यह बात लंका काण्ड की है। राम और रावण का युद्ध चल रहा था। उस समय रावण को अंगद ने कहा, हे रावण! तू तो मरा हुआ है। तुझे मारने से क्या फायदा...! अंगद की बात सुनकर रावण बोला, मैं तो जीवित हूँ, मरा हुआ कैसे हूँ? अंगद बोले, सिर्फ साँस लेने वाले को जीवित… Continue reading अंगद उवाच
सुंदर विचार
हिन्दी वर्णमाला
वर्ण- भाषा की सबसे छोटी इकाई जिसके खंड या टुकड़े नहीं किए जा सकते हैं, उसे वर्ण कहते हैं। जैसे- अ, आ, इ, ई आदि। वर्णमाला- वर्णों की व्यवस्थित समूह को ‘वर्णमाला’ कहते हैं। वर्णमाला में वर्णों की कुल संख्या 52 है। हिन्दी वर्णमाला के समस्त वर्णों को दो भागों में विभक्त किया गया है-… Continue reading हिन्दी वर्णमाला
कैकेयी के पुत्र प्रेम
रामायण सनातन धर्म का प्रमुख ग्रन्थ है। इसे पौराणिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और दार्शनिक ग्रन्थ मना जाता है। रामायण की एक बड़ी घटना भगवान श्री राम का वन जाना था। राजा दशरथ से विवाह के पहले रानी कैकेयी महर्षि दुर्वासा की सेवा किया करती थी। कैकेयी की सेवा से प्रसन्न होकर महर्षि दुर्वासा ने उनका एक… Continue reading कैकेयी के पुत्र प्रेम
घाघ और भड्डरी (कहानी) GHAGH AUR BHADDARI (Story)
घाघ और भड्डरी दोनों एक ही व्यक्ति थे या दो। इस विषय पर लोगों में मतभेद है। अनुमान यही लगाया जाता है कि ये दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। कहावतों में बहुत जगह ऐसा भी है- ‘कहै घाघ सुनु भड्डरी’ या ‘कहै घाघ सुनु घाघिनी’ आदि। कहीं-कहीं घाघिनी, घाघ की पत्नी को कहा… Continue reading घाघ और भड्डरी (कहानी) GHAGH AUR BHADDARI (Story)
अदृश्य ‘कोरोना’ (कविता) (Invisible Corona – Poem)
‘सुशांत’ छिछोरा ! (संस्मरण) Sushant Singh Rajput (Memory)
‘सुशांत’ छिछोरा तो नहीं था तू कमजोर भी नहीं जाते तो सभी हैं किन्तु तरीका ठीक न था ! जाने की इतनी जल्दी क्यों पड़ी थी ? बहुत कुछ करना था अभी बाकी करना ही था छिछोरापन तो फिर जिंदगी से ना करते !! बड़ी आशाएँ थीं, तुमसे हमारी उदाहरण थे, युवाओं के तुम दिल… Continue reading ‘सुशांत’ छिछोरा ! (संस्मरण) Sushant Singh Rajput (Memory)
वर्णों का उच्चारण स्थान और प्रयत्न Pronunciation effort and its Classification (भाग – 2 : प्रयत्न)
श्वास (प्राण-वायु) की मात्रा के आधार पर वर्ण-भेद: स्वर- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ (11) अयोगवाह- अं और आ: दो अयोगवाह है। व्यंजन- ‘क’ वर्ग- क, ख, ग, घ, ङ ‘च’ वर्ग- च, छ, ज, झ, ञ ‘ट’ वर्ग- ट, ठ, ड, ढ, ण ‘त’ वर्ग- त, थ, द,… Continue reading वर्णों का उच्चारण स्थान और प्रयत्न Pronunciation effort and its Classification (भाग – 2 : प्रयत्न)
वर्णों का उच्चारण स्थान और प्रयत्न (भाग–1: उच्चारण स्थान) (Pronunciation effort and its Classification: Part-1)
उच्चारण स्थान- किसी वर्ण का उच्चारण करते समय अन्दर से आने वाला श्वास वायु जिस स्थान पर आकर रूकती है या जहाँ पर बिना रोके उसके निकलने का मार्ग बनाया जाता है। वही उस वर्ण का उच्चरण स्थान कहलाता है। लक्षण- किसी भी वर्ण को बोलते समय वायु तथा जिह्वा मुख के जिस-जिस भाग को… Continue reading वर्णों का उच्चारण स्थान और प्रयत्न (भाग–1: उच्चारण स्थान) (Pronunciation effort and its Classification: Part-1)
भोलेनाथ का प्रसाद (कहानी)
सावन का महीन था। एक पति-पत्नी करीब दस बारह वर्षों से बाबा धाम सावन के महीने में शंकर भगवान जी को जल चढ़ाने जाया करते थे। किसी ने उन्हें कहा था कि बाबा भोले सबकी मनोकामना पूरी करते हैं। आपकी मनोकामना भी भगवान जरुर पूरी करेंगे। शादी के कई वर्षों बाद भी उन दोनों को… Continue reading भोलेनाथ का प्रसाद (कहानी)
शब्द-भेद (Parts Of Speech)
विकार की दृष्टि से शब्दों के भेद विकार की दृष्टि से शब्दों के दो भेद होते हैं - (अ) विकारी शब्द और (आ) अविकारी शब्द (अ) विकारी शब्द के चार प्रकार होते हैं- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया। (आ) अविकारी शब्द के भी चार प्रकार होते हैं- क्रिया विशेषण, सम्बन्ध बोधक, समुच्चय बोधक और विस्मयादि… Continue reading शब्द-भेद (Parts Of Speech)


