचंद कृत ‘ईदगाह’ कहानी की समीक्षा व सम्पूर्ण अध्ययन प्रेमचंद का संक्षिप्त जीवन परिचय- (31 जुलाई 1880 - 08 अक्तुबर 1936) प्रेमचंद का जन्म वाराणसी से लगभग चार मील दूर लमही नामक गाँव में हुआ था। प्रेमचंद के पिता का नाम मुंशी अजायबराय था। वे डाकमुंशी थे। उनकी माता आनंदी देवी थी। उनका घर… Continue reading मुंशी प्रेमचंद ‘ईदगाह’ (कहानी)

राही (कहानी)

सुभद्रा कुमारी चौहान कृत ‘राही’ कहानी की समीक्षा व सम्पूर्ण अध्ययन सुभद्रा कुमारी चौहान का जीवन परिचय : (16 अगस्त 1909-15 फ़रवरी 1948) सुभद्रा कुमारी का जन्म नागपंचमी के दिन 16 अगस्त 1909 को इलाहाबाद के निकट निहालपुर गाँव में एक संपन्न परिवार में हुआ था। 1913 में जब वे नौ वर्ष की थी तभी… Continue reading राही (कहानी)

दुलाईवाली (कहानी)

बंग महिला की कहानी ‘दुलाईवाली’ का मुख्य बिंदु और सारांश : हिन्दी की प्रथम कहानीकार राजेन्द्र बाला घोष (छद्दम नाम- बंग महिला) श्रीमती राजेन्द्र बाला घोष का जन्म 1882 ई० में बनारस में और मृत्यु 1912 में हुआ था। बंग महिला घोष द्वारा लिखित ‘दुलाईवाली’ कहानी 1907 की ‘सरस्वती’ पत्रिका के  भाग-8, संख्या 5 में… Continue reading दुलाईवाली (कहानी)

‘चंद्रदेव से मेरी बातें’ (कहानी)

‘चंद्रदेव से मेरी बातें’ कहानी – राजेन्द्रबाला घोष (बंग महिला) की समीक्षा और पात्र परिचय -  लेखिका का परिचय- हिन्दी की प्रथम कहानीकार श्रीमती राजेन्द्र बाला घोष (छद्दम नाम- बंग महिला) का जन्म 1882ई० में बनारस में हुआ था। बंग महिला हिंदी- नवजागरण की पहली छापामार लेखिका थी। उनके पिता का नाम रामप्रसन्न घोष और… Continue reading ‘चंद्रदेव से मेरी बातें’ (कहानी)

धनतेरस

 धनतेरस कार्तिक महीने में कृष्ण पक्ष के ‘त्रयोदशी’ तिथि को मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था। कई जगहों पर इसे ‘जमदियारी’ भी कहते हैं। भारत सरकार ने धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। जैन आगम में धनतेरस को 'धन्य तेरस' या 'ध्यान… Continue reading धनतेरस

उस पीढ़ी के लोग

हम उस पीढ़ी के लोग हैं जिन्होंने अपने जीवन को हर मुश्किलों में जीते हुए यहाँ तक पहुंचा है। शायद हमारे पूर्वजों ने इसतरह के दिन नहीं देखें होंगे जो हम देख रहे हैं। हमने जो अपने जीवन में देखा है हमारे बच्चों ने उसे नहीं देखा और आने वाली पीढ़ियाँ भी उसे नहीं देखेंगी।… Continue reading उस पीढ़ी के लोग

लोकोक्तियाँ (proverbs)

‘लोकोक्ति’ का अर्थ होता है लोक में प्रचलित ‘उक्ति या कथन’। यह दो शब्दों के मेल से बना है ‘लोक+उक्ति’ लोक का अर्थ होता है ‘लोक’ और ‘उक्ति’ का अर्थ होता है ‘कथन’। अथार्त लोक में प्रचलित उक्ति या कथन। लोकोक्ति के रचनाकार का पता नहीं होता है। इसलिए अंग्रेजी में इसकी परिभाषा दी गई… Continue reading लोकोक्तियाँ (proverbs)

रामरस (नमक) salt

हमारे जीवन में रामरस का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। जिस प्रकार राम के बिना जीवन अधूरा है। उसी प्रकार रामरस के बिना भोजन अधूरा है। हम चाहे जितना भी जायकेदार भोजन बना ले और उसमे नमक नहीं डाले तो भोजन का जायका ही बिगड़ जाता है। नमक रसोईघर की सबसे महत्वपूर्ण वस्तु है। यह… Continue reading रामरस (नमक) salt