सब कहते हैं कि लडकियाँ परायी होती हैं लेकिन समय बदल गया है कोई माने या न माने, लडकियाँ नहीं लड़के पराये होते हैं। कुछ कहते हैं, मर्द को दर्द नहीं होता कौन कहता है? मर्द को दर्द नहीं होता? दर्द होता है, लेकिन किससे कहे वह कौन सुनता है उसकी? इसीलिए कहा जाता है… Continue reading पुरुष विमर्श (कविता)
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नालंदा (कविता)
जहाँ कभी जलता था ज्ञान का दीप आज खड़ा है वीरान खंडहरों के बीच लिखी है पत्थरों पर समय की कहानी झलकती है संस्कृति, दिखती है निशानी। जहाँ गूँजा करते थे ज्ञान के गीत वहाँ गूँजते हैं अब सन्नाटे की गूँज थी चहल-पहल जहाँ विद्यार्थियों की अब उड़ते हैं सन्नाटे में मिट्टी और धूल। जहाँ… Continue reading नालंदा (कविता)
हाथों की लकीरें (कविता)
माथे की लकीरों को देखते ही उसने कहा, ओह! तुम्हारे तो भाग्य ही नहीं है!! कैसे रहोगी? कैसे जियोगी? खैर! दुखी होकर भी हमेशा तुम मुस्कुराती रहोगी मैं सोंची, उसे क्या पता, मैं भी जिद्दी हूँ, माथे की लकीरों को आत्मशक्ति से बदल सकती हूँ, मैं जानती थी, अपने आपको मन में दर्द था, आत्मशक्ति… Continue reading हाथों की लकीरें (कविता)
हमारी ‘हिन्दी’ (कविता)
सरस भाषा हिन्दी है, सरल भाषा हिन्दी है, सरस, सरल और रुचिर भाषा हिन्दी है। मृदुल भाषा हिन्दी है, मधुर भाषा हिन्दी है, मृदुल, मधुर और कोमल भाषा हिन्दी है। कर्म भाषा हिन्दी है, धर्म भाषा हिन्दी है, कर्म, धर्म और काव्य भाषा हिन्दी है। संस्कार भाषा हिन्दी है, संस्कृति भाषा हिन्दी है, संस्कार, संस्कृति… Continue reading हमारी ‘हिन्दी’ (कविता)
छायावाद के प्रतिनिधि कवि जयशंकर प्रसाद
जीवन परिचय- जयशंकर प्रसाद जन्म- 30 जनवरी 1889 ई. काशी के ‘गोवर्धनसराय’ में हुआ था। इनका परिवार ‘सूघनी साहू’ के नाम से जाना जाता था। निधन- 15 नवंबर 1937 ई. में हुआ था। पिता- बाबू देविप्रसाद और माता- मुन्नी देवी थी। जयशंकर प्रसाद जी के उपनाम: 1. इनके बचपन का नाम ‘झारखंडी’ था। 2. इन्हें… Continue reading छायावाद के प्रतिनिधि कवि जयशंकर प्रसाद
हिंदी साहित्य ‘निबंध’ और ‘आलोचना’ – नई रचनाएँ और रचनाकार
क्र.सं. निबंधकारनिबंध संग्रह 20181.डॉ. उमेश प्रसाद सिंहमैं तुम्हारा पता नहीं जानता2.ज्ञान चतुर्वेदीरंदा *3.अष्टभुजा प्रदास शुक्लपानी पर पटकथा *4.हरीश नवलदीनानाथ के हाथ5.हरीश नवलवाया पेरिस आया गाँधीवाद6.हरीश नवलपिली छत पर काला निशान7.हरीश नवलनिराला की गली से8.हरीश नवलअमेरीकी प्याले में भारतीय चाय निबंधकारनिबंध संग्रह 20191.जवाहर चौधरीबाज़ार में नंगे2.सुनील सिद्धार्थआखेट3.गोपाल चतुर्वेदीपत्थर फेको सुखी रहो 4.नर्मदा प्रसाद उपाध्यायचिंगारी की विरासत5.डॉ. उमेश प्रसाद… Continue reading हिंदी साहित्य ‘निबंध’ और ‘आलोचना’ – नई रचनाएँ और रचनाकार
हिंदी साहित्य : उपन्यास और उपन्यासकार
क्र.सं.उपन्यासकारउपन्यास (2018) 1.प्रभु जोशीनान्या 2.भालचंद्र जोशीप्रार्थना में पहाड़ 3.अवधेश प्रीतअशोक राजपथ 4.वीरेंद्र सारंगआर्यगाथा 5.संतोष चौबेबेतरतीब पन्ने 6.विकाश कुमार झागयासुर संधान 7.ज्ञान चतुर्वेदीपागलखाना * 8.शैलेंद्र नागरये इश्क नहीं आसां 9.रूपसिंह चंदेलबस्ती बरहानपुर 10.मिथिलेश्वरतेरा संगी कोई नहीं * 11.रमेश दवेमास्टर रमानाथ का शिक्षानामा 12.नरेंद्र कोहलीसागर मंथन * 13.गोविंद मिश्रखिलाफ़त * 14.गिरिराज किशोरआंजनेय जयते * 15.डॉ. सुधाकर अदीबकथा विराट 16.संजीवप्रत्यंचा * 17.हृदयेशस्वस्थ अवस्थ लोग * 18.मृणाल पांडेहिंगुली हीरामणि की कथा * 19.डॉ. उषा यादवउसके हिस्से की धूप 20.नासिरा… Continue reading हिंदी साहित्य : उपन्यास और उपन्यासकार
हिंदी कहानी संग्रह नवीन रचनाएँ एवं रचनाकार
क्र.सं रचनाकार रचनाएँ ‘कहानी संग्रह’ (2018)1.लता शर्मामैं अर्णा *2.क्षमा शर्माइक्कीसवीं सदी का लड़का *3.असगर वजाहतभीड़तंत्र *4.राजेंद्र लहरियासियासत5.राजकुमार राकेशआपातकाल डायरी6.कृष्ण बिहारीतीन कप कॉफ़ी और एक अनाम रिश्ता7.संजय सहायमुलाक़ात8.राम नगीना मौर्यआप कैमरे की निगाह में हैं9.प्रभात रंजनबोलरो क्लास10.सत्यनारायण पटेलतीतर फांद11.राकेश बिहारीगौरतलब कहानियाँ12.शशिभूषण द्विवेदीब्रह्महत्या तथा अन्य कहानियाँ13.शशिभूषण द्विवेदीकहीं कुछ नहीं14.कुसुम अंसलमेरी दृष्टि तो मेरी है *15.क्षमा शर्माबात अभी… Continue reading हिंदी कहानी संग्रह नवीन रचनाएँ एवं रचनाकार
रचना के आधार पर वाक्य के भेद
भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण है, वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं और शब्दों के मेल से वाक्य बनता है। वाक्य की परिभाषा- शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं। सार्थक का मतलब होता है अर्थ रखने वाला शब्द अथार्त शब्दों का ऐसा समूह जिससे सार्थक अर्थ निकलता हो, उसे वाक्य कहते हैं।… Continue reading रचना के आधार पर वाक्य के भेद
समास से संबंधित प्रश्नोत्तरी
1. निम्नलिखित में किस शब्द में समास और संधि दोनों है? A. यज्ञशाला B. स्वधर्म C. जलोष्मा D. पंकज 2.‘शक्ति के अनुसार’ का सामासिक पद क्या होगा? A. शक्तिमान B. शक्तिपुंज C. शक्तिशाली D. यथाशक्ति 3. ‘शाखामृग’ शब्द में कौन सा समास है? A. कर्मधारय समास B. तत्पुरुष समास C. बहुव्रीहि समास D. द्वंद्व… Continue reading समास से संबंधित प्रश्नोत्तरी