3. गुणवाचक तद्धित प्रत्यय- जिन प्रत्ययों के योग से गुणवाचक शब्दों का निर्माण होता है, उसे गुणवाचक तद्धित प्रत्यय कहते हैं। जैसे- आ, ई, आना, आलु/आलू, इक, इत, इन, ‘ईन/ईण’,ईय, ईला, दार, मान, पूर्वक, शाली, वाँ, श:, वत्।
| 1. ‘आ’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| प्यार | आ | प्यारा | |
| प्यास | आ | प्यासा | |
| ठंड | आ | ठंडा | |
| खार | आ | खारा | |
| रुख | आ | रूखा | |
| सूख | आ | सूखा | |
| भूख | आ | भूखा | |
| 2. ‘ई’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| सरकार | ई | सरकारी | |
| मारवाड़ | ई | मारवाड़ी | |
| गुलाब | ई | गुलाबी | |
| जंगल | ई | जंगली | |
| दोस्त | ई | दोस्ती | |
| बैंगन | ई | बैंगनी | |
| बैसाख | ई | बैसाखी | |
| विदेश | ई | विदेशी | |
| क्रोध | ई | क्रोधी | |
| रोग | ई | रोगी | |
| भोग | ई | भोगी | |
| 3. ‘आना’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| राजपूत | आना | राजपूताना | |
| चक्कर | आना | चकराना | |
| सिरह | आना | सिरहाना | |
| तिलंगा | आना | तिलंगाना | |
| नज़र | आना | नजराना | |
| 4.‘आलु/आलू | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| कृपा | आलु | कृपालु | |
| संशय | आलु | संशयालु | |
| लज्जा | आलु | लज्जालु | |
| श्रद्धा | आलु | श्रद्धालु | |
| ईर्ष्या | आलु | ईर्ष्यालु | |
| दया | आलु | दयालु | |
| ह्रदय | आलु | हृदयालु | |
| खर्चा | आलू | खर्चालू | |
| डर | आलू | डरालू | |
| भड़क | आलू | भड़कालू | |
| घनरा | आलू | घनरालू | |
| हँस | आलू | हँसालू |
5. ‘इक’
‘इक’ प्रत्यय लगने से स्वर के आरंभिक स्वर में निम्नांकित परिवर्तन होते हैं। जैसे-
1. अ का आ में परिवर्तन
2. इ का ई और ए का ऐ में परिवर्तन
3. उ, ऊ, ओ का औ में परिवर्तन
1. ‘अ’ का ‘आ’ में परिवर्तन होता है।
| मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| अंक | इक | आंकिक |
| अंश | इक | आंशिक |
| अस्ति | इक | आस्तिक |
| अलंकार | इक | आलंकारिक |
| अंचल | इक | आंचलिक |
| अर्थ | इक | आर्थिक |
| अधुना | इक | आधुनिक |
| कर्म | इक | कार्मिक |
| कल्पना | इक | काल्पनिक |
| चमत्कार | इक | चामत्कारिक |
| तंत्र | इक | तांत्रिक |
| धर्म | इक | धार्मिक |
| पक्ष | इक | पाक्षिक |
| परिवार | इक | पारिवारिक |
| मनस् | इक | मानसिक |
| सर्वलोक | इक | सार्वलौकिक |
विशेष नोट- ‘इक’ प्रत्यय लगाने पर ‘आ’ का ‘आ’ ही रहता है। प्रारम्भिक स्वर में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
| आरम्भ | इक | आरंभिक |
| काया | इक | कायिक |
| मास | इक | मासिक |
| न्याय | इक | न्यायिक |
| भाषा | इक | भाषिक |
| राजनीति | इक | राजनीतिक |
| व्यापार | इक | व्यापारिक |
| साहस | इक | साहसिक |
| मास | इक | मासिक |
| जाल | इक | जालिक |
2. ‘इ’, ‘ई’, ‘ए’ का ‘ऐ’ में परिवर्तन होता है।
| इच्छा | इक | ऐच्छिक |
| इतिहास | इक | ऐतिहासिक |
| निमित्त | इक | नैमित्तिक |
| दिन | इक | दैहिक |
| निसर्ग | इक | नैसर्गिक |
| पितृ | इक | पैतृक |
| पिशाच | इक | पैशाचिक |
| विकल्प | इक | वैकल्पिक |
| विवाह | इक | वैवाहिक |
| विज्ञान | इक | वैज्ञानिक |
| शिक्षण | इक | शैक्षणिक |
‘ई’ का ‘ऐ’ में परिवर्तन के उदाहरण-
| जीव | इक | जैविक |
| नीति | इक | नैतिक |
| जीन | इक | जैनिक |
‘ए’ का ‘ऐ’ में परिवर्तन के उदाहरण-
| वेतन | इक | वैतनिक |
| वेद | इक | वैदिक |
| देह | इक | दैहिक |
| नेह | इक | नैहिक |
| देव | इक | दैविक |
| सेना | इक | सैनिक |
3. ‘उ’, ‘ऊ’, ‘ओ’ का ‘औ’ में परिवर्तन होता है। ‘उ’ का ‘औ’ में परिवर्तन के उदाहरण-
| उपन्यास | इक | औपन्यासिक |
| उपचार | इक | औपचारिक |
| उपनिवेश | इक | औपनिवेशिक |
| पुराण | इक | पौराणिक |
| मुख | इक | मौखिक |
| कुटुंब | इक | कौटुंबिक |
| बुद्धि | इक | बौद्धिक |
‘ऊ’ का ‘औ’ में परिवर्तन-
| मूल | इक | मौलिक |
| भूगोल | इक | भौगोलिक |
| भूत | इक | भौतिक |
| भूमि | इक | भौमिक |
‘ओ’ का ‘औ’ में परिवर्तन-
| लोक | इक | लौकिक |
| योग | इक | यौगिक |
‘ऋ’ का ‘आर’ में परिवर्तन-
| हृदय | इक | हार्दिक |
| गृहस्थ | इक | गार्हस्थिक |
| 6. ‘इत’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| खंड | इत | खंडित | |
| गठ (न) | इत | गठित | |
| रच (न) | इत | रचित | |
| द्रव | इत | द्रवित | |
| दूष (ण) | इत | दूषित | |
| भूष (ण) | इत | भूषित | |
| पोष | इत | पोषित | |
| फल | इत | फलित | |
| लिख | इत | लिखित | |
| पूज्य | इत | पूजित | |
| कंटक | इत | कंटकित | |
| कलंक | इत | कलंकित | |
| 7. ‘इन’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| कठ | इन | कठिन | |
| मल | इन | मलिन | |
| 8. ‘ईन/ईण’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| कुल | ईन | कुलीन | |
| ग्राम | ईण | ग्रामीण | |
| नव | ईन | नवीन | |
| प्राची | ईन | प्राचीन | |
| शील | ईन | शालीन | |
| शौक | ईन | शौकीन | |
| प्रव (ण) | ईण | प्रवीण | |
| 9. ‘ईय’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| भवत् (आप) | ईय | भवदीय | |
| भारत | ईय | भारतीय | |
| मानव | ईय | मानवीय | |
| स्थान | ईय | स्थानीय | |
| नगर | ईय | नगरीय | |
| क्षेत्र | ईय | क्षेत्रीय | |
| जाति | ईय | जातीय | |
| प्रांत | ईय | प्रांतीय | |
| राष्ट्र | ईय | राष्ट्रीय | |
| 10. ‘ईला’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| चमक | ईला | चमकीला | |
| RAS-1994,97,EXM | ज़हर | ईला | जहरीला |
| पत्थर | ईला | पथरीला | |
| भड़क | ईला | भड़कीला | |
| काँटा | ईला | कँटीला | |
| गाँठ | ईला | गँठीला | |
| छबि | ईला | छबीला | |
| PSI-1995, EXM | पानी | ईला | पनीला |
| लाज | ईला | लजीला | |
| रस | ईला | रसीला | |
| PSI-1998, EXM | हठ | ईला | हठीला |
| 11. ‘दार’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| चमक | दार | चमकदार | |
| चूड़ी | दार | चूड़ीदार | |
| चौकी | दार | चौकीदार | |
| थाना | दार | थानेदार | |
| सूबा | दार | सूबेदार | |
| ज़मीन | दार | ज़मींदार | |
| दूकान | दार | दुकानदार | |
| पल्ला | दार | पल्लेदार | |
| हवाल | दार | हवालदार | |
| तहसील | दार | तहसीलदार | |
| 12. ‘मान’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| कीर्ति | मान | कीर्तिमान | |
| बुद्धि | मान | बुद्धिमान | |
| RAS-1989, EXM | मूर्ति | मान | मूर्तिमान |
| सम् | मान | सम्मान | |
| शक्ति | मान | शक्तिमान | |
| 13. ‘पूर्वक’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| ध्यान | पूर्वक | ध्यानपूर्वक | |
| विधि | पूर्वक | विधिपूर्वक | |
| दृढ़ता | पूर्वक | दृढ़तापूर्वक | |
| 14. ‘शाली’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| गौरव | शाली | गौरवशाली | |
| प्रतिभा | शाली | प्रतिभाशाली | |
| वैभव | शाली | वैभवशाली | |
| प्रभाव | शाली | प्रभावशाली | |
| शक्ति | शाली | शक्तिशाली | |
| 15. ‘वाँ’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| आठ | वाँ | आठवाँ | |
| दस | वाँ | दसवाँ | |
| पाँच | वाँ | पाँचवाँ | |
| 16. ‘शः’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| क्रम | शः | क्रमशः | |
| कोटि | शः | कोटिशः | |
| शत | शः | शतशः | |
| 17. ‘वत्’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| पुत्र | वत् | पुत्रवत् | |
| मातृ | वत् | मातृवत् | |
| विधि | वत् | विधिवत् |
जय हिंद
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