लक्ष्मी पुत्र ‘गणेश’

गणेश चतुर्दशी का त्योहार भारत के सभी राज्यों में अपने-अपने विधि अनुसार  हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पुरानों के अनुसार यह त्योहार गणपति बाप्पा के जन्मदिन के शुभ अवसर पर मनाया जाता है। महाराष्ट्र में ‘गणेश पूजा’ जगत प्रसिद्ध है। यह उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से लेकर अनन्त चतुर्दशी तक मनाया जाता है।… Continue reading लक्ष्मी पुत्र ‘गणेश’

जम्मू-कश्मीर : कुछ यादें

आज सत्तर वर्षो के बाद भारत पूर्णरूप से स्वतंत्र हुआ है। इस दिन का इंतजार हर भारतवासी को था और मुझे भी। मैं तो इस दिन का इंतजार तक़रीबन सैंतीस वर्षों से कर रही थी। आशा तो नहीं था कि कभी जम्मू-कश्मीर से 370 और 35A हटाया जा सकेगा लेकिन हमारे प्रधान मंत्री, गृह मंत्री… Continue reading जम्मू-कश्मीर : कुछ यादें

गुड़िया (संस्मरण)

सबसे पहले भगवान से यह प्रार्थना करती हूं कि हे! प्रभु, हे! भगवान किसी के जीवन में ऐसा दुःख नहीं देना जिससे वह उबर नहीं सके। यह भी कहा जाता है कि भगवान जब दुःख देता है तब उस दुःख से उबरने के लिए रास्ते भी वही बनाता है, या कहें कि हिम्मत भी वही… Continue reading गुड़िया (संस्मरण)

सुषमा स्वराज (कविता)

सुषमा जी नारी में नारायणी थी, देशवासियों की वह प्यारी थी। वाणी में सरस्वती का वाश था, ‘शब्दों’ में उनके ओज थी।     व्यक्तित्व उनके निराले थे, वो जनमानस की सहारा थी दुश्मन उनसे भय खाते थे    लक्षमी और दुर्गा की मूरत थी ‘सोने में सुहागा’ सुषमा थी। सुषमा सत्य में स्वराज्य थी।

श्री गणेश (हाइकु)

1. हे! विनायक    गौरीपुत्र गणेश    दो बुद्धि बल। 2. हे! गजानन   सब बिगड़ी बना   मंगल कर। 3. हे! गौरीपुत्र   बरदान सौभाग्य   सुख समृद्धि। 4. गौरी नंदन    हे! बिघ्न विनाशक    तुझे प्रणाम। 5. हे! शम्भु सुत   हे! दयावन्त धारी   ज्ञान दान दो। 6. हे! गौरीपुत्र   … Continue reading श्री गणेश (हाइकु)

कवि गंग (रीतिकाल)

कवि गंग रीतिकालीन काव्य धारा के प्रथम महत्वपूर्ण कवि थे। ये उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के एकनार गाँव के निवासी थे। इनका मूल नाम गंगाधर था। ये जाति के ब्राह्मण थे तथा सम्राट अकबर के प्रमुख दरबारी कवि थे। इसके अतिरिक्त ये रहीम खानखाना, राजा बीरबल, राजा मानसिंह तथा टोडरमल के भी प्रिय थे। कवि गंग के विषय में… Continue reading कवि गंग (रीतिकाल)

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥ पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ अन्धे को आँख देत, कोढ़िन को काया। बांझन… Continue reading गणेश जी की आरती

हरितालिका व्रत ‘तीज’

आया तीज का त्योहार, मिलजुल कर करे तैयारी खुशिया मिले अपार, करे हम सोलह श्रृंगार, सास-ससुर का आशीर्वाद, हम पाएं पिया का प्यार। छायें तीज की बहार, आया तीज का त्योहार।।   भारत वर्ष में कई संस्कृतियों का समावेश है। ऐसे में कई विचारधाराओं एवम् मान्यताओं के आधार पर भिन्न–भिन्न व्रत और त्योहार मनाये जाते… Continue reading हरितालिका व्रत ‘तीज’

रक्षाबंधन (हाइकु)

1. भईया करे    इंतजार बहना की     राखी आई रे। 2. पावन पर्व     बहना लाई राखी     बांधी कलाई। 3. हुमायूँ ने भी     बंधवाई थी राखी       कर्णावती से। 4. मांगी है दुआ     राखी सजे कलाई     प्यारे भईया। 5. होगी सुरक्षा       बहना मांगे दुआ     बांध कलाई।… Continue reading रक्षाबंधन (हाइकु)

जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक – शेर सिंह राणा

पुस्तक समीक्षा जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक - शेर सिंह राणा प्रकाशक-   हार्पर कॉलिस पृष्ठ- ‌  ‌308  मूल्य 199 शेर सिंह राणा रुड़की के राजपूत जमींदार परिवार में जन्मा, बड़े प्यार से लालन-पालन और बहुत ही अच्छे स्कूल में प्राथमिक शिक्षा के बाद देहरादून के एक कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त किया। बचपन… Continue reading जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक – शेर सिंह राणा