‘उर्वशी’ खंडकाव्य पर आधारित प्रश्नोत्तरी

1. ‘उर्वशी’ खंडकाव्य का प्रकाशन वर्ष क्या है?

A. 1960 ई. B. 1961 ई. C. 1962 ई. D. 1963 ई.

2. निम्न में से ‘उर्वशी’ का काव्य रूप क्या है?

A. खंडकाव्य       B. महाकाव्य

C. चरितकाव्य      D. मुक्तककाव्य 

3. “पुरुरवा:! पुनरस्तं परेहि,

दुरापना बात इवाहमस्मि।”

‘उर्वशी’ का तृतीय अंक किस बीज भाव पर केद्रित है। इसका स्रोत क्या है?

A. ऋग्वेद            B. यजुर्वेद

C. तैत्तरीय उपनिषद्    D. ब्रह्मवैवर्त पुराण

4. उर्वशी पर लिखी गई किसकी समीक्षा से विवाद उत्पन्न हो गया था?

A. नेमिचंद्र जैन           B. धर्मवीर भारती

C. भारतभूषण अग्रवाल     D. भगवतशरण उपाध्याय

5. “नारी के भीतर एक और नारी, जो अगोचर और इन्द्रियातीत है। इस नारी का संधान पुरुष तब पाता है, जब शरीर की धारा उछलते-उछलते उसे मन के समुंद्र में फेंक देती है। जब दैहिक चेतन से परे वह प्रेम की दुर्गम समाधि में पहुँचकर निस्पंदन हो जाता है।”

उपरोक्त पंक्तियाँ कहाँ से ली गई है?

A. रश्मिरथी से            B. उर्वशी की भूमिका से

C. कुरुक्षेत्र की भूमिका से    D. प्रणभंग

6. ‘उर्वशी’ में स्वाभाविकता की जगह शब्दजाल और आडंबर दिखाई देता है।” यह किस आलोचक का कथन है?

A. दिनकर        B. रामचंद्र शुक्ल

C. मुक्तिबोध      D. हजारीप्रसाद द्विवेदी

7. ‘उर्वशी’ में ओज का विलक्षण सम्मिश्रित मिलता है।” यह किसका  कथन है?

A. नामवर सिंह         B. भारत भूषण अग्रवाल

C. हजारीप्रसाद द्विवेदी   D. रामचंद्र शुक्ल

8. ‘उर्वशी’ के कथा स्रोतों की छानबीन करते हुए चोरी का माल किसने सिद्ध किया है?

A. रामचन्द्र शुक्ल         B. मुक्तिबोध

C. भगवतशरण उपाध्याय   D. डॉ. बिजेंद्रनारायण सिंह

9. ‘उर्वशी की मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक पृष्ठभूमि’ यह किसकी रचना है?

A. डॉ. मीता अरोरा    B. डॉ. मंजू श्री गर्ग

C. मुक्तिबोध         D. डॉ. कुमार विमल

10. “मचान पर बैठे-बैठे बीन बजाते-बजाते थक गया हूँ। अबकुछ ऐसा लिखना चाहता हूँ, जिसमें आत्मा का रस अधिक हो।”

उपरोक्त पंक्ति ‘दिनकर’ ने अपनी किस रचना के संबंध में कहाँ है?   

    A. कुरुक्षेत्र   B. रश्मिरथी   C. उर्वशी D. प्रणभंग

11. ‘उर्वशी’ को मर्दानी औरत की ‘संज्ञा’ किसने दिया?

A. नामवर सिंह       B. मुक्तिबोध

C. रामचन्द्र शुक्ल     D. डॉ. बिजेंद्रनारायण सिंह

12. ‘उर्वशी’ में प्रेम को एक बोधात्मक विषय के रूप में स्वीकार किया

गया है और उसे भारतीय ढंग से उनयन के सहारे वासना से दर्शन तक पहुँचाया गया है।”

उपरोक्त कथन किस विद्वान् का है?

A. रामचन्द्र शुक्ल     B. नामवर सिंह

C. डॉ. कुमार विमल   D. हजारीप्रसाद द्विवेदी

13. “जीवन में सूक्ष्म का आनंद और निरुदेश्य सुख के जितने भी सोते हैं, वे कहीं न कहीं काम के पर्वत से फूटते है। जिसका काम कुंठित, उपेक्षित अथवा अवरुद्ध है वह आनंद के अनेक सूक्ष्म रूपों से वंचित रह गया है।” प्रस्तुत पंक्ति किस रचना से है?

A. रसवंती B. रश्मिरथी C. उर्वशी की भूमिका D. प्रणभंग  

14. “कमात्मक मनोरति और संवेदनाओं में डूबना उतरना चाहते हैं, साथ ही इस गतिविधि को सांस्कृतिक ध्वनियों और प्रतिध्वनियों का निनाद है, और बहुत से स्थानों पर अर्थ की वायवीय शुन्यताये है।” यह किस विद्वान का कथन है?

A. दिनकर            B. मुक्तिबोध

C. रामस्वरूप चतुर्वेदी   D. रामचंद्र शुक्ल

15. ‘उर्वशी’ को ‘समष्टि चित् की उद्यम चेतना’ किसने कहाँ है?”

A. रामचन्द्र शुक्ल    B. हजारीप्रसाद द्विवेदी ने

C. नामवर सिंह ने    D. रामस्वरूप चतुर्वेदी  

16. ‘उर्वशी होना नारी का अपमान है’ यह किसकी रचना है?

A. डॉ. धर्मवीर भारती  B. प्रियम अंकित

C. दिनकर           D. कुमार विमल

17. कौन सी रचना में ‘फ्रायड’ के आधुनिक काम सिद्धांत को महत्व प्रदान किया गया है?

A. प्रियप्रवास में B. उर्वशी में C. कामायनी में D. हे मेरी तुम

18. “कितना विलक्षण न्याय है।

 कोई न पास उपाय है।

 अवलम्ब है सबको,

 मगर नारी बहुत असहाय है।” ‘उर्वशी’ रचना में यह किसका कथन है?

A. मेनका   B. उर्वशी   C. औशिनरी   D. रंभा

19. ‘उर्वशी’ के किस सर्ग में ‘कामध्यात्म’ का वर्णन मिलता है? 

A. प्रथम सर्ग B. द्वितीय सर्ग C. तृतीय सर्ग D. चतुर्थ सर्ग

20. “दृष्टि का जो पेय है, वह रक्त का भोजन नहीं।” यह उर्वशी के किस सर्ग से लिया गया है और किसके द्वारा कहा गया है?

A. प्रथम सर्ग- मेनका      B. तृतीय सर्ग- पुरुरवा

C. पंचम सर्ग- औसिनरी    D. चतुर्थ सर्ग- च्यवनऋषि  

21. “टूटता तोड़े नहीं यह किसलयों का दाम,

फूलों की लड़ी जो बंध गई, खुलती नहीं है।” यह किस रचना की पंक्ति है?

A. उर्वशी   B. हुंकार   C. रसवंती   D. रश्मिरथी

22. “नारी को पर्याय बताकर तप सिद्धि भूमा का सचमुच त्रिया जाति को ऋषि ने अद्भुत मान दिया है।” उर्वशी में यह किसका कथन है?

  1. पुरुरवा   B. उर्वशी   C. चित्रलेखा  D. मेनका

23. ‘छायावादी’ ‘हैंग ओवर’ के खुमार का कवि किसको, किसने कहा है?

A. प्रियम अंकित ने ‘दिनकर’  B. मीता अरोड़ा ने ‘दिनकर’ 

C. कुमार विमल ने ‘दिनकर’  D. मुक्तिबोध ने ‘दिनकर’  

24. ‘उर्वशी पुरुष आध्यात्म का रुमान’ किसकी रचना है?

  A. दिनकर B. प्रियम अंकित C.मुक्तिबोध D. कुमार विमल

25. उर्वशी को ‘मणिकुट्टीम काव्य’ किसने कहा है?

    A. हरिवंशराय बच्चन   B. रामधारी सिंह दिनकर

C. डॉ. बच्चन सिंह     D. श्रीनरेंद्र शर्मा

26. “उर्वशी प्रेम कि अतल गहराई का अनुसंधान करने के लिए लिखी गई है।” यह किसका कथन है?

A. नामवर सिंह     B. रामधारी सिंह दिनकर 

C. रामचंद्र शुक्ल    D. मुक्तिबोध 

27. “कविताओं में हम जिस नारी का बखान सुनते हैं वह किसी की भी बेटी बहन या भार्या नहीं होती। वह तो अनामिका अशरीरी कल्पना की प्रतिमा है। जिसके अंग पर उम्रों के दाग नहीं लगते।” यह किसका विद्वान् का कथन है?

A. नामवर सिंह      B. हजारीप्रसाद द्विवेदी 

C. रामचन्द्र शुक्ल    D. दिनकर

28. ‘उर्वशी का प्रेम दर्शन’ किसकी रचना है?

    A. डॉ. मंजू श्री गर्ग     B. कुमार विमल

C. दिनकर            D. विमल कुमार

29. “इस कथन को लेने में वैदिक आख्यान की पुरावृत्ति अथवा वैदिक प्रसंग का प्रत्यावर्तन मेरा ध्येय नहीं रहा है। मेरी दृष्टि में ‘पुरुरवा’ सनातन नर का प्रतीक है और ‘उर्वशी’ सनातन स्त्री का।” यह कथन किस आलोचक का है?

A. दिनकर           B. रामस्वरूप चतुर्वेदी

C. डॉ. बच्चन सिंह    D. मुक्तिबोध

30. “इंद्रियों के मार्ग से अतीन्द्रिय धरातल का स्पर्श यही प्रेम की आध्यात्मिक महिमा है।” यह किस विद्वान् का कथन है?

A. डॉ. बच्चन सिंह   B. नामवर सिंह

C. दिनकर          D. रामस्वरूप चतुर्वेदी

31. “प्रेम का आरंभ भौतिकता में और परिपाक आध्यात्म में है प्रेम पहले ‘फिजिक्स’ और तब ‘मेटाफिजिक्स’ होता है।” यह दिनकर की किस रचना की भूमिका से लिया गया है?

A. उर्वशी  B. रश्मिरथी  C. कुरुक्षेत्र  D. रसवंती

32. “शरीर प्रेम की जन्भूमि है और जैसा सबलोग जनभूमि से प्रेम करते हैं वैसे ही प्रेम को भी अपनी जन्मभूमि अन्य सभी भूमियों से अधिक पसंद है।” यह किस आलोचक का कथन है?

A. हजारीप्रसाद द्विवेदी    B. रामचन्द्र शुक्ल

C. रामधारी सिंह दिनकर   D. रामस्वरूप चतुर्वेदी  

33. “उर्वशी विश्व ब्रह्माण्डमयी मानस की नित्य-नवीन सौंदर्य कल्पना के रूप में ऐसी निखरी है कि आश्चर्य होता है…उर्वशी विराट मानव की कालजयी कल्पना है….यह समाधिस्थ चित को विराट मानस से एकाकार हो गया था।” यह किस आलोचक का कथन है?

A. रामस्वरूप चतुर्वेदी   B. हजारीप्रसाद द्विवेदी

C. रामचन्द्र शुक्ल     D. रामधारी सिंह दिनकर

34. “स्वर्गीय वस्तुएँ धरती में मिले बिना मनोहर नहीं होती।” यह किस विद्वान का कथन है?

A. डॉ. बच्चन सिंह       B. रामस्वरूप चतुर्वेदी 

C. हजारीप्रसाद द्विवेदी   D. रामधारी सिंह दिनकर

35. “दिनकर कृत उर्वशी एक विलक्षण काव्य है। दैहिक काम संवेदना की परिपूर्ति में परम तत्व के साक्षात्कार का प्रयत्न ही इस विलक्षणता को जन्म देता है।” यह कथन किस विद्वान का है?

A. हरिवंशराय बच्चन     B. डॉ. बच्चन सिंह

C. मुक्तिबोध           D. डॉ. नगेंद्र

36. “सृष्टि हमारी नहीं संकुचित किसी एक आनन में,

किसी एक के लिए सुरभि, हम नहीं सजोती मन में।” यह किस अप्सरा का कथन है?

A. रंभा  B. उर्वशी  C. मेनका  D. औशीनरी

37. “उर्वशी के प्रथम अंक को सूच्य अंक माना जा सकता है, जिसमें अप्सराओं द्वारा घटनाओं का वर्णन तो कराया ही जाता है, उर्वशी की मूल समस्या की स्थापना भी उन्हीं के द्वारा कराई जाती है।” यह किस विद्वान/ या विदुषी का कथन है?

A. डॉ. विजयेन्द्र स्नातक   B. डॉ. देवराज

C. डॉ. मंजू श्री गर्ग       D. डॉ. सावित्री सिन्हा  

38. “दिनकर गति के कवि हैं, यति में उन्हें आयास करना पड़ता है।” यह किस आलोचक का कथन है?

A. डॉ. बच्चन सिंह        B. रामस्वरूप चतुर्वेदी

C. हजारीप्रसाद द्विवेदी    D. मुक्तिबोध

39. ‘दिनकर’ जी को ‘दिग्भ्रमित’ राष्ट्रकवि किसने कहा?

A. कामेश्वर शर्मा    B. कमलेश्वर सिंह

C. नंदकिशोर नवल  D. मुक्तिबोध  

40. ‘उर्वशी’ का यह तृतीय अंक स्वर्ग और मर्त्यलोक कल्पलोक और वास्तविकता वेग और विराम के द्वंद्व का अद्भुत गान है।”

A. डॉ. बच्चन सिंह       B. हरिवंशराय बच्चन

C. हजारीप्रसाद द्विवेदी    D. डॉ. नगेंद्र

41. ‘पुरुरवा’ और ‘उर्वशी’ के मध्य संवाद किस पर्वत पर होता है?

  A. नीलगिरी पर्वत   B. विंध्याचल पर्वत

C. अरावली पर्वत    D. गंधमादन पर्वत

जय हिंद

सभी प्रश्नों के उत्तर:

1. B. 1961 ई

2. A. खंडकाव्य

3. A. ऋग्वेद 

4. D. भगवतशरण उपाध्याय

5. B. उर्वशी की भूमिका से

6. C. मुक्तिबोध

7. B. भारत भूषण अग्रवाल

8. C. भगवतशरण उपाध्याय  

9. B. डॉ. मंजू श्री गर्ग

10. C. उर्वशी

11. D. डॉ. बिजेंद्रनारायण सिंह

12. C. डॉ. कुमार विमल  

13. C. उर्वशी की भूमिका

14. B. मुक्तिबोध

15. B. हजारीप्रसाद द्विवेदी ने

16. A. डॉ. धर्मवीर भारती

17. B. उर्वशी में

18. C. औशिनरी  

19. C. तृतीय सर्ग

20. B. तृतीय सर्ग, पुरुरवा

21. A. उर्वशी

22. C. चित्रलेखा

23. A. प्रियम अंकित ने ‘दिनकर’

24. B. प्रियम अंकित

25. D. श्री नरेंद्र शर्मा

26. B. रामधारी सिंह दिनकर

27. D. दिनकर

28. A. डॉ. मंजू श्री गर्ग

29. A. दिनकर

30. C. दिनकर

31. A. उर्वशी  

32. C. रामधारी सिंह दिनकर

33. B. हजारीप्रसाद द्विवेदी

34. C. हजारीप्रसाद द्विवेदी

35. C. मुक्तिबोध

36. A. रंभा

37. D. डॉ. सावित्री सिन्हा

38. C. हजारीप्रसाद द्विवेदी

39. A. कामेश्वर शर्मा

40. C. हजारीप्रसाद द्विवेदी

41. D. गंधमादन पर्वत

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.