Parshuram Ki Pratiksha कविता संग्रह-महत्वपूर्ण तथ्य रचना- ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ कविता संग्रह (खंडकाव्य) रचनाकाल- 1962/63 ई. के आसपास लिखा गया था। इसमें कुल 18 कविताएँ हैं, जिसमें ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ प्रमुख हैं। इस संग्रह में 15 नयी कविताएँ और 3 ‘सामधेनी’ से ली गई है। ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ कविता पाँच खंड में हैं। यह कविता… Continue reading रामधारी सिंह ‘दिनकर’ : ‘परशुराम की प्रतीक्षा’
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रामधारी सिंह ‘दिनकर’ : कुरुक्षेत्र का साँतवा सर्ग महत्वपूर्ण तथ्य
रचना- ‘कुरुक्षेत्र’, कुल 7 सर्ग हैं। रचनकार- रामधारी सिंह ‘दिनकर’ प्रकाशन वर्ष- 1946 ई. काव्यरूप- ‘कुरुक्षेत्र’ प्रबंधात्मक महाकाव्य है। इसे आधुनिक युग की गीता कहा गया है। यह द्वितीय युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित रचना है। इसका नायक ‘कुरुक्षेत्र’ हैं। इस युद्ध में शांति की समस्याओं का चित्रण किया गया है। यह ‘प्रतीकात्मक’ रचना है।… Continue reading रामधारी सिंह ‘दिनकर’ : कुरुक्षेत्र का साँतवा सर्ग महत्वपूर्ण तथ्य
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ : ‘बादल राग’ (कविता) महत्वपूर्ण तथ्य
* सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' द्वारा रचित ‘बादल राग’ कविता में बादलों को ‘क्रांति’ का प्रतीक माना गया है, जो शोषक वर्ग के लिए भय और शोषित वर्ग के लिए आशा का संचार करते हैं। * यह कविता आम आदमी (लघुमानव) के दुःख को दर्शाती है। बादलों के माध्यम से क्रांति लाकर नवनिर्माण की कामना करती है,… Continue reading सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ : ‘बादल राग’ (कविता) महत्वपूर्ण तथ्य
दुष्यंत कुमार त्यागी : ‘साये में धूप’ (ग़ज़ल संग्रह)
जन्म- 27 सितंबर 1931 ई. उ.प्र. में बिजनौर जिले के राजपुर नवादा गाँव में हुआ था। निधन- 30 दिसंबर 1975 ई. भोपाल में हुआ। पिता- चौधरी भगवत सहाय और माता- रामकिशोरी देवी थी। रचना - ‘साये में धूप’ (ग़ज़ल संग्रह) रचनाकार - दुष्यंत कुमार प्रकाशन वर्ष - 1975 ई. संकलित ग़ज़लें- 64 समर्पित – छोटे… Continue reading दुष्यंत कुमार त्यागी : ‘साये में धूप’ (ग़ज़ल संग्रह)
अकर्मक और सकर्मक क्रिया की पहचान
जब वाक्य में प्रयुक्त क्रिया से ‘क्या’, ‘किसी’ और ‘किसको’ प्रश्नों के उत्तर मिले या यह प्रश्न बनता है, तब वहाँ क्रिया सकर्मक होती है। जैसे- 1. राम पुस्तक पढ़ता है। 2. राधा पत्र लिखती है 3. रामू जूते बना रहा है। 4. एक महिला आलू खरीद रही है। 4. राधा टीवी देख रही है।… Continue reading अकर्मक और सकर्मक क्रिया की पहचान
‘नदी के द्वीप’-‘अज्ञेय’ (कविता) महत्वपूर्ण तथ्य
*यह कविता अज्ञेय द्वारा 11 दिसंबर, 1949 ई. को इलाहबाद में लिखी गयी। *यह 1965 ई. में आये उनके काव्य संग्रह ‘हरी घास पर क्षण भर’ में संकलित है। यह ‘प्रतीकात्मक’ कविता है। *‘नदी’ परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है और ‘द्वीप’ व्यक्तित्व का प्रतीक है। *विशिष्ट व्यक्तित्व होना दुर्भाग्य नहीं सौभाग्य की बात है।… Continue reading ‘नदी के द्वीप’-‘अज्ञेय’ (कविता) महत्वपूर्ण तथ्य
रघुवीर सहाय संपूर्ण साहित्यिक जीवन परिचय
कुछ होगा/ कुछ होगा अगर मैं बोलूँगा/ न टूटे न टूटे तिलिस्म सत्ता का/ मेरे अन्दर एक कायर टूटेगा जन्म- 9 दिसंबर 1929 ई. लखनऊ (उ.प्र) निधन- 30 दिसंबर 1990 ई. दिल्ली में हुआ था। पिता- हरदेव सहाय माता- तारादेवी थीं। ये प्रगतिशील काव्यधारा ‘नई कविता’ के प्रतिनिधि कवि थे। कवि के रूप में इन्हें… Continue reading रघुवीर सहाय संपूर्ण साहित्यिक जीवन परिचय
रामवृक्ष बेनीपुरी ‘माटी की मूरतें’ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी
1. ‘माटी की मूरतें’ शब्द-चित्र संग्रह के रचनकार का नाम हैं ? A. हरिशंकर परसाई B. रामवृक्ष बेनीपुरी C. रामविलास शर्मा D. सरदार पूर्ण सिंह 2. ‘माटी की मूरतें’ शब्द-चित्र संग्रह के प्रथम संस्करण में कुल कितने शब्द-चित्र हैं? A. ग्यारह B. बारह C. तेरह D. चौदह 3. ‘माटी की मूरतें’ शब्द-चित्र… Continue reading रामवृक्ष बेनीपुरी ‘माटी की मूरतें’ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी
आचार्य महावीर प्रसाद द्वेवेदी जीवन परिचय
जन्म- सन् 1864 ई. में उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के दौलतपुर गाँव में हुआ था। पिता- पंडित रामसहाय द्विवेदी थे। कहा जाता है कि उन्हें ‘महावीर का इष्ट’ था, इसलिए पिता ने अपने पुत्र का नाम ‘महावीर’ रखा। माता- ज्योतिष्मती थी। निधन- 21 दिसम्बर 1938 ई. को रायबरेली में हुआ। * महावीर प्रसाद द्विवेदी जी… Continue reading आचार्य महावीर प्रसाद द्वेवेदी जीवन परिचय
पंडित रामनरेश त्रिपाठी संपूर्ण परिचय
ये पूर्वछायावादी युग के हिंदी कवि, उपन्यासकार और संपादक थे। रामनरेश त्रिपाठी ने 'मिलन', 'पथिक' और 'स्वप्न' जैसी राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत रचनाएँ लिखी। इन्होंने ग्राम गीतों के संकलन ‘कविता कौमुदी’ का संपादन किया और बाल साहित्य के विकास में भी अपना योगदान दिया। ये हिंदी साहित्य सम्मलेन प्रयाग के प्रचार मंत्री भी रहे थे।… Continue reading पंडित रामनरेश त्रिपाठी संपूर्ण परिचय