सुंदर विचार

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ समग्र परिचय

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जन्म- 23 सितंबर 1908 ई. सिमरिया, मुंगेर बिहार निधन- 24 अप्रैल 1974 ई. पिता- रविसिंह और माता- मनरूप देवी थी। काव्य गुरु- महावीर प्रसाद द्विवेदी आध्यात्मिक गुरु- ये रामकृष्ण परमहंस को मानते थे। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के उपनाम 1. इन्होंने स्वयं को कहा- ‘दिनकर’ 2. अज्ञेय- ‘समय सूर्य’ 3. मुक्तिबोध- ‘राग व… Continue reading रामधारी सिंह ‘दिनकर’ समग्र परिचय

पुरुष विमर्श

सब कहते हैं कि लडकियाँ परायी होती हैं कोई माने या न माने,   लडकियाँ नहीं लड़के पराये होते हैं। कुछ कहते हैं, मर्द को दर्द नहीं होता कौन कहता है? मर्द को दर्द नहीं होता? दर्द होता है, लेकिन किससे कहे वो   कौन मानता है उसकी? इसीलिए कहा जाता है कि कानून अंधा… Continue reading पुरुष विमर्श

‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक प्रश्नोत्तरी

1. ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक का प्रकाशन वर्ष क्या था? A. 1931 ई.   B. 1932 ई. C. 1933 ई. D. 1934 ई. 2. ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक में कितने अंक हैं? A. तीन B. चार C. पाँच D. छह 3. ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक की पात्र कोमा किसकी पालित पुत्री थी? A. शिखरस्वामी B. शकराज C. खिंगिल D. मिहिरदेव 4. ‘ध्रुवस्वामिनी’… Continue reading ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक प्रश्नोत्तरी

‘चंद्रगुप्त’ नाटक प्रशोत्तरी

1. ‘चंद्रगुप्त’ नाटक का प्रकाशन वर्ष क्या था? A. 1928 ई. B. 1929 ई. C. 1930 ई. D. 1931 ई.  2. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘चंद्रगुप्त’ नाटक में अंकों की संख्या कितनी है? A. तीन   B. चार   C. पाँच   D. छह  3. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘चंद्रगुप्त’ नाटक में कुल कितने दृश्य हैं?  A. 42… Continue reading ‘चंद्रगुप्त’ नाटक प्रशोत्तरी

भारत की एकता और अखंडता में हिंदी भाषा का महत्व

भारतेंदु, मैथिली, महावीर का अखिल संसार है हिंदी।  सुशोभित वीणावादिनी के सुरों का हार है हिंदी।  भुला रहे हैं जिसे हम पाश्चत्य के मोह में फँसकर।  उसी जननी स्वरुप भूमि का श्रृंगार है हिंदी। हिंदी ‘स्वयंप्रभा’ है वह सत्ता की नहीं जनता की भाषा है और व्यापक जनसमर्थन से संपन्न है। भाषा मानव समाज की… Continue reading भारत की एकता और अखंडता में हिंदी भाषा का महत्व

‘स्कंदगुप्त’ नाटक प्रश्नोत्तरी

1. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘स्कंदगुप्त’ नाटक का प्रकाशन वर्ष हैं? A. 1927 ई. B. 1928 ई. C. 1929 ई. D. 1930 ई.  2. स्कंदगुप्त नाटक में कुल कितने अंक हैं? A. तीन   B. चार   C. पाँच   D. छह 3. स्कंदगुप्त नाटक में कुल कितने दृश्य हैं? A. 33   B. 34   C. 35   D. 36… Continue reading ‘स्कंदगुप्त’ नाटक प्रश्नोत्तरी

नरेश मेहता समग्र परिचय

जन्म- 15 फरवरी, 1922 ई. मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के शाजापुर में हुआ था। निधन- 22 नवंबर. 2000 ई. पिता- पंडित बिहारीलाल मूलनाम- पूर्णशंकर शुक्ल (नई कविता के प्रमुख कवि) नरसिंहगढ़ की राजमाता ने एक काव्य सभा में उनके काव्यपाठ पर प्रसन्न होकर उन्हें ‘नरेश’ की उपाधि दी। कालांतर में इन्होंने यही नाम रख लिया।… Continue reading नरेश मेहता समग्र परिचय

राधाचरण गोस्वामी समग्र परिचय

जन्म- 25 फरवरी, 1859, वृन्दावन   निधन- 12 दिसंबर, 1925  पिता- गल्लूजी महाराज/ गुणमंजरी दास जी एक भक्त कवि थे। प्रमुख तथ्य- 1. राधाचरण गोस्वामी जी के साहित्यिक जीवन का आरम्भ 1877 ई. में हुआ था। इसी वर्ष उनकी पुस्तक ‘शिक्षामृत’  का प्रकाशन हुआ था। यह उनकी प्रथम पुस्तकाकार रचना थी। 2. उनकी साहित्यिक उपलब्धियों की अनेक… Continue reading राधाचरण गोस्वामी समग्र परिचय

राधाकृष्ण दास समग्र परिचय

जन्म- 1865 ई. काशी निधन- 1907 ई. पिता का नाम- कल्याणदास तथा माता का नाम- गंगाबीबी था। ये भारतेंदु हरिश्चन्द्र की बुआ थी। राधाकृष्ण दास वल्लभ संप्रदाय/ पुष्टिमार्ग में दीक्षित थे। राधा कृष्ण दास की प्रमुख काव्य रचनाएँ- 1. भारत बारहमास- यह राष्ट्रभक्ति से संबंधित कविताओं का संकलन है। इसमें 57 कविताएँ संकलित हैं। इनकी… Continue reading राधाकृष्ण दास समग्र परिचय

बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ संपूर्ण परिचय

उपाध्याय पं. बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ जन्म- 1 सितंबर 1855 ई. उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के दत्तापुर ग्राम के एक संपन्न ब्राह्मण परिवार में हुआ था। निधन- 12 मार्च 1922 ई. उपनाम- ‘प्रेमघन’ बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ द्वारा संपादित पत्रिकाएँ- 1. आनंदकादंबिनी- 1881 ई. (मिर्जापुर) 2. नागरी नीरद- 1893 ई. ये उर्दू में ‘अब्र’ (तखल्लुस) उपनाम नाम… Continue reading बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ संपूर्ण परिचय