| क्र.सं. | निबंधकार | निबंध संग्रह 2018 |
| 1. | डॉ. उमेश प्रसाद सिंह | मैं तुम्हारा पता नहीं जानता |
| 2. | ज्ञान चतुर्वेदी | रंदा * |
| 3. | अष्टभुजा प्रदास शुक्ल | पानी पर पटकथा * |
| 4. | हरीश नवल | दीनानाथ के हाथ |
| 5. | हरीश नवल | वाया पेरिस आया गाँधीवाद |
| 6. | हरीश नवल | पिली छत पर काला निशान |
| 7. | हरीश नवल | निराला की गली से |
| 8. | हरीश नवल | अमेरीकी प्याले में भारतीय चाय |
| निबंधकार | निबंध संग्रह 2019 | |
| 1. | जवाहर चौधरी | बाज़ार में नंगे |
| 2. | सुनील सिद्धार्थ | आखेट |
| 3. | गोपाल चतुर्वेदी | पत्थर फेको सुखी रहो |
| 4. | नर्मदा प्रसाद उपाध्याय | चिंगारी की विरासत |
| 5. | डॉ. उमेश प्रसाद सिंह | जो अब भी गूँज रहा है |
| निबंधकार | निबंध संग्रह 2020 | |
| 1. | रमेशचंद्र शाह | हिंदी की दुनियाँ में |
| 2. | नर्मदा प्रसाद उपाध्याय | परछाई का सच |
| निबंधकार | निबंध संग्रह 2021 | |
| 1. | ज्ञान चतुर्वेदी | नेपथ्य लीला |
| 2. | श्रीराम परिहार | साहित्य का मानस |
| निबंधकार | निबंध संग्रह 2022 | |
| 1. | प्रेम जनमेजय | क्यों चुप तेरी महफ़िल में हैं |
| 2. | प्रेम जनमेजय | हँसो हँसो यार हँसो |
| 3. | नर्मदाप्रसाद उपाध्याय | बिन गाये गीत |
| निबंधकार | निबंध संग्रह 2023 | |
| 1. | प्रेम जनमेजय | सींग वाले गधे |
आलोचक और आलोचना विधा
| आलोचक | आलोचना 2018 | |
| 1. | डॉ. मानवर सिंह | रामविलास शर्मा |
| 2. | डॉ. मानवर सिंह | आलोचना और संवाद |
| 3. | डॉ. मानवर सिंह | द्वाभा |
| 4. | डॉ. मानवर सिंह | छायावाद-प्रसाद,निराला, महादेवी और पंत |
| 5. | 1 से 5 तक सभी रचनाओं के लेखक नामवर सिंह और संपादन आशीष त्रिपाठी ने किया * | पूर्व रंग |
| 6. | मधुरेश | आलोचना का संकट * |
| 7. | रामनिहाल गुंजन | आचार्य रामचंद्र शुक्ल और हिंदी नवजागरण |
| 8. | डॉ. प्रभाकर क्षोत्रिय | कथा का सौंदर्यशास्त्र * |
| 9. | डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी | साहित्य का स्वधर्म * |
| 10. | डॉ. चौथीराम यादव | लोक और वेद आमने-सामने |
| 11. | डॉ. कृष्णदत्त शर्मा | मुक्तिबोध की आलोचना दृष्टि |
| 12. | डॉ. कृष्णदत्त पालीवाल | मनोहर श्याम जोशी |
| आलोचक | आलोचना (2019) | |
| 1. | डॉ. नवल किशोर | प्रेमचंद की प्रगतिशीलता * |
| 2. | डॉ. मैनेजर पांडेय | शब्द और साधना * |
| 3. | मधुरेश | सीढ़ियों पर उपन्यास* |
| 4. | मधुरेश | अमरकांत |
| 5. | डॉ. चौथी राम यादव | आधुनिकता का लोक पक्ष और साहित्य |
| 6. | डॉ. कृष्णदत्त शर्मा | टी.एस. इलियट: आलोचना दृष्टि |
| 7. | डॉ. राजेंद्र कुमार | आलोचना आसपास |
| 8. | गिरिधर राठी | सोच विचार * |
| 9. | गिरिधर राठी | कविता का फिलहाल * |
| 10. | गिरिधर राठी | कथा संसार: कुछ झलकियाँ |
| 11. | गिरिधर राठी | कल आज और कल * |
| 12. | डॉ. कृष्ण चंद लाल | देवेंद्र कुमार बंगाली |
| 13. | डॉ. तरसेम गुजराल | हिंदी उपन्यास: स्त्री की तरफ खुलती खिड़की |
| 14. | डॉ. गोपेश्वर सिंह | आलोचना के परिसर |
| 15. | डॉ. अरुण | भूमंडलीयकरण बाजार और समकालीन यथार्थ |
| 16. | डॉ. ज्योतिष जोशी | विमर्श और विवेचन |
| 17. | डॉ. ज्योतिष जोशी | कविता का वर्तमान |
| 18. | डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव | कहानी का क्षितिज |
| 19. | मोहन कृष्ण बोहरा | समकालीन कहानी का नया वितान |
| 20. | डॉ. चौथीराम | आधुनिकता का लोकपक्ष और साहित्य |
| आलोचक | आलोचना 2020 | |
| 1. | शंभुनाथ | भारत की अवधारणा |
| 2. | डॉ. प्रदीप सक्सेना | रश्मि अध्ययनों से परे इतिहास और आलोचना |
| 3. | मोहन कृष्ण बोहरा | रचनाकार का संकट |
| 4. | डॉ. विजयबहादुर सिंह | नंददुलारे वाजपेयी |
| 5. | डॉ. रोहिणी अग्रवाल | कथालोचन के प्रतिमान * |
| 6. | डॉ. वैभव सिंह | शताब्दी का प्रतिपक्ष |
| 7. | डॉ. वैभव सिंह | हिंदी कहानी विचारधारा और यथार्थ |
| 8. | डॉ. तरसेम गुजराल | दस कालजयी उपन्यास: जमीन की तलाश |
| 9. | डॉ. इंदीवर | अपनी सदी के स्थविर: अज्ञेय |
| 10. | डॉ. इंदीवर | सार्थक कविता की तलाश और नवगीतनामा |
| 11. | डॉ. ज्योतिष शर्मा | समय और साहित्य * |
| 12. | डॉ. इंदीवर | तुलसी का क्रांतिदर्शी कवि और जीवन खोज |
| 13. | डॉ. राहुल सिंह | आईने में उपन्यास * |
| 14. | मोहन कृष्ण बोहरा | समकालीन आलोचना के अंतर्विरोध * |
| 15. | डॉ. कृष्णदत्त पालीवाल | समकालीन साहित्य विमर्श * |
| आलोचक | आलोचना (2021) | |
| 1. | डॉ. विजयबहादुर सिंह | जातीय अस्मिता के प्रश्न और जयशंकर प्रसाद |
| 2. | रामनिहाल गुंजन | विश्व साहित्य चिंतन: विविध आयाम |
| 3. | डॉ. कृष्णदत्त शर्मा | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला: समालोचक और सामाजिक समीक्षक |
| 4. | डॉ. कृष्णदत्त शर्मा | आलोचना के सीमांत |
| 5. | डॉ. कर्मेंदु शिशिर | समकालीन गद्य के आसपास |
| 6. | डॉ. शशिकला त्रिपाठी | स्त्री अस्मिता और कविता का भक्तियोग |
| 7. | डॉ. अपूर्वानंद | यह प्रेमचंद है |
| 8. | डॉ. विनोद तिवारी | आलोचना की पक्षधरता |
| 9. | डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव | कविता का घनत्व |
| 10. | डॉ. नवल किशोर | कथा आलोचना |
| 11. | मधुरेश | इतिहास का परिशिष्ट * |
| 12. | डॉ. जबरीमल्ल पारिख | हिंदी कथा साहित्य यथार्थवादी परंपरा |
| 13. | डॉ. श्री भगवान सिंह | गाँधी और हिंदी राष्ट्रीय जागरण |
| 14. | डॉ. श्रीभगवान सिंह | भारतीय मानस तथा साहित्य |
| आलोचक | आलोचना (2022) | |
| 1. | डॉ. नामवर सिंह*(1,2 के संपादक | सब कहाँ कुछ |
| 2. | डॉ. नामवर सिंह* (डॉ.विजयप्रकाश सिंह हैं) | आलोचना और जनतंत्र |
| 3. | मधुरेश | फनीश्वरनाथ ‘रेणु’ और हिंदी मार्क्सवादी आलोचना |
| 4. | शंभुनाथ | भारतीय नवजागरण: एक असमाप्त सफर |
| 5. | शंभुनाथ | हिंदी नवजागरण: भारतेंदु और उनके बाद |
| 6. | डॉ. वीरेंद्र यादव | उपन्यास और देश |
| 7. | डॉ. वीरेंद्र यादव | विवाद नहीं हस्तक्षेप |
| 8. | डॉ. प्रभाकर क्षोत्रिय | कवि परंपरा: त्रिलोचन से धूमिल तक |
| 9. | कर्मेंदु शिशिर | नवजागरण के शिल्पी |
| 10. | कर्मेंदु शिशिर | नवजागरण के निमित्त |
| 11. | डॉ. गोपेश्वर सिंह | आलोचक का आत्मावलोकन |
| 12. | डॉ. सूरज पालीवाल | इक्कीसवीं सदी का दूसरा दशक और हिंदी उपन्यास |
| 13. | डॉ. सूरज पालीवाल | आलोचना के धूर्वांत और गाँधी |
| 14. | डॉ. उदय प्रताप सिंह | आपा पंथ के परवर्ती संत |
| 15. | डॉ. उदय प्रताप सिंह | संतों की सामाजिक संरचना |
| 16. | डॉ. रोहिणी अग्रवाल | कहानी का स्त्री समय * |
| 17. | डॉ. अपूर्वानंद | मुक्तिबोध की लालटेन |
| 18. | डॉ. कमलानंद झा | नागार्जुन दबी दूब का रूपक |
| 19. | डॉ. राहुल सिंह | हिंदीकहानी:अंतर्वस्तु का शिल्प |
| आलोचक | आलोचना (2023) | |
| 1. | डॉ.नामवरसिंह (संपादक-आशीष त्रिपाठी) | संबोधित |
| 2. | शंभुनाथ | भक्ति आन्दोलन और उत्तर धार्मिक संकट |
| 3. | डॉ. वैभव सिंह | स्त्री और नवजागरण |
| 4. | डॉ. जबरीमल्ल पारिख | प्रगतिशील आन्दोलन और नयी कविता का वैचारिक अंतसंघर्ष |
| 5. | डॉ. वीरभारत तलवार | बगावत और वफादारी: नवजागरण के इर्द गिर्द |
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण ‘निबंध’ और ‘आलोचना’ के आगे * का चिह्न लगाया गया है। वैसे तो सभी महत्वपूर्ण है।
जय हिंद