सुषमा स्वराज (कविता)

सुषमा जी नारी में नारायणी थी, देशवासियों की वह प्यारी थी। वाणी में सरस्वती का वाश था, ‘शब्दों’ में उनके ओज थी।     व्यक्तित्व उनके निराले थे, वो जनमानस की सहारा थी दुश्मन उनसे भय खाते थे    लक्षमी और दुर्गा की मूरत थी ‘सोने में सुहागा’ सुषमा थी। सुषमा सत्य में स्वराज्य थी।

श्री गणेश (हाइकु)

1. हे! विनायक    गौरीपुत्र गणेश    दो बुद्धि बल। 2. हे! गजानन   सब बिगड़ी बना   मंगल कर। 3. हे! गौरीपुत्र   बरदान सौभाग्य   सुख समृद्धि। 4. गौरी नंदन    हे! बिघ्न विनाशक    तुझे प्रणाम। 5. हे! शम्भु सुत   हे! दयावन्त धारी   ज्ञान दान दो। 6. हे! गौरीपुत्र   … Continue reading श्री गणेश (हाइकु)

कवि गंग (रीतिकाल)

कवि गंग रीतिकालीन काव्य धारा के प्रथम महत्वपूर्ण कवि थे। ये उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के एकनार गाँव के निवासी थे। इनका मूल नाम गंगाधर था। ये जाति के ब्राह्मण थे तथा सम्राट अकबर के प्रमुख दरबारी कवि थे। इसके अतिरिक्त ये रहीम खानखाना, राजा बीरबल, राजा मानसिंह तथा टोडरमल के भी प्रिय थे। कवि गंग के विषय में… Continue reading कवि गंग (रीतिकाल)

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥ पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ अन्धे को आँख देत, कोढ़िन को काया। बांझन… Continue reading गणेश जी की आरती

हरितालिका व्रत ‘तीज’

आया तीज का त्योहार, मिलजुल कर करे तैयारी खुशिया मिले अपार, करे हम सोलह श्रृंगार, सास-ससुर का आशीर्वाद, हम पाएं पिया का प्यार। छायें तीज की बहार, आया तीज का त्योहार।।   भारत वर्ष में कई संस्कृतियों का समावेश है। ऐसे में कई विचारधाराओं एवम् मान्यताओं के आधार पर भिन्न–भिन्न व्रत और त्योहार मनाये जाते… Continue reading हरितालिका व्रत ‘तीज’

रक्षाबंधन (हाइकु)

1. भईया करे    इंतजार बहना की     राखी आई रे। 2. पावन पर्व     बहना लाई राखी     बांधी कलाई। 3. हुमायूँ ने भी     बंधवाई थी राखी       कर्णावती से। 4. मांगी है दुआ     राखी सजे कलाई     प्यारे भईया। 5. होगी सुरक्षा       बहना मांगे दुआ     बांध कलाई।… Continue reading रक्षाबंधन (हाइकु)

जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक – शेर सिंह राणा

पुस्तक समीक्षा जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक - शेर सिंह राणा प्रकाशक-   हार्पर कॉलिस पृष्ठ- ‌  ‌308  मूल्य 199 शेर सिंह राणा रुड़की के राजपूत जमींदार परिवार में जन्मा, बड़े प्यार से लालन-पालन और बहुत ही अच्छे स्कूल में प्राथमिक शिक्षा के बाद देहरादून के एक कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त किया। बचपन… Continue reading जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक – शेर सिंह राणा

अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों? (लघु कथा)

सत्य और अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों होता है? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने कहाँ था? अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों होता है? यह सवाल कई लोगों के मन में आता होगा। मैंने तो किसी का बुरा नहीं किया है? फिर भी मेरे साथ ही… Continue reading अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों? (लघु कथा)

नल और दमयंती (पौराणिक प्रेम कथा)

भारत के महाकाव्य ‘महाभारत’ से जुड़ा हुआ यह कहानी है। युधिष्टिर जुए में अपना सब कुछ हार कर अपने भाइयों के साथ वनवास जा रहे थे। उसी वन में एक ऋषि ने उन्हें ‘नल’ और ‘दमयंती’ की कथा सुनाई थी। ‘नल’ निषध देश के राजा वीरसेन के पुत्र थे। नल बड़े ही वीर, साहसी, गुणवान… Continue reading नल और दमयंती (पौराणिक प्रेम कथा)

पुरबी के जनक ‘महेद्र मिश्र’

भोजपुरी भाषा के लोकगायकी में जब भी किसी शख्सियत की बात होती है तो लोग बड़े ही गर्व से भिखारी ठाकुर का नाम लेते हैं, जबकि भोजपुरी के भारतेंदु कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर और महेंद्र मिश्र दोनों ही समकालीन थे। महेंद्र मिश्र बिहार एवं उत्तर प्रदेश के लोक गीतकरों में सर्वोपरि थे। वे लोकगीत… Continue reading पुरबी के जनक ‘महेद्र मिश्र’