प्रत्यय (Suffix) भाग-4

3. गुणवाचक तद्धित प्रत्यय- जिन प्रत्ययों के योग से गुणवाचक शब्दों का निर्माण होता है, उसे गुणवाचक तद्धित प्रत्यय कहते हैं। जैसे- आ, ई, आना, आलु/आलू, इक, इत, इन, ‘ईन/ईण’,ईय, ईला, दार, मान, पूर्वक, शाली, वाँ, श:, वत्।  

1. ‘आ’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 प्यारप्यारा
 प्यासप्यासा
 ठंडठंडा
 खारखारा
 रुखरूखा
सूखसूखा
 भूखभूखा
    
2. ‘ई’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 सरकारसरकारी
 मारवाड़मारवाड़ी
 गुलाबगुलाबी
जंगलजंगली
 दोस्तदोस्ती
 बैंगनबैंगनी
 बैसाखबैसाखी
 विदेशविदेशी
 क्रोधक्रोधी
 रोगरोगी
 भोगभोगी
    
3. ‘आना’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 राजपूतआनाराजपूताना
 चक्करआनाचकराना
 सिरहआनासिरहाना
 तिलंगाआनातिलंगाना
 नज़रआनानजराना
    
4.‘आलु/आलूमूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कृपाआलुकृपालु  
 संशयआलुसंशयालु
 लज्जाआलुलज्जालु
 श्रद्धाआलु  श्रद्धालु  
 ईर्ष्याआलुईर्ष्यालु
 दयाआलुदयालु
 ह्रदयआलुहृदयालु
 खर्चाआलूखर्चालू
 डरआलूडरालू
 भड़क आलू भड़कालू
 घनराआलूघनरालू
 हँसआलूहँसालू

5. ‘इक’

‘इक’ प्रत्यय लगने से स्वर के आरंभिक स्वर में निम्नांकित परिवर्तन होते हैं। जैसे-

1. का में परिवर्तन

2. का और का में परिवर्तन

3. उ, ऊ, ओ का में परिवर्तन

1. ‘अ’ का ‘आ’ में परिवर्तन होता है।

मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
अंकइकआंकिक
अंशइकआंशिक
अस्तिइकआस्तिक
अलंकारइकआलंकारिक
अंचलइकआंचलिक
अर्थइकआर्थिक
अधुनाइकआधुनिक
कर्मइककार्मिक
कल्पनाइककाल्पनिक
चमत्कारइकचामत्कारिक
तंत्रइकतांत्रिक
धर्मइकधार्मिक
पक्षइकपाक्षिक
परिवारइकपारिवारिक
मनस्इकमानसिक
सर्वलोकइकसार्वलौकिक

विशेष नोट- ‘इक’ प्रत्यय लगाने पर ‘आ’ का ‘आ’ ही रहता है। प्रारम्भिक स्वर में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

आरम्भइकआरंभिक
काया इककायिक
मासइकमासिक
न्यायइकन्यायिक
भाषाइकभाषिक
राजनीतिइकराजनीतिक
व्यापारइकव्यापारिक
साहसइकसाहसिक
मासइकमासिक
जालइकजालिक

2. ‘इ’, ‘ई’, ‘ए’ का ‘ऐ’ में परिवर्तन होता है।

इच्छाइकऐच्छिक
इतिहास  इकऐतिहासिक
निमित्तइकनैमित्तिक
दिनइकदैहिक
निसर्गइकनैसर्गिक
पितृइकपैतृक
पिशाचइकपैशाचिक
विकल्पइकवैकल्पिक
विवाहइकवैवाहिक
विज्ञानइकवैज्ञानिक
शिक्षणइकशैक्षणिक

‘ई’ का ‘ऐ’ में परिवर्तन के उदाहरण-

जीवइकजैविक
नीतिइकनैतिक
जीनइकजैनिक

‘ए’ का  ‘ऐ’ में परिवर्तन के उदाहरण-

वेतनइकवैतनिक
वेदइकवैदिक
देहइकदैहिक
नेहइकनैहिक
देवइकदैविक
सेनाइकसैनिक

3. ‘उ’, ‘ऊ’, ‘ओ’ का ‘औ’ में परिवर्तन होता है।  ‘उ’ का ‘औ’ में परिवर्तन के उदाहरण-  

उपन्यासइकऔपन्यासिक
उपचारइकऔपचारिक
उपनिवेशइकऔपनिवेशिक
पुराणइकपौराणिक
मुखइकमौखिक
कुटुंबइककौटुंबिक
बुद्धिइकबौद्धिक

‘ऊ’ का ‘औ’ में परिवर्तन-

मूलइकमौलिक
भूगोलइकभौगोलिक
भूतइकभौतिक
भूमिइकभौमिक

‘ओ’ का ‘औ’ में परिवर्तन-

लोकइकलौकिक
योगइकयौगिक

‘ऋ’ का ‘आर’ में परिवर्तन-

हृदयइकहार्दिक
गृहस्थइकगार्हस्थिक
6. ‘इत’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 खंडइतखंडित
 गठ (न)इतगठित
 रच (न)इतरचित
 द्रवइतद्रवित
 दूष (ण)इतदूषित
 भूष (ण)इतभूषित
 पोषइतपोषित
 फलइतफलित
 लिखइतलिखित
 पूज्यइतपूजित
 कंटकइतकंटकित
 कलंकइतकलंकित
    
7. ‘इन’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कठइनकठिन
 मलइनमलिन
    
8. ‘ईन/ईण’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कुलईनकुलीन
 ग्रामईणग्रामीण
 नवईननवीन
 प्राचीईनप्राचीन
 शीलईनशालीन
 शौकईनशौकीन
 प्रव (ण)ईणप्रवीण
    
9. ‘ईय’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 भवत् (आप)ईयभवदीय
 भारतईयभारतीय
 मानवईयमानवीय
 स्थानईयस्थानीय
 नगरईयनगरीय
 क्षेत्रईयक्षेत्रीय
 जातिईयजातीय
 प्रांतईयप्रांतीय
 राष्ट्रईयराष्ट्रीय
    
10. ‘ईला’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 चमकईलाचमकीला
RAS-1994,97,EXMज़हरईलाजहरीला
 पत्थरईलापथरीला
 भड़कईलाभड़कीला
 काँटाईलाकँटीला
 गाँठईलागँठीला
 छबि ईलाछबीला
PSI-1995, EXMपानीईलापनीला
 लाजईलालजीला
 रसईलारसीला
PSI-1998, EXMहठईलाहठीला
    
11. ‘दार’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 चमकदारचमकदार
 चूड़ीदारचूड़ीदार
 चौकीदारचौकीदार
 थानादारथानेदार
 सूबादारसूबेदार
 ज़मीनदारज़मींदार
 दूकानदारदुकानदार
 पल्लादारपल्लेदार
 हवालदारहवालदार
 तहसीलदारतहसीलदार
    
12. ‘मान’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कीर्तिमानकीर्तिमान
 बुद्धिमानबुद्धिमान
RAS-1989, EXMमूर्तिमानमूर्तिमान
 सम्मानसम्मान
 शक्तिमानशक्तिमान
    
13. ‘पूर्वक’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 ध्यानपूर्वकध्यानपूर्वक
 विधिपूर्वकविधिपूर्वक
 दृढ़तापूर्वकदृढ़तापूर्वक
    
14. ‘शाली’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 गौरवशालीगौरवशाली
 प्रतिभाशालीप्रतिभाशाली
 वैभवशालीवैभवशाली
 प्रभावशालीप्रभावशाली
 शक्तिशालीशक्तिशाली
    
15. ‘वाँ’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 आठवाँआठवाँ
 दसवाँदसवाँ
 पाँचवाँपाँचवाँ
    
16. ‘शः’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 क्रमशःक्रमशः
 कोटिशःकोटिशः
 शतशःशतशः
    
17. ‘वत्’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 पुत्रवत्पुत्रवत्
 मातृवत्मातृवत्
 विधिवत्विधिवत्

जय हिंद

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