अकर्मक और सकर्मक क्रिया की पहचान

जब वाक्य में प्रयुक्त क्रिया से ‘क्या’, ‘किसी’ और ‘किसको’ प्रश्नों के उत्तर मिले या यह प्रश्न बनता है, तब वहाँ क्रिया सकर्मक होती है। जैसे- 1. राम पुस्तक पढ़ता है। 2. राधा पत्र लिखती है 3. रामू जूते बना रहा है। 4. एक महिला आलू खरीद रही है। 4. राधा टीवी देख रही है।… Continue reading अकर्मक और सकर्मक क्रिया की पहचान

रघुवीर सहाय संपूर्ण साहित्यिक जीवन परिचय

कुछ होगा/ कुछ होगा अगर मैं बोलूँगा/ न टूटे न टूटे तिलिस्म सत्ता का/ मेरे अन्दर एक कायर टूटेगा जन्म- 9 दिसंबर 1929 ई. लखनऊ (उ.प्र) निधन- 30 दिसंबर 1990 ई. दिल्ली में हुआ था। पिता- हरदेव सहाय माता- तारादेवी थीं। ये प्रगतिशील काव्यधारा ‘नई कविता’ के प्रतिनिधि कवि थे। कवि के रूप में इन्हें… Continue reading रघुवीर सहाय संपूर्ण साहित्यिक जीवन परिचय

वर्ण और वर्णमाला से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

1. भाषा की सबसे लघुतम सार्थक इकाई क्या कहलाती है?     A. वर्ण  B. वाक्य  C. शब्द  D. अक्षर 2. ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्ण समुदाय को क्या कहते है? A. अक्षर   B. वाक्य   C. अर्थ   D. शब्द 3. एक ध्वनि या एकाधिक ध्वनियों की इकाई को, जिसका उच्चारण एक झटके में होता है,… Continue reading वर्ण और वर्णमाला से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

रचना के आधार पर वाक्य के भेद

भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण है, वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं और शब्दों के मेल से वाक्य बनता है। वाक्य की परिभाषा- शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं। सार्थक का मतलब होता है अर्थ रखने वाला शब्द अथार्त शब्दों का ऐसा समूह जिससे सार्थक अर्थ निकलता हो, उसे वाक्य कहते हैं।… Continue reading रचना के आधार पर वाक्य के भेद

समास से संबंधित प्रश्नोत्तरी

1. निम्नलिखित में किस शब्द में समास और संधि दोनों है? A. यज्ञशाला B. स्वधर्म C. जलोष्मा D. पंकज  2.‘शक्ति के अनुसार’ का सामासिक पद क्या होगा? A. शक्तिमान B. शक्तिपुंज C. शक्तिशाली D. यथाशक्ति   3. ‘शाखामृग’ शब्द में कौन सा समास है? A. कर्मधारय समास     B. तत्पुरुष समास C. बहुव्रीहि समास      D. द्वंद्व… Continue reading समास से संबंधित प्रश्नोत्तरी

समास और समास के भेद : भाग-7 (बहुव्रीहि समास-Attributive Compound)

बहुव्रीहि समास- बहुव्रीहि दो शब्दों के मेल से बना है। बहु + व्रीहि = बहुव्रीहि जिसमें ‘बहु’ का अर्थ होगा ‘बहुत सारे अर्थों का’ और व्रीहि का अर्थ होगा ‘निषेध करने वाला’ अथार्त बहुत सारे अर्थों का निषेध कर एक अर्थ को रखनेवाला समास को बहुव्रीहि समास कहते है। पं. कामता प्रसाद गुरु के अनुसार-… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-7 (बहुव्रीहि समास-Attributive Compound)

समास और समास के भेद : भाग-6 (द्वंद्व समास)

द्वंद्व समास (Copulative Compound) साधारण बोलचाल की भाषा में ‘द्वंद्व’ समास के दोनों पद प्रधान होते हैं। पं. कामता प्रसाद गुरु के शब्दों में- “जिस समास में सब पद अथवा उनका समाहार प्रधान रहता है, उसे द्वंद्व समास कहते है।” द्वंद्व समास में समस्त पद के दोनों पद प्रधान होते हैं। समस्त पद का विग्रह… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-6 (द्वंद्व समास)

समास और समास के भेद : भाग-5 (व्याधिकरण तत्पुरुष समास)

व्यधिकरण तत्पुरुष समास के अन्य भेद जिस तत्पुरुष समास में कारक चिह्न का लोप नहीं होता उसे अलुक् तत्पुरुष समास कहते हैं। अलुक् तत्पुरुष समास में कारक चिह्न किसी न किसी रूप में विद्यमान रहता है। अलुक् शब्द अ + लुक् के योग से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘न छिपना’ होता है। दरअसल, तत्पुरुष… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-5 (व्याधिकरण तत्पुरुष समास)

समास और समास के भेद : भाग-4 (द्विगु समास) (Numeral Compound)

परिभाषा- वह समास जिसका पहला पद यानी पूर्व पद कोई संख्यावाची शब्द तथा उत्तर पद संज्ञा शब्द हो तथा सम्पूर्ण सामासिक पद का कोई अन्य अर्थ अभिव्यक्त नहीं हो उसे द्विगु समास कहते है। जैसे- चौराहा = चार राहों का समाहार  (चौराहा का कोई अन्य अर्थ नहीं निकल रहा है। अतः द्विगु समास है।) पं.… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-4 (द्विगु समास) (Numeral Compound)

समास और समास के भेद : भाग-3 (कर्मधारय समास)

समानाधिकरण तत्पुरुष समास अथार्त ‘कर्मधारय समास’- कर्मधारय समास में, एक शब्द दूसरे शब्द की विशेषता बताता है, यानी पहले शब्द का अर्थ दूसरे शब्द के गुण या विशेषता को दर्शाता है।  उदाहरण- 'नीलकमल' में 'नीला' रंग कमल की विशेषता को दर्शाता है।  परिभाषा: कर्मधारय समास में, पूर्वपद (पहला पद) विशेषण होता है और उत्तरपद (दूसरा पद)… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-3 (कर्मधारय समास)