सती अनुसुईया

सती अनुसूईया महर्षि अत्री की पत्नी थी जो अपने पतिव्रता धर्म के कारण विख्यात थी। एक दिन देव ऋषि नारद जी बारी-बारी से विष्णुजी, शिव जी और ब्रह्मा जी की अनुपस्थिति में विष्णु लोक, शिवलोक तथा ब्रह्मलोक पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने लक्ष्मी जी, पार्वती जी और सावित्री जी के सामने अनुसुईया के पतिव्रत धर्म का बढ़-चढ़ कर प्रशंसा की तथा कहा कि समस्त सृष्टि… Continue reading सती अनुसुईया

हमारे बुजुर्ग

परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। यह हर स्थिति में होना ही है। जैसे- एक वस्तु से दूसरी वस्तु में परिवर्तन, प्रकृति में ऋतुओं का परिवर्तन, युद्ध के बाद शांति में परिवर्तन आदि। उसी प्रकार वृद्ध अवस्था भी परिवर्तन का ही एक हिस्सा है जिसे हम मानव जीवन का चक्र कह सकते हैं। प्रत्येक जीवात्मा… Continue reading हमारे बुजुर्ग

ईश्वरचंद्र विधासागर

कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दिन मंगलवार को भड़की हिंसा के दौरान कॉलेज परिसर में स्थित महान दार्शनिक, समाजसुधारक और लेखक ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी गई थी। कलकता में यही एक ऐसा पहला निजी कॉलेज है, जिसे भारतीयों ने चलाया। इसमें पढ़ाने वाले शिक्षक भी भारतीय ही रहे।… Continue reading ईश्वरचंद्र विधासागर

भरोसा और विश्वास

आज भी मुझे अपने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई जी का वह भाषाण याद आता है। जब उन्होंने सदन में कहा था- मुझपर आरोप लगाया गया है, और यह आरोप मेरे ह्रदय में घाव कर दिया है। आरोप था- " मुझे सत्ता का लोभ हो गया है"। मैंने पिछले दस दिनों में जो भी… Continue reading भरोसा और विश्वास

वैशाली-वधू

आम्रपाली बौद्ध काल के इतिहास की एक ऐसी स्त्री पात्र थी। जिसे सबसे खूबसूरत महिला होने का सौभाग्य प्राप्त था। अपनी जिस खूबसूरती के कारण आम्रपाली प्रसिद्ध थी, उसी खूबसूरती के कारण आम्रपाली को बहुत अपमान भी सहना पड़ा था। लेकिन अन्त में यही खूबसूरती उसे अध्यात्म के मार्ग पर ले गया। एक समय की… Continue reading वैशाली-वधू

लिविंग रिलेशनशिप

यह मेरी अपनी सोच है। मेरे ख्याल से जिन दो व्यक्तियों को जीवन भर साथ रहना हैं। उसके साथ पहले ही रहकर देख लेने में क्या हर्ज है। कम से कम यह तो पता चल जाएगा कि वे दोनों जीवन भर साथ निभा सकते है या नहीं। बाद में परिवार और समाज आता है। आज… Continue reading लिविंग रिलेशनशिप

हीर रांझा प्रेम (कहानी)

आज के समय में 'लव मैरिज' का बोलबाला है। लव के बाद मैरिज हो रहा है या मैरिज के बाद लव।यह कहना बड़ा मुश्किल है। 'लव' तो उन लोगों ने किया था। जिसका उदाहरण हम आज भी देते हैं। 'लैला ने मजनू' के साथ, 'श्री ने फरहाद' के साथ 'सोनी ने महीवाल' के साथ और… Continue reading हीर रांझा प्रेम (कहानी)

आत्मसम्मान (कविता)

चाहे जो भी हो जाए, आत्मसम्मान न खोने देना। भावना से यह जुड़ा शब्द है, स्वयं को यह सम्मान दिलाता। जागृत जब होता सम्मान, तब आत्मनिर्भरता आ जाता है। बिना आत्मसम्मान के, मानव नहीं बढ़ पाता है। कष्टमयी हो जाता जीना, जब आत्मसम्मान गिर जाता है। हो जब प्राणी कर्त्तव्यपरायण, वह आत्मनिर्भर बन जाता है।… Continue reading आत्मसम्मान (कविता)

जाड़े की भोर

हुई भोर जाड़े की, ओढ़ कोहरे की चादर। रवि ने खोली देर से आंखें, सोई चिरैया देख रवि को, करली अपनी आंखें बंद। ऊषा ने जब ली अंगड़ाई, तब रवि की लाली आई। मंद-मंद सुमन मुस्काई, नभ में खग ने दौड़ लगाई। धरा प्रसन्न होकर नहाई, गीत सभी ने मिलकर गाई।