‘आधुनिक काल’ के प्रमुख आलोचकों के महत्वपूर्ण कथन – भारतेंदु युग से नई कविता तक

1. “वे पूरबीपन की परवाह न करके अपने बैसवारे की ग्राम्य    कहावतें और शब्द भी बेधड़क रख दिया करते थे।”    शुक्ल जी की इन पंक्तियों का संबंध किससे है?     (प्रतापनारायण मिश्र, UP PGT, 2013) 2. “घूरे क लत्ता बीनै, कनातन क डौल बाँधे’ जैसा शीर्षक किस लेखक ने दिया है?    (प्रतापनारायण… Continue reading ‘आधुनिक काल’ के प्रमुख आलोचकों के महत्वपूर्ण कथन – भारतेंदु युग से नई कविता तक

हिंदी मानक ‘भाषा’ पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी (भाग-2)

1. दूसरे किस देश में हिंदी भाषा का प्रयोग लिखने व बोलने के लिए किया जाता है? A. दक्षिण अमेरिका     B. मॉरीशस C. ऑस्ट्रेलिया         D. पाकिस्तान 2. प्रारंभ में ‘पिंगल’ नाम किस बोली के लिए प्रयुक्त होता था? A. खड़ी बोली  B. मारवाड़ी  C. ब्रजभाषा  D. अवधी 3. नीचे लिखे बोलियों में से कौन सी… Continue reading हिंदी मानक ‘भाषा’ पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी (भाग-2)

हिंदी मानक ‘भाषा’ पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी (भाग-1)

1. ‘खड़ी बोली’ शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख किसने किया था? A. इंशाअल्लाह खां  B. लल्लूजी लाल (प्रेमसागर में) C. सदल मिश्र     D. सदासुखलाल 2. मानकीकरण का सर्वप्रथम उल्लेख किसने किया? A. मैक्समूलर B. गिलक्रिस्ट C. ग्रियर्सन D. एथरिंगटन 3. द्वित व्यंजनों का प्रयोग किसमें होता है? A. कौरवी में          B. भोजपुरी में   C.… Continue reading हिंदी मानक ‘भाषा’ पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी (भाग-1)

रामचन्द्र शुक्ल की दृष्टि में ‘कामायनी’ का मूल्यांकन

* हिंदी साहित्य के इतिहास’ में जयशंकर प्रसाद जी की चर्चा आधुनिक काल, प्रकरण-4 के अंतर्गत, काव्य खंड, नई धारा, तृतीय उत्थान में किया गया है। तृतीय उत्थान के अंतर्गत शुक्ल जी ने जयशंकर प्रसाद को 11वें नंबर पर जगह दिया है। * किसी एक विशाल भावना को रूप देने की ओर भी अंत में प्रसाद जी… Continue reading रामचन्द्र शुक्ल की दृष्टि में ‘कामायनी’ का मूल्यांकन

रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में जयशंकर प्रसाद

* हिंदी साहित्य के इतिहास’ में जयशंकर प्रसाद जी की चर्चा आधुनिक काल, प्रकरण-4 के अंतर्गत, काव्य खंड, नई धारा, तृतीय उत्थान में किया गया है। तृतीय उत्थान के अंतर्गत शुक्ल जी ने जयशंकर प्रसाद को 11वें नंबर पर जगह दिया है। * ये पहले ब्रजभाषा की कविताएँ लिखा करते थे जिनका संग्रह ‘चित्राधार’ में… Continue reading रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में जयशंकर प्रसाद

छायावाद के प्रतिनिधि कवि सुमित्रानंदन ‘पंत’

जीवन परिचय- सुमित्रानंदन पंत जन्म- 20 मई 1900 ई. कौशाबी ग्राम, अल्मोड़ा, जिला उत्तराखंड (कुर्मांचल प्रदेश) में हुआ। बचपन का नाम- गोसाई दत्त था।   माता का नाम- सुमित्रा था। माता-पुत्र दोनों का नाम मिलाकर इनका नाम पड़ा, ‘सुमित्रानंदन’    निधन- 28 दिसंबर, 1977 ई. इलाहबाद सुमित्रानंदन पंत के उपनाम: 1. छायावाद का विष्णु (कृष्णदेव… Continue reading छायावाद के प्रतिनिधि कवि सुमित्रानंदन ‘पंत’

छायावाद के प्रतिनिधि कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

जीवन परिचय: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जन्म – 21 फरवरी 1899 ई. को बंगाल के महिषादल रियासत (जिला-मिदनापुर) में हुआ था। बसंत पंचमी पर इनका जन्मदिन मनाने की परंपरा 1930 में शुरू हुई। इनके पिता पंडित रामसहाय त्रिपाठी उन्नाव (बैसवाड़ा) के रहने वाले थे और महिषादल में सिपाही की नौकरी करते थे। मूल रूप से वे… Continue reading छायावाद के प्रतिनिधि कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

छायावाद की प्रतिनिधि कवयित्री महादेवी वर्मा

जीवन परिचय- महादेवी वर्मा जन्म- 24 मार्च 1907 ई. को (होली के दिन) फर्रुखाबाद, उ.प्र. निधन- 11 सितंबर, 1987 ई. इलाहाबाद पिता- श्री गोविंद प्रसाद वर्मा और माता- हेमरानी देवी थी। पति- रुनारायण वर्मा थे। * 11 वर्ष की अवस्था में महादेवी वर्मा जी का विवाह रुनारायण वर्मा के साथ हुआ था। * महादेवी वर्मा… Continue reading छायावाद की प्रतिनिधि कवयित्री महादेवी वर्मा

छायावाद के प्रतिनिधि कवि जयशंकर प्रसाद

जीवन परिचय- जयशंकर प्रसाद जन्म- 30 जनवरी 1889 ई. काशी के ‘गोवर्धनसराय’ में हुआ था। इनका परिवार ‘सूघनी साहू’ के नाम से जाना जाता था। निधन- 15 नवंबर 1937 ई. में हुआ था। पिता- बाबू देविप्रसाद और माता- मुन्नी देवी थी। जयशंकर प्रसाद जी के उपनाम: 1. इनके बचपन का नाम ‘झारखंडी’ था। 2. इन्हें… Continue reading छायावाद के प्रतिनिधि कवि जयशंकर प्रसाद

हिंदी साहित्य ‘निबंध’ और ‘आलोचना’ – नई रचनाएँ और रचनाकार

क्र.सं. निबंधकारनिबंध संग्रह 20181.डॉ. उमेश प्रसाद सिंहमैं तुम्हारा पता नहीं जानता2.ज्ञान चतुर्वेदीरंदा *3.अष्टभुजा प्रदास शुक्लपानी पर पटकथा *4.हरीश नवलदीनानाथ के हाथ5.हरीश नवलवाया पेरिस आया गाँधीवाद6.हरीश नवलपिली छत पर काला निशान7.हरीश नवलनिराला की गली से8.हरीश नवलअमेरीकी प्याले में भारतीय चाय निबंधकारनिबंध संग्रह 20191.जवाहर चौधरीबाज़ार में नंगे2.सुनील सिद्धार्थआखेट3.गोपाल चतुर्वेदीपत्थर फेको सुखी रहो 4.नर्मदा प्रसाद उपाध्यायचिंगारी की विरासत5.डॉ. उमेश प्रसाद… Continue reading हिंदी साहित्य ‘निबंध’ और ‘आलोचना’ – नई रचनाएँ और रचनाकार