1. ‘चंद्रगुप्त’ नाटक का प्रकाशन वर्ष क्या था? A. 1928 ई. B. 1929 ई. C. 1930 ई. D. 1931 ई. 2. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘चंद्रगुप्त’ नाटक में अंकों की संख्या कितनी है? A. तीन B. चार C. पाँच D. छह 3. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘चंद्रगुप्त’ नाटक में कुल कितने दृश्य हैं? A. 42… Continue reading ‘चंद्रगुप्त’ नाटक प्रशोत्तरी
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भारत की एकता और अखंडता में हिंदी भाषा का महत्व
भारतेंदु, मैथिली, महावीर का अखिल संसार है हिंदी। सुशोभित वीणावादिनी के सुरों का हार है हिंदी। भुला रहे हैं जिसे हम पाश्चत्य के मोह में फँसकर। उसी जननी स्वरुप भूमि का श्रृंगार है हिंदी। हिंदी ‘स्वयंप्रभा’ है वह सत्ता की नहीं जनता की भाषा है और व्यापक जनसमर्थन से संपन्न है। भाषा मानव समाज की… Continue reading भारत की एकता और अखंडता में हिंदी भाषा का महत्व
‘स्कंदगुप्त’ नाटक प्रश्नोत्तरी
1. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘स्कंदगुप्त’ नाटक का प्रकाशन वर्ष हैं? A. 1927 ई. B. 1928 ई. C. 1929 ई. D. 1930 ई. 2. स्कंदगुप्त नाटक में कुल कितने अंक हैं? A. तीन B. चार C. पाँच D. छह 3. स्कंदगुप्त नाटक में कुल कितने दृश्य हैं? A. 33 B. 34 C. 35 D. 36… Continue reading ‘स्कंदगुप्त’ नाटक प्रश्नोत्तरी
नरेश मेहता समग्र परिचय
जन्म- 15 फरवरी, 1922 ई. मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के शाजापुर में हुआ था। निधन- 22 नवंबर. 2000 ई. पिता- पंडित बिहारीलाल मूलनाम- पूर्णशंकर शुक्ल (नई कविता के प्रमुख कवि) नरसिंहगढ़ की राजमाता ने एक काव्य सभा में उनके काव्यपाठ पर प्रसन्न होकर उन्हें ‘नरेश’ की उपाधि दी। कालांतर में इन्होंने यही नाम रख लिया।… Continue reading नरेश मेहता समग्र परिचय
राधाचरण गोस्वामी समग्र परिचय
जन्म- 25 फरवरी, 1859, वृन्दावन निधन- 12 दिसंबर, 1925 पिता- गल्लूजी महाराज/ गुणमंजरी दास जी एक भक्त कवि थे। प्रमुख तथ्य- 1. राधाचरण गोस्वामी जी के साहित्यिक जीवन का आरम्भ 1877 ई. में हुआ था। इसी वर्ष उनकी पुस्तक ‘शिक्षामृत’ का प्रकाशन हुआ था। यह उनकी प्रथम पुस्तकाकार रचना थी। 2. उनकी साहित्यिक उपलब्धियों की अनेक… Continue reading राधाचरण गोस्वामी समग्र परिचय
राधाकृष्ण दास समग्र परिचय
जन्म- 1865 ई. काशी निधन- 1907 ई. पिता का नाम- कल्याणदास तथा माता का नाम- गंगाबीबी था। ये भारतेंदु हरिश्चन्द्र की बुआ थी। राधाकृष्ण दास वल्लभ संप्रदाय/ पुष्टिमार्ग में दीक्षित थे। राधा कृष्ण दास की प्रमुख काव्य रचनाएँ- 1. भारत बारहमास- यह राष्ट्रभक्ति से संबंधित कविताओं का संकलन है। इसमें 57 कविताएँ संकलित हैं। इनकी… Continue reading राधाकृष्ण दास समग्र परिचय
बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ संपूर्ण परिचय
उपाध्याय पं. बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ जन्म- 1 सितंबर 1855 ई. उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के दत्तापुर ग्राम के एक संपन्न ब्राह्मण परिवार में हुआ था। निधन- 12 मार्च 1922 ई. उपनाम- ‘प्रेमघन’ बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ द्वारा संपादित पत्रिकाएँ- 1. आनंदकादंबिनी- 1881 ई. (मिर्जापुर) 2. नागरी नीरद- 1893 ई. ये उर्दू में ‘अब्र’ (तखल्लुस) उपनाम नाम… Continue reading बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ संपूर्ण परिचय
दादी
‘वृद्धाश्रम’ इस नाम को सुनकर अब ना तो बुरा लगता है, और ना ही कोई आश्चर्य होता है, अब तो आदत सी पड़ गई है। फौजी महेश्वर सिंह और उनकी पत्नी लक्ष्मी के दो बच्चे थे। एक बेटा और एक बेटी भगवान ने उनकी दोनों मनोकामना पूरी कर दी थी। दोनों बहुत खुश थे। जहाँ-जहाँ… Continue reading दादी
भारतेंदु हरिश्चन्द्र समग्र परिचय
भारतेंदु जन्म- 9 सितंबर, 1850 ई. काशी निधन- 6 जनवरी, 1885 ई. काशी पिता- गोपालचंद्र (ये गिरिधरदास उपनाम से रचनाएँ लिखते थे। नाटक ‘नहुष’ (1843 ई.) माता- मणि देवी (मन्नी देवी) गुरु- राजा शिवप्रसाद ‘सितार-ए-हिंद’, इनसे इन्होंने अंग्रेजी की शिक्षा ग्रहण की। पंडित ईश्वरदत्त से- हिंदी की शिक्षा ग्रहण की। मौलवी ताजअली से- उर्दू की… Continue reading भारतेंदु हरिश्चन्द्र समग्र परिचय
प्रतापनारायण मिश्र संपूर्ण परिचय
रचनाकार - प्रतापनारायण मिश्र (1856 - 1894 ई.) जन्म - 1856 ई. बैजेगाँव, उन्नाव (म.प्र.) निधन- 1894 ई. में हुआ। पिता- संकटाप्रसाद मिश्र प्रतापनारायण मिश्र जी के उपनाम- 1. आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी ने इन्हें ‘हिंदी का एडिसन’ कहा। 2. भारतेंदु जैसी रचना शैली, विषयवस्तु और भाषागत के कारण प्रतापनारायण मिश्र को ‘प्रति-भारतेंदु’ या ‘द्वितीय… Continue reading प्रतापनारायण मिश्र संपूर्ण परिचय