प्रत्यय (Suffix) भाग-2

2. कर्मवाचक ‘प्रत्यय’– जिन प्रत्ययों से कर्मवाचक शब्द बनता है, उसे ‘कर्मवाचक कृत’ प्रत्यय कहते हैं।

‘कर्मवाचक कृत’ के कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय निम्नलिखित हैं-­

औना/औनी, ना, नी

1. औना/औनीधातुप्रत्यय कृदंत
 खेल (ना)    औनाखिलौना
 घिनऔनाघिनौना
 गा (गै)औनागाना
 पहरऔनीपहरौनी
 बिछऔनाबिछौना
 मीचऔनामिचौना
 ओढ़औना/औनीऔढ़ना
    
2. ‘ना’धातुप्रत्ययकृदंत
 ओढ़नाओढ़ना
 कसनाकसना
 कूटनाकूटना
 खानाखाना
 घोटनाघोटना
 चाटनाचाटना
 छाननाछानना
 दानादाना
 पढ़नापढ़ना
 पाहुँनापाहुँना
 बाँधनाबाँधना
 बेलनाबेलना
 बोलनाबोलना
    
3. ‘नी’धातुप्रत्ययकृदंत
 ओढ़नी ओढ़नी
 चाटनीचटनी      
 चलनीचलनी
 पढ़नीपढ़नी
 करनीकरनी
 भरनीभरनी
 सुननीसुननी
 सूँघनीसूँघनी
 कह   नीकहनी
 कहानीकहानी

विशेष नोट- ‘कर्मवाचक’ प्रत्ययों से केवल संज्ञाएँ बनती है।

3. करणवाचक कृत प्रत्यय- जिन कृत प्रत्ययों से क्रिया के कारण का निर्माण होता है, उसे ‘करणवाचक कृत’ प्रत्यय कहते हैं। यहाँ ‘करणवाचक कृत’ प्रत्यय इस प्रकार है- अन, आ, ई, नी।

1. ‘अन’धातुप्रत्ययकृदंत
 चुभअनचुभन
 जमाअनजामन
 झाड़अनझाड़न
 ढ़कअनढक्कन
 बंधअनबंधन
 बेलअन  बेलन
 मंथअनमंथन
 खुरचअनखुरचन
    
2. ‘आ’धातुप्रत्ययकृदंत
 घेरघेरा
 फाँसफाँसा
 झारझारा
 ठेलठेला
 पोतपोता
 मेलमेला
3. ‘ई’धातुप्रत्ययकृदंत
 गागरगगरी
 बुहारबुहारी
 फाँसफाँसी
 रेतीरेती
    
4. ‘नी’धातुप्रत्ययकृदंत
 ओढ़ (ना)         नीओढ़नी
 कतर (ना)       नीकतरनी
 ओट (ना)नीओटनी
 जन (ना)नीजननी
 छल (ना)नीछलनी
 धौंक (ना)नीधौंकनी

विशेष नोट- करणवाचक प्रत्यय से भाववाचक कृत प्रत्यय बनती है।

4. भाववाचक कृत प्रत्यय- जिन कृत प्रत्ययों से भाववाचक संज्ञा शब्दों की रचना होती है, उसे ‘भाववाचक कृत’ प्रत्यय कहते हैं। कुछ महत्वपूर्ण ‘भाववाचक कृत’ प्रत्यय निम्नलिखित हैं- अ, अक, अत, अंत, अन, आ, आई, आऊ, आन, आप, आव, आवा, आवट, आस, आहट, ई, औता, औती, नी, ती। 

1. ‘अ’धातुप्रत्ययकृदंत
 चल (ना)   चाल
 चीख (ना)  चीख
 माँग (ना)माँग
 मिल (ना)मेल
    
2. ‘अक’धातुप्रत्ययकृदंत
 कस (ना)अककसक
 बैठ (ना)अकबैठक
 मार (ना)अकमारक
 याच (ना)अकयाचक
 फाड़ना (फाट)अकफाटक
    
3. ‘अत’धातुप्रत्ययकृदंत
 चाह (ना)अतचाहत
 चल (ना) अतचलत
 बच (ना) अतबचत
 रंग (ना) अतरंगत
 खप (ना) अतखपत 
 लिख (ना) अतलिखत
 पढ़ (ना) अतपढ़त
    
4. ‘अंत’धातुप्रत्ययकृदंत
 लिपट (ना)      अंतलिपटंत
 गढ़ (ना)      अंतगढ़त
 रट (ना)      अंतरटंत
    
5. ‘अन’धातुप्रत्ययकृदंत
 उलझअनउलझन
 कह (ना)अनकहन
 चल (ना)अनचलन
 घुट (ना)अनघुटन
 ऐंठन (इठना)अनऐंठन
 ले (ना) दे (ना)अनलेनदेन
    
6. ‘आ’धातुप्रत्ययकृदंत
 अड़ (ना)आड़
 उतार (ना) उतारना
 खींच (ना) खींचना
 घेर (ना) घेरना
 जोड़ (ना) जोड़ा
 टूट (ना) टूटा/टोंटा
 तोड़ (ना) तोड़ा
 फाँस (ना) फाँसना
 फेर (ना) फेरा
 बैठ (ना) बैठा
 पड़ (ना) पड़ा
 मर (ना) मरा
 झुक (ना) झुका/झोंका
 झगड़ (ना) झगड़ा
    
7. ‘आई’धातुप्रत्ययकृदंत
 काट (ना)   आईकटाई
 खुद (ना)    आईखुदाई
 चढ़ (ना)    आईचढ़ाई
 जोत (ना)   आईजुताई
 खींच (ना)   आईखिंचाई
 चरा (ना)    आईचिराई
 खिला (ना)  आईखिलाई
 कमा (ना)   आईकमाई
 सींच (ना)   आईसिंचाई
 दिख (ना)आईदिखाई
 लड़ (ना)    आईलड़ाई
 सीख (ना) आईसिखाई
 काट (ना) आईकटाई
    
8. ‘आऊ’धातुप्रत्ययकृदंत
 गिर (ना)आऊगिराऊ
 चल (ना)आऊचलाऊ
 जल (ना)आऊजलाऊ
 टिक (ना)आऊटिकाऊ
 दिख (ना)   आऊदिखाऊ
 बिका (ना)   आऊबिकाऊ
    
9. ‘आन’धातुप्रत्ययकृदंत
 उठ (ना)आनउठान
 उड़ (ना)आनउड़ान
 चल (ना)आनचलान
    
10. ‘आप’धातुप्रत्यय  कृदंत
 मिल (ना)आपमिलाप
 जल (ना)आपजलाप
    
11. ‘आव’धातुप्रत्ययकृदंत
 छिड़क (ना)आवछिडकाव
 खींच (ना)आवखींचाव
 घेरआवघिराव
 पड़आवपड़ाव
12. ‘आवा’ धातुप्रत्ययकृदंत
 बहक (ना)     आवाबहकावा
 पछता (ना)आवापछतावा
    
13. ‘आवट’ धातुप्रत्ययकृदंत
 लिख (ना)     आवटलिखावट
 रुक  (ना)आवटरुकावट
    
14. आसधातुप्रत्ययकृदंत
 पी (ना)आसप्यास
 ऊँघ (ना)आसऊँघास
    
15. ‘आहट’धातुप्रत्ययकृदंत
 जगमगा (ना)आहट   जगमगाहट
 बिलबिला (ना)आहटबिलबिलाहट
    
16. ‘ई’धातुप्रत्ययकृदंत
 घुड़क (ना)   घुड़की
 धमक (ना)   धमकी
    
17. ‘औता’धातुप्रत्ययकृदंत
    
 चुकता (ना)औताचुकौता
 समझ (ना)औतासमझौता
    
18. ‘औती’धातुप्रत्ययकृदंत
 काट (ना)औतीकटौती
 फिर (ना)औतीफिरौती
    
19. ‘नी’धातुप्रत्ययकृदंत
 उठ(ना)नीउठनी
 बैठ (ना)नीबैठनी
 कर (ना)नीकरनी
 भर (ना)नीभरनी
 मिल (ना)नीमिलनी
 भर (ना)नीभरनी
 बो (ना)नीबोनी
    
20. ‘ती’धातुप्रत्ययकृदंत
 भर (ना)तीभरती
 गिन (ना)  तीगिनती
 घट (ना)तीघटती
 चुक (ना)   तीचुकती
 झड़ (ना)   तीझड़ती
 धर (ना)तीधरती
 फब (ना)   तीफबती
 बढ़ (ना)   तीबढ़ती

 विशेष नोट- भाववाचक प्रत्ययों से केवल संज्ञाएँ बनती हैं 

5. क्रियाबोधक या क्रियावाचक कृत प्रत्यय- जिन प्रत्ययों के योग से क्रिया-विशेषण, अव्यय अथवा क्रिया शब्दों का निर्माण होता है, उसे ‘क्रियाबोधक या क्रियावाचक कृत प्रत्यय’ कहते हैं।

1. ‘हुआ’धातुप्रत्ययकृदंत
 चल (ना)हुआ  चलता हुआ
 आ (ना)हुआआता हुआ
 कर (ना)हुआकरता हुआ
 खा (ना)हुआखाता हुआ
 जा (ना)हुआजाता हुआ
 जोत (ना)हुआजोतता हुआ
 सुन (ना)हुआसुनता हुआ

विशेष नोट- ‘क्रियाबोधक कृत प्रत्यय’ एक मात्र पुल्लिंग में प्रयुक्त होते हैं। एक मात्र ऐसा उपसर्ग है, जिसमें मूल धातु के साथ  अंत में ‘ता’ या ‘ते’ तथा इसके बाद ‘हुआ’ और जोड़ देते हैं जैसे-       

 एकवचनयाबहुवचन
 चरता हुआयाचरते हुए
 जागता हुआयाजागते हुए
 भागता हुआयाभागते हुए
 सोता हुआयासोते हुए
 लड़ता हुआयालड़ते हुए
 लिखता हुआयालिखते हुआ
    
2. ‘आ’धातुप्रत्ययकृदंत
 बैठ (ना)बैठा
 जाग (ना)जागा
    
3. ‘कर’धातुप्रत्ययकृदंत
 देख (ना)करदेखकर
 सुन (ना)करसुनकर
    
4. ‘ता’धातुप्रत्ययकृदंत
 चढ़ (ना)ताचढ़ता
 डूब (ना)ताडूबता
 खा (ना) ताखाता
    
5. ‘ता हुआ’धातुप्रत्ययकृदंत
 खा(ना)ता हुआखाता हुआ
 पढ़ (ना)ता हुआपढ़ता हुआ
    
6. ‘ते ही’धातुप्रत्ययकृदंत
 बोल(ना)ते हीबोलते ही
 उठ (ना)ते हीउठते ही
    
7. ‘ते ते’धातुप्रत्ययकृदंत
 चल (ना)ते तेचलते-चलते
 हँस (ना)ते तेहँसते-हँसते
    
8. ‘ना’धातुप्रत्ययकृदंत
 खेल (ना)नाखेलना
 माँग (ना)नामाँगना
    
9. ‘या’धातुप्रत्ययकृदंत
 आ (ना)याआया
 खो (ना)याखोया
 खा (ना) याखाया
 बो (ना) याबोया
 सो (ना) यासोना
    
यहाँ विशेषणबनाने वाले कृतप्रत्यय- 
10. ‘अनीय’धातुप्रत्ययकृदंत
 ग्रहण (ना)अनीय  ग्रहणीय
 अभिनंद (ना)अनीयअभिनंदनीय
    
11. ‘इत’धातुप्रत्ययकृदंत
 लिख (ना)इतलिखित
 चिंता (ना)इतचिंता
    
12. ‘ना’धातुप्रत्ययकृदंत
 पाल (ना)नापालन(पालन करने वाला)
 लदनालदना (बैल)
    
13. ‘वाँ’धातुप्रत्ययकृदंत
 काट (ना)वाँ  कटवाँ
 चुन (ना)वाँचुनवाँ
 ढाल (ना)वाँढलवाँ 

जय हिंद

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