जीवन परिचय- जयशंकर प्रसाद जन्म- 30 जनवरी 1889 ई. काशी के ‘गोवर्धनसराय’ में हुआ था। इनका परिवार ‘सूघनी साहू’ के नाम से जाना जाता था। निधन- 15 नवंबर 1937 ई. में हुआ था। पिता- बाबू देविप्रसाद और माता- मुन्नी देवी थी। जयशंकर प्रसाद जी के उपनाम: 1. इनके बचपन का नाम ‘झारखंडी’ था। 2. इन्हें… Continue reading छायावाद के प्रतिनिधि कवि जयशंकर प्रसाद
सुंदर विचार
हिंदी साहित्य ‘निबंध’ और ‘आलोचना’ – नई रचनाएँ और रचनाकार
क्र.सं. निबंधकारनिबंध संग्रह 20181.डॉ. उमेश प्रसाद सिंहमैं तुम्हारा पता नहीं जानता2.ज्ञान चतुर्वेदीरंदा *3.अष्टभुजा प्रदास शुक्लपानी पर पटकथा *4.हरीश नवलदीनानाथ के हाथ5.हरीश नवलवाया पेरिस आया गाँधीवाद6.हरीश नवलपिली छत पर काला निशान7.हरीश नवलनिराला की गली से8.हरीश नवलअमेरीकी प्याले में भारतीय चाय निबंधकारनिबंध संग्रह 20191.जवाहर चौधरीबाज़ार में नंगे2.सुनील सिद्धार्थआखेट3.गोपाल चतुर्वेदीपत्थर फेको सुखी रहो 4.नर्मदा प्रसाद उपाध्यायचिंगारी की विरासत5.डॉ. उमेश प्रसाद… Continue reading हिंदी साहित्य ‘निबंध’ और ‘आलोचना’ – नई रचनाएँ और रचनाकार
हिंदी साहित्य : उपन्यास और उपन्यासकार
क्र.सं.उपन्यासकारउपन्यास (2018) 1.प्रभु जोशीनान्या 2.भालचंद्र जोशीप्रार्थना में पहाड़ 3.अवधेश प्रीतअशोक राजपथ 4.वीरेंद्र सारंगआर्यगाथा 5.संतोष चौबेबेतरतीब पन्ने 6.विकाश कुमार झागयासुर संधान 7.ज्ञान चतुर्वेदीपागलखाना * 8.शैलेंद्र नागरये इश्क नहीं आसां 9.रूपसिंह चंदेलबस्ती बरहानपुर 10.मिथिलेश्वरतेरा संगी कोई नहीं * 11.रमेश दवेमास्टर रमानाथ का शिक्षानामा 12.नरेंद्र कोहलीसागर मंथन * 13.गोविंद मिश्रखिलाफ़त * 14.गिरिराज किशोरआंजनेय जयते * 15.डॉ. सुधाकर अदीबकथा विराट 16.संजीवप्रत्यंचा * 17.हृदयेशस्वस्थ अवस्थ लोग * 18.मृणाल पांडेहिंगुली हीरामणि की कथा * 19.डॉ. उषा यादवउसके हिस्से की धूप 20.नासिरा… Continue reading हिंदी साहित्य : उपन्यास और उपन्यासकार
हिंदी कहानी संग्रह नवीन रचनाएँ एवं रचनाकार
क्र.सं रचनाकार रचनाएँ ‘कहानी संग्रह’ (2018)1.लता शर्मामैं अर्णा *2.क्षमा शर्माइक्कीसवीं सदी का लड़का *3.असगर वजाहतभीड़तंत्र *4.राजेंद्र लहरियासियासत5.राजकुमार राकेशआपातकाल डायरी6.कृष्ण बिहारीतीन कप कॉफ़ी और एक अनाम रिश्ता7.संजय सहायमुलाक़ात8.राम नगीना मौर्यआप कैमरे की निगाह में हैं9.प्रभात रंजनबोलरो क्लास10.सत्यनारायण पटेलतीतर फांद11.राकेश बिहारीगौरतलब कहानियाँ12.शशिभूषण द्विवेदीब्रह्महत्या तथा अन्य कहानियाँ13.शशिभूषण द्विवेदीकहीं कुछ नहीं14.कुसुम अंसलमेरी दृष्टि तो मेरी है *15.क्षमा शर्माबात अभी… Continue reading हिंदी कहानी संग्रह नवीन रचनाएँ एवं रचनाकार
रचना के आधार पर वाक्य के भेद
भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण है, वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं और शब्दों के मेल से वाक्य बनता है। वाक्य की परिभाषा- शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं। सार्थक का मतलब होता है अर्थ रखने वाला शब्द अथार्त शब्दों का ऐसा समूह जिससे सार्थक अर्थ निकलता हो, उसे वाक्य कहते हैं।… Continue reading रचना के आधार पर वाक्य के भेद
समास से संबंधित प्रश्नोत्तरी
1. निम्नलिखित में किस शब्द में समास और संधि दोनों है? A. यज्ञशाला B. स्वधर्म C. जलोष्मा D. पंकज 2.‘शक्ति के अनुसार’ का सामासिक पद क्या होगा? A. शक्तिमान B. शक्तिपुंज C. शक्तिशाली D. यथाशक्ति 3. ‘शाखामृग’ शब्द में कौन सा समास है? A. कर्मधारय समास B. तत्पुरुष समास C. बहुव्रीहि समास D. द्वंद्व… Continue reading समास से संबंधित प्रश्नोत्तरी
समास और समास के भेद : भाग-7 (बहुव्रीहि समास-Attributive Compound)
बहुव्रीहि समास- बहुव्रीहि दो शब्दों के मेल से बना है। बहु + व्रीहि = बहुव्रीहि जिसमें ‘बहु’ का अर्थ होगा ‘बहुत सारे अर्थों का’ और व्रीहि का अर्थ होगा ‘निषेध करने वाला’ अथार्त बहुत सारे अर्थों का निषेध कर एक अर्थ को रखनेवाला समास को बहुव्रीहि समास कहते है। पं. कामता प्रसाद गुरु के अनुसार-… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-7 (बहुव्रीहि समास-Attributive Compound)
समास और समास के भेद : भाग-6 (द्वंद्व समास)
द्वंद्व समास (Copulative Compound) साधारण बोलचाल की भाषा में ‘द्वंद्व’ समास के दोनों पद प्रधान होते हैं। पं. कामता प्रसाद गुरु के शब्दों में- “जिस समास में सब पद अथवा उनका समाहार प्रधान रहता है, उसे द्वंद्व समास कहते है।” द्वंद्व समास में समस्त पद के दोनों पद प्रधान होते हैं। समस्त पद का विग्रह… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-6 (द्वंद्व समास)
समास और समास के भेद : भाग-5 (व्याधिकरण तत्पुरुष समास)
व्यधिकरण तत्पुरुष समास के अन्य भेद जिस तत्पुरुष समास में कारक चिह्न का लोप नहीं होता उसे अलुक् तत्पुरुष समास कहते हैं। अलुक् तत्पुरुष समास में कारक चिह्न किसी न किसी रूप में विद्यमान रहता है। अलुक् शब्द अ + लुक् के योग से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘न छिपना’ होता है। दरअसल, तत्पुरुष… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-5 (व्याधिकरण तत्पुरुष समास)
समास और समास के भेद : भाग-4 (द्विगु समास) (Numeral Compound)
परिभाषा- वह समास जिसका पहला पद यानी पूर्व पद कोई संख्यावाची शब्द तथा उत्तर पद संज्ञा शब्द हो तथा सम्पूर्ण सामासिक पद का कोई अन्य अर्थ अभिव्यक्त नहीं हो उसे द्विगु समास कहते है। जैसे- चौराहा = चार राहों का समाहार (चौराहा का कोई अन्य अर्थ नहीं निकल रहा है। अतः द्विगु समास है।) पं.… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-4 (द्विगु समास) (Numeral Compound)