प्रत्यय (Suffix) भाग-3

क्रिया को छोड़कर संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण के अंत में लगनेवाले प्रत्यय को ‘तद्धित प्रत्यय’ कहा जाता है। और उनके मेल से बनने वाले को ‘तद्धितांत शब्द’ कहते है। जैसे-

मानव + ता = मानवता

अच्छा + आई = अच्छाई

अपना + पन = अपनापन

जादू  + गर = जादूगर

विशेष- ‘कृत’ प्रत्यय धातुओं के अंत में लगता है, जबकि तद्धित प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण के अंत में जुड़कर/लगकर  अर्थ में परिवर्तन करते हुए नए शब्द बनाते हैं।  तद्धित प्रत्यय के मुख्य छह भेद है।

1. ‘कृतवाचक  

2. भाववाचक

3. गुणवाचक

4. अपत्यावाचक (संतानवाचक), संतान सूचक प्रत्यय

5. ऊनतावाचक (लघुतासूचक), कमी/हीनता सूचक प्रत्यय

6. स्त्रीवाचक

अन्य भेद- 7. संबंधसूचक

1. ‘कृतवाचक तद्धित प्रत्यय- जिन वाक्यों के जुड़ने से कर्ता बोधक शब्दों का निर्माण हो, ‘कृतवाचक तद्धित प्रत्यय’ कहलाते हैं। ये प्रायः संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण शब्द के अंत में लगते हैं।

कृतवाचक तद्धित प्रत्यय निम्नलिखित हैं- आर, आरा, आरी, ई, इया, उवा/उआ, एरा, ऐत, ची, दान/दानी, एड़ी, वाला, वान, हारा, दार, ऊटा।

1. ‘आर’ मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कहआरकहार
 सुथ  आरसुथार
 लोहाआरलुहार
 चामआरचमार
 गाँवआरगँवार
 कुंभ/कुम्हआरकुम्हार
    
2. ‘आरा’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 भाठाआराभठियारा
हत्याआराहत्यारा
 घासआराघसियारा
 बनिजआराबनिजारा
    
3. ‘आरी’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 पूजाआरीपुजारी
 भीखआरीभिखारी
 जुआआरीजुआरी
 कोठ (कोष्ठ)आरीकोठारी
    
4. ‘ई’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 तमोलतमोली
 तेलतेली
 कामकामी
 भेदभेदी
 मालमाली
    
5. ‘इया’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 भरतपुरइयाभरतपुरिया
 धौलपुरइयाधौलपुरिया
 बखेड़ाइयाबखेड़िया
 आढ़तइयाआढतिया
 कन्नौज  इयाकन्नौजिया
 छलइयाछलिया
 जयपुरइयाजयपुरिया
 तेलइयातेलिया
 दुःखइयादुखिया
 धोबीइयाधोबिया
 हराइयाहरिया
 सुखइयासुखिया
 रसइयारसिया
 रसोईइयारसोइया
    
6. ‘उवा/उआ’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 काठउवा/उआकठुआ
 खारउवा/उआखारुआ
 गेरूउवा/उआगेरुआ
 मछउवा/उआमछुआ
 फागउवा/उआफगुआ
 पारउवा/उआपरुआ
 तलउवा/उआतलुआ
 टहलउवा/उआटहलुआ
    
7. ‘एरा’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 काँसाएराकसेरा
 घासएराघसेरा
 लाखएरालखेरा
 चित्रएराचतेरा
 ठाठ  एराठठेरा
    
8. ‘ऐत’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 डाकाऐतडकैत
 लट्ठऐतलठैत
 भालाऐतभलैत
 दंगाऐतदंगैत
 कड़खाऐत  कड़खैत
 वरद/विरदऐतवरदैत
    
9. ‘ची’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 मशालाचीमशालची
 अफ़ीमचीअफ़ीमची
 ख़जानाचीख़जानची
 चिलमचीचिलमची
 नक़लचीनकलची 
 बावरचीबावरची
    
10. ‘दाना/दानीमूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 खानदानखानदान
 चायदान   चायदान
 पानदानपानदान
 पीकदानीपीकदानी
 इत्रदानइत्रदान
 कलमदानकलमदान  
 मच्छरदानीमच्छरदानी
    
11. ‘एड़ी’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 भांगऐड़ीभंगेड़ी
 गांजाऐड़ीगंजेड़ी
 नशाऐड़ीनशेड़ी
    
12. ‘वाला’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कामवालाकामवाला
 गाड़ीवालागाड़ीवाला
 घड़ीवालाघड़ीवाला
 धनवालाधनवाला
 पानवालापानवाला
 फूलवालाफूलवाला
 फेरीवालाफेरीवाला
 सब्जीवालासब्जीवाला
    
13. ‘वान’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कोचवानकोचवान
 धनवानधनवाना
 गुणवानगुणवान
 पहलवानपहलवान
    
14. ‘हारा’मूलशब्दप्रत्यय  तद्धितांत
 पानीहारापनिहारा
 चूड़ीहाराचुड़ीहारा
 लकड़हारालकड़हारा
    
15. ‘दार’मूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 हिस्सादारहिस्सादार
 मालदारमालदार
    
16. ऊँटामूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
(PSI-1995) EXAMकालाऊँटाकलूटा

2. भाववाचक तद्धित प्रत्यय- जिन प्रत्ययों के योग से शब्द भाववाचक संज्ञा बन जाते हों, उन्हें भाववाचक तद्धित प्रत्यय कहते हैं। ये प्रत्यय प्रायः संज्ञा, सर्वनाम, एवं विशेषण शब्दों के अंत में जुड़कर भाववाचक संज्ञा का निर्माण करते हैं।

भाववाचक तद्धित प्रत्यय निम्नलिखित हैं- आ, आई, आपा, आन, आयत, आवा, आस/आसा, आहट, औता/औती, अक, ई, अत, इम/इमा, इकी, अंतर, आंद, आवट, कार, गी, य, ता, पन और त्व।

1. ‘आ’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 सर्राफ़ सर्राफ़ा
 बजाजबजाजा
 चूरचूरा
 जोड़जोड़ा
    
2. ‘आई’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 पंडितआईपंडिताई
 चतुर आईचतुराई
 खुदाआईखुदाई
RAS-2000, EXMढीठआईढीठाई
 जुदाआईजुदाई
 साफ़आईसफाई
 मीठाआईमिठाई
 तन्हआईतन्हाई
RAS-1989, EXMबुराआईबुराई
 भलाआईभलाई
 सिलआईसिलाई
    
3. ‘आपा’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
RAS-1987,97 EXMमोटाआपा  मोटापा
 राँडआपारँडापा
 बूढ़ाआपाबुढ़ापा
 बहनआपा  बहनापा
    
4. ‘आन’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 ऊँचाआनऊँचान
 नीचाआननीचान
 चौड़ाआनचौड़ान
    
5. ‘आयत’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 लोकआयतलोकायत
 बहुतआयतबहुतायत 
 टीकाआयतटीकायत
    
6. ‘आवा’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 दिखाआवादिखावा
 भूलआवाभुलावा
 छलआवाछलावा
 चढ़आवाचढ़ावा
 बुला  आवाबुलावा
7. ‘आस/आसामूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 मीठाआसमिठास
 खट्टाआसखटास
 नींदआसनींदास
 मुँहआसामुँहआसा
    
8. ‘आहट’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कड़वाआहटकड़वाहट
 चिकनाआहटचिकनाहट
 गरमआहटगरमाहट 
 घबरा (ना)आहटघबराहट
 गड़-गड़ा (ना)आहटगड़गड़ाहट 
 तिलमिला (ना)आहटतिलमिलाहट
    
9. ‘औता/औतीमूलशब्दप्रत्ययतद्धितांत
 काठऔताकठौता
 काठऔतीकठौती
 बूढ़ाऔतीबूढ़ौती
 बापऔतीबपौती
    
10. ‘अक’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 अरण्यअकआरण्यक
 ठंडअकठंडक
 लटअकलटक
 बंधअकबंधक
 भोजअकभोजक
 भनअकभनक
 चिकित्सा  अकचिकित्सक
    
11. ‘अत’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 रंगअतरंगत
 संगअतसंगत
    
12. ‘अंतर’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 मतअंतरमतांतर  
 रूपअंतररूपांतर
 समानअंतरसमानांतर
 मध्यअंतरमध्यांतर
    
13. ‘आंद’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 कपड़ाआंदकपडांध  
 माघआंदमघांद
 घिनआंदघिनांद
    
14. ‘आवट’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 मेह (वर्षा)आवटमहावट
 मिलआवटमिलावट
 अमाआवटअमावट
    
15. ‘ई’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 दलालदलाली
 गृहस्थ गृहस्थी
 महाजनमहाजनी
 सफ़ेदसफ़ेदी
 सावधानसावधानी
 खेतखेती
 गर्मगर्मी
 खुशख़ुशी
 चतुरचतुरी
 चोरचोरी  
 दोस्तदोस्ती
 नमनमी
    
16. ‘इकी’  मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 मानवइकीमानविकी
 यंत्रइकीयांत्रिकी
 भूतइकीभौतिकी
 वनइकीवानिकी
 संख्याइकीसांख्यिकी
    
17. ‘कार’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत 
 अहं (अहम्)कारअहंकार
 हा हाकारहाहाकार
 धिककारधिक्कार
 तिरकारतिरस्कार
 टनकारटंकार
 जयकारजयकार
 झनकारझंकार
    
18. ‘गी’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 एकबारगीएकबारगी
 मर्दानगीमर्दानगी
 सादागीसादगी
 जिंदागीजिंदगी
    
19. ‘ता’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 आवश्यकताआवश्यकता
 अधीनताअधीनता
 निजतानिजता
 गुरुतागुरुता
 देवतादेवता
 मनुष्यतामनुष्यता
 मित्रतामित्रता
 मुर्खतामुर्खता
 लघुतालघुता
 महानतामहानता
 वीरतावीरता
 सुंदरतासुंदरता
 मधुरतामधुरता
    
20. ‘पन’मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 लड़कापनलड़कपन
 अपनापनअपनापन
 गँवारपनगँवारपन
 दीवा (ना)पनदीवानापन
 पागलपनपागलपन
 बाँकपनबाँकपन
 भोलापनभोलापन
 बाँझपनबाँझपन
 बच्चापनबचपन
21. ‘य’  मूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 अधिपतिआधिपत्य
 अभिधार  अभिधार्य
 उचितऔचित्य
 अचारआचार्य
 आदिआदय 
 एकएक्य
 ईश्वरऐश्वर्य
 चेतनाचैतन्य
 चतुरचातुर्य
 दरिद्रदारिद्रय
 धानधान्य
 कविकाव्य
 दंपतिदांपत्य
 पंडितपांडित्य
 विरागवैराग्य
 वीरवीर्य
 राजाराज्य
 संख्यासांख्य
 सुजानसौजन्य
 कुमारकौमार्य
 विधवावैधव्य
 सहितसाहित्य
 निमित्तनैमित्य
 निकटनैकट्य
 शिथिलशैथिल्य
 शूरशौर्य
 धीरधैर्य
    
त्वमूल शब्दप्रत्ययतद्धितांत
 गुरुत्वगुरुत्व
 नेतात्वनेतृत्व
 पशुत्वपशुत्व
 देवत्वदेवत्व
 बंधुत्वबंधुत्व
 पुरुषत्वपुरुषत्व
 मनुष्यत्वमनुष्यत्व
 व्यक्तित्वव्यक्तित्व

विशेष नोट- देव मनुष्य की भाववाचक संज्ञाएँ क्रमशः देवता, मनुष्यता हैं, किंतु देवत्व, मनुष्यता भी प्रचालन में हैं।

जय हिंद

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