हिंदी कहानी संग्रह नवीन रचनाएँ एवं रचनाकार

क्र.सं रचनाकार रचनाएँ ‘कहानी संग्रह’ (2018)1.लता शर्मामैं अर्णा *2.क्षमा शर्माइक्कीसवीं सदी का लड़का *3.असगर वजाहतभीड़तंत्र *4.राजेंद्र लहरियासियासत5.राजकुमार राकेशआपातकाल डायरी6.कृष्ण बिहारीतीन कप कॉफ़ी और एक अनाम रिश्ता7.संजय सहायमुलाक़ात8.राम नगीना मौर्यआप कैमरे की निगाह में हैं9.प्रभात रंजनबोलरो क्लास10.सत्यनारायण पटेलतीतर फांद11.राकेश बिहारीगौरतलब कहानियाँ12.शशिभूषण द्विवेदीब्रह्महत्या तथा अन्य कहानियाँ13.शशिभूषण द्विवेदीकहीं कुछ नहीं14.कुसुम अंसलमेरी दृष्टि तो मेरी है *15.क्षमा शर्माबात अभी… Continue reading हिंदी कहानी संग्रह नवीन रचनाएँ एवं रचनाकार

रचना के आधार पर वाक्य के भेद

भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण है, वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं और शब्दों के मेल से वाक्य बनता है। वाक्य की परिभाषा- शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं। सार्थक का मतलब होता है अर्थ रखने वाला शब्द अथार्त शब्दों का ऐसा समूह जिससे सार्थक अर्थ निकलता हो, उसे वाक्य कहते हैं।… Continue reading रचना के आधार पर वाक्य के भेद

समास से संबंधित प्रश्नोत्तरी

1. निम्नलिखित में किस शब्द में समास और संधि दोनों है? A. यज्ञशाला B. स्वधर्म C. जलोष्मा D. पंकज  2.‘शक्ति के अनुसार’ का सामासिक पद क्या होगा? A. शक्तिमान B. शक्तिपुंज C. शक्तिशाली D. यथाशक्ति   3. ‘शाखामृग’ शब्द में कौन सा समास है? A. कर्मधारय समास     B. तत्पुरुष समास C. बहुव्रीहि समास      D. द्वंद्व… Continue reading समास से संबंधित प्रश्नोत्तरी

समास और समास के भेद : भाग-7 (बहुव्रीहि समास-Attributive Compound)

बहुव्रीहि समास- बहुव्रीहि दो शब्दों के मेल से बना है। बहु + व्रीहि = बहुव्रीहि जिसमें ‘बहु’ का अर्थ होगा ‘बहुत सारे अर्थों का’ और व्रीहि का अर्थ होगा ‘निषेध करने वाला’ अथार्त बहुत सारे अर्थों का निषेध कर एक अर्थ को रखनेवाला समास को बहुव्रीहि समास कहते है। पं. कामता प्रसाद गुरु के अनुसार-… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-7 (बहुव्रीहि समास-Attributive Compound)

समास और समास के भेद : भाग-6 (द्वंद्व समास)

द्वंद्व समास (Copulative Compound) साधारण बोलचाल की भाषा में ‘द्वंद्व’ समास के दोनों पद प्रधान होते हैं। पं. कामता प्रसाद गुरु के शब्दों में- “जिस समास में सब पद अथवा उनका समाहार प्रधान रहता है, उसे द्वंद्व समास कहते है।” द्वंद्व समास में समस्त पद के दोनों पद प्रधान होते हैं। समस्त पद का विग्रह… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-6 (द्वंद्व समास)

समास और समास के भेद : भाग-5 (व्याधिकरण तत्पुरुष समास)

व्यधिकरण तत्पुरुष समास के अन्य भेद जिस तत्पुरुष समास में कारक चिह्न का लोप नहीं होता उसे अलुक् तत्पुरुष समास कहते हैं। अलुक् तत्पुरुष समास में कारक चिह्न किसी न किसी रूप में विद्यमान रहता है। अलुक् शब्द अ + लुक् के योग से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘न छिपना’ होता है। दरअसल, तत्पुरुष… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-5 (व्याधिकरण तत्पुरुष समास)

समास और समास के भेद : भाग-4 (द्विगु समास) (Numeral Compound)

परिभाषा- वह समास जिसका पहला पद यानी पूर्व पद कोई संख्यावाची शब्द तथा उत्तर पद संज्ञा शब्द हो तथा सम्पूर्ण सामासिक पद का कोई अन्य अर्थ अभिव्यक्त नहीं हो उसे द्विगु समास कहते है। जैसे- चौराहा = चार राहों का समाहार  (चौराहा का कोई अन्य अर्थ नहीं निकल रहा है। अतः द्विगु समास है।) पं.… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-4 (द्विगु समास) (Numeral Compound)

समास और समास के भेद : भाग-3 (कर्मधारय समास)

समानाधिकरण तत्पुरुष समास अथार्त ‘कर्मधारय समास’- कर्मधारय समास में, एक शब्द दूसरे शब्द की विशेषता बताता है, यानी पहले शब्द का अर्थ दूसरे शब्द के गुण या विशेषता को दर्शाता है।  उदाहरण- 'नीलकमल' में 'नीला' रंग कमल की विशेषता को दर्शाता है।  परिभाषा: कर्मधारय समास में, पूर्वपद (पहला पद) विशेषण होता है और उत्तरपद (दूसरा पद)… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-3 (कर्मधारय समास)

समास और समास के भेद : भाग-2 (तत्पुरुष समास)

2. तत्पुरुष समास- जिससमास का पूर्व पद गौण और उत्तर पद प्रधान हो उसे ‘तत्पुरुष समास’ कहते हैं। पं. कामता प्रसाद गुरु के अनुसार- “इस समास में पहला शब्द बहुधा संज्ञा अथवा विशेषण होता है। इसके विग्रह में इस शब्द के साथ कर्ता और संबोधन कारकों को छोड़ शेष सभी कारकों की विभक्तियाँ लगती है।”… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-2 (तत्पुरुष समास)

समास और समास के भेद : भाग-1 (अव्ययीभाव समास)

‘समास’ शब्द की उत्पति ‘सम्’ (उपसर्ग) + ‘आस’ (प्रत्यय) के मिलने से हुआ है। ‘सम’ का अर्थ होता है ‘पूर्णरूप’ से और ‘आस’ का अर्थ है ‘नजदीक आना’ अथार्त दो या दो से अधिक पदों का पूर्ण रूप से मिलना या नजदीक आना ‘समास’ कहलाता है। इसका शाब्दिक अर्थ ‘संक्षेपण’ होता है। परिभाषा- दो या… Continue reading समास और समास के भेद : भाग-1 (अव्ययीभाव समास)