द फिलास्फी ऑफ बम

दुर्गा भाभी 07 अक्तूबर 1902 – 14 अक्तूबर 1999 दुर्गा भाभी एक ऐसी महान क्रांतिकारी महिला थीं, जिसने भारत की आजादी के लिए अपने पति तक को न्योछावर कर दिया। मुझे कवि श्यामपाल सिंह की वे पंक्तियाँ याद आ रही हैं जो उन्होंने ‘चंद्रशेखर आजाद’ के बारे में लिखा था- ‘स्वतंत्रता  रण के रणनायक  अमर… Continue reading द फिलास्फी ऑफ बम

छायावाद में मुकुटधर पाण्डेय की भूमिका (आलेख)

हिन्दी साहित्य को पढ़ना और पढ़ाना जितना आसान समझा जाता है, असल में यह उतना आसन है नहीं। हिन्दी साहित्य में अनेक विधाएं हैं। उन सभी विधाओं में काव्य और काव्य की विधा में ‘छायावाद’ का तो कुछ कहना ही नहीं। छायावाद हिन्दी साहित्य की अत्यंत समृद्ध, सौन्दर्यशालिनी, सशक्त एवं कलात्मक काव्यधारा रही है। हिन्दी… Continue reading छायावाद में मुकुटधर पाण्डेय की भूमिका (आलेख)

गोत्र (Lineage)

विवाह के पश्चात् हर बेटी या लड़की को उसके पिता का गोत्र छोड़कर पति का गोत्र अपनाना होता है। यह एक परम्परा है। इस परम्परा के पीछे कुछ कारण अवश्य होंगे। उसे जानने और समझने का प्रयास करते हैं। पहले इसका वैज्ञानिक कारण जानने का प्रयास करते हैं। हम सभी जानते हैं कि स्त्री में… Continue reading गोत्र (Lineage)

‘श्रम का महत्व’ लिंकन (लघु कथा)

अब्राहम लिंकन अमेरिका के सोलहवें और अश्वेत राष्ट्रपति थे। जब वे अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे, उस समय उनके पिता मोची का काम करते थे। सीनेट सभा में कुछ घमंडी और अहंकारी व्यक्ति इस बात से बहुत दुखी और नाराज थे कि एक मोची का बेटा राष्ट्रपति कैसे बन गया? पहला दिन सीनेट में जैसे… Continue reading ‘श्रम का महत्व’ लिंकन (लघु कथा)

‘पल्लू’ की गरिमा (लघु कथा)

‘पर्दा’ अरबी भाषा से आया हुआ शब्द है। जिसका अर्थ होता है, ‘ढकना’। ‘बुर्का’ भी एक तरह से घूँघट ही है, जिसे मुस्लिम समुदाय की महिलाएँ और लडकियाँ पुरुषों के गलत निगाह से बचने के लिए पहनती हैं। भारत में घूँघट प्रथा भी इस्लामों की देन है। इस्लामी आक्रमणकारियों और लुच्चे-लफंगों से अपनी बचाव के… Continue reading ‘पल्लू’ की गरिमा (लघु कथा)

दर्द का हिसाब (कविता)

दर्दों का कारवां, साथ चलता ही रहा, आँखें नम हुई, दिल थम सा गया। अब इतना भी, दर्द न दे ऐ जिंदगी! कि हिसाब भी, इसका कर न सकूँ। कुछ देकर दर्द, इतराते हैं, कुछ लेकर दर्द, हिम्मत बढ़ाते हैं। बस आदत अपनी कुछ ऐसी है, जो दर्द में भी दर्द सहती है। अब हिम्मत… Continue reading दर्द का हिसाब (कविता)

दिलचस्प कहानी (लघु कथा)

सन् 1994 की बात है, उस समय हमारे देश के राष्ट्रपति श्री शंकर दयाल शर्मा जी थे। अधिकारिक यात्रा पर वे मस्कट गए थे। उस समय एयर इण्डिया में तीन दुर्लभ बातें हुई थी। पहली बात यह हुई कि ओमान के राजा ‘कबूस बिन सईद अल सईद’ किसी भी देश के गणमान्य व्यक्ति को हवाई… Continue reading दिलचस्प कहानी (लघु कथा)

अच्छे कर्मो का फल (लघु कथा)

कहा गया है कि माता-पिता के कर्मो का फल बच्चे को मिलता है। यह कहानी ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में रहनेवाले फ्लेमिंग नामक एक गरीब किसान की है। फ्लेमिंग एक दिन अपने खेत में काम कर रहे थे। अचानक उसी समय उन्हें किसी के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी। वे काम छोड़कर उस आवाज की ओर… Continue reading अच्छे कर्मो का फल (लघु कथा)

सीता को तोते का शाप

देवताओं और ऋषि-मुनियों द्वारा मनुष्य को खुश होकर ‘वरदान’ देना और क्रोधित होने पर ‘शाप’ देना। यह प्रथा सबसे अधिक ‘रामायण’ काल और ‘महाभारत’ काल में था। वरदान और शाप से संबंधित अधिक कथाएँ भी उन्हीं दोनों कालों में हुई। यह प्रथा आज भी समाज में विद्यमान है। रामायण के हर पन्ने में कोई-न-कोई रहस्य… Continue reading सीता को तोते का शाप

बरगद को वरदान

प्रभु श्री राम के वन जाने से अयोध्या के सभी निवासी दु:खी थे। राजा दशरथ, अपने दोनों बेटे और बहु के वियोग को बर्दाश्त नहीं कर सके। वे स्वर्ग सिधार गए। पिता की मृत्यु की खबर से राम, लक्ष्मण और सीता बहुत दु:खी हुए। उन्होंने जंगल में ही पिंडदान करने का निश्चय किया। पिंडदान के… Continue reading बरगद को वरदान