(तद्धित प्रत्यय)
4. अपत्यवाचक/ संतानवाचक/ संतानसूचक प्रत्यय-
जिन प्रत्ययों के योग से वंश, कुल, संतान का बोध कराने वाले शब्दों का निर्माण होता है, उसे ‘अपत्यवाचक प्रत्यय’ कहते हैं। इन प्रत्ययों में भी शब्दों के प्रथम वर्ण में लगे हुए स्वर में इक प्रत्यय की तरह परिवर्तन हो जाता है। जैसे-
1. अ का आ में परिवर्तन होता है।
2. इ, ई, ए का ऐ में परिवर्तन होता है।
3. उ, ऊ, ओ का औ में परिवर्तन होता है।
1. अ का आ में परिवर्तन होता है।
अभिजात्य = आभिजात्य
अग्नि = आगेन्य
अतिथि = आतिथेय
यदु = यादव
रघु = राघव
राधा = राधेय
लवण = लावण्या
लघु = लाघव
सम = साम्य
सरथ = सारथि
समरस = सामरस्य
सहचर = साहचर्य
सदृश = सादृश्य
स्वतंत्र = स्वातंत्र्य
स्वस्थ = स्वास्थ्य
वत्सल = वात्सल्य
वृष्णि = वार्ष्णेय
वल्मीक = वाल्मीकि
कश्यप = काश्यप
कृतिका = कार्तिकेय
गंगा = गांगेय
दंपती = दांपत्य
दरिद्र = दारिद्र्य
दशरथ = दाशरथि
दनु = दानव
पश्चात = पाश्चात्य
पथ = पथैय
पंचाल = पांचाल
मधु = माधव
मरुत = मारुत
मृकुंड = मार्कंडेय
मलिन = मालिन्य
भगिनी = भागिन्य
महात्मा = माहात्म्य
मधुर = माधूरी
मनु = मानव
विशेष नोट- ‘आ’ प्रत्यय में कोई परिवर्तन नहीं होता है अथार्त इक प्रत्यय की भाँती ‘आ’ का ‘आ’ ही रहता है।
‘इ’ का ‘ए’ में परिवर्तन होता है-
इंद्र = ऐन्द्री (इंद्र की पत्नी)
जिन = जैन
दिति = दैत्य
निराशा = नैराश्य
निकट = नैकट्य
निपुण = नेपुन्य
निवेद = निवैद्य
विचित्र = वैचित्र्य
विधवा = वैधव्य
विष्णु = वैष्णव
विदेह = वैदेही (सीता)
निभिन्न = वैभिन्न्य
शिव = शैव
सिंधु = सैंधव
‘ई’ का ‘ऐ’ में परिवर्तन होता है–
धीर = धैर्य
ईश्वर = ऐश्वर्य
दीन = दैन्य
‘ऋ’ का ‘र’ में परिवर्तन होता है-
पृथक = पार्थक्य
पृथा = पार्थ
मृदु = मार्दव
वृधक = वार्धक्य (बुढ़ापा)
गृहस्थी = गार्हस्थ्य
‘ए’ का ‘ऐ’ में परिवर्तन होता है-
चेतन = चैतन्य
एक = ऐक्य
‘उ’ का ‘औ’ में परिवर्तन होता है-
कुशल = कौशल
कुंती = कौंतेय (अर्जुन)
कुरु = कौरव
कुमार = कौमार्य
सुहृद = सौहार्द
सुष्ठ = सौष्ठव
शुचि = शौच
दुहित्र = दौहित्र
गुरु = गौरव
उत्सुक = औत्सुक्य
उचित = औचित्य
उदार औदार्य
| 1. ‘य’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| जमदग्नि | य | जादग्मय | |
| पुलस्ति | य | पौलस्त्य (रावण | |
| 2. ‘अयन’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| राम | अयन | रामायण | |
| नारा | अयन | नारायण | |
| 3. ‘आयन’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| संस्कृति | आयन | सांस्कृत्यायन | |
| वत्स/वत्सि | आयन | वात्स्यायन | |
| दांड्य (दंडी) | आयन | दांड्यायन | |
| कात्य | आयन | कात्यायन |
5. ऊनतावाचक (लघुतावाचक) तद्धित प्रत्यय- जिन प्रत्ययों के योग से लघुता प्रदर्शित करनेवाले शब्दों का निर्माण होता है उसे ऊनतावाचक या लघुतावाचक तद्धित प्रत्यय कहते हैं। जैसे- आ, ई, इया, इक, ओला, की, टा/ऊटा, डा, डी, सा, सी।
| ‘आ’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| ठाकुर | आ | ठाकुरा | |
| कालू | आ | कलुआ | |
| बच्चू | आ | बचुआ | |
| लालू | आ | ललुआ | |
| मन | आ | मनुआ | |
| 2. ‘ई’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| हथौड़ा | ई | हथौड़ी | |
| मंडल | ई | मण्डली | |
| पहाड़ | ई | पहाड़ी | |
| प्याला | ई | प्याली | |
| कटोरा | ई | कटोरी | |
| चिमटा | ई | चिमटी | |
| रस्सा | ई | रस्सी | |
| रेत | ई | रेती | |
| थाल | ई | थाली | |
| नाला | ई | नाली | |
| घड़ा | ई | घड़ी | |
| डोरा | ई | डोरी | |
| 3. ‘इया’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| गठरी | इया | गठरिया | |
| डिब्बा | इया | डिबिया | |
| खाट | इया | खटिया | |
| कुटी | इया | कुटिया | |
| चोटी | इया | चुटिया | |
| बेटी | इया | बिटिया | |
| बिंदी | इया | बिंदिया | |
| लोटा | इया | लुटिया | |
| 4. ‘इक’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| बालक | इक | बालिका | |
| कली | इक | कलिका | |
| तुली | इक | तुलिका | |
| लता | इक | लतिका | |
| पत्र | इक | पत्रिका | |
| 5. ‘ओला’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| साँप | ओला | सँपोला | |
| खाट | ओला | खटोला | |
| गढ़ | ओला | गढ़ोला | |
| बात | ओला | बतोला | |
| माँझ | ओला | मझोला | |
| 6. ‘की’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| कन | की | कनकी | |
| ढोल | की | ढोलकी | |
| टिम | की | टिमकी | |
| 7. ‘टा/ऊटा | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| चोर | टा | चोट्टा | |
| काला | ऊटा | कलूटा (RAS EX 1969) | |
| 8. ‘ड़ा’ | मूलशब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| चाम | ड़ा | चमड़ी | |
| दुःख | ड़ा | दुखड़ा | |
| टूक | ड़ा | टुकड़ा | |
| बछ | ड़ा | बछड़ा | |
| मुख | ड़ा | मुखड़ा | |
| पीछे | ड़ा | पिछड़ा | |
| 9. ‘ड़ी’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| पलंग | ड़ी | पलंगड़ी | |
| पंख | ड़ी | पंखड़ी | |
| चाम | ड़ी | चमड़ी | |
| आँत | ड़ी | आँतड़ी | |
| दाम | ड़ी | दमड़ी | |
| 10. ‘सा’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| अच्छा | सा | अच्छा-सा | |
| ऊँचा | सा | ऊँचा-सा | |
| एक | सा | एक-सा | |
| बहुत | सा | बहुत-सा | |
| बड़ा | सा | बड़ा-सा | |
| मरा | सा | मारा-सा | |
| 11. ‘सी’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| सफ़ेद | सी | सफ़ेद-सी | |
| बर्फ़ | सी | बर्फ़-सी |
6. स्त्रीवाचक/ स्त्रीबोधक प्रत्यय- जिन प्रत्ययों के योग से स्त्रीवाचक/ स्त्रिबोधक शब्दों का निर्माण होता है, उसे स्त्रीवाचक तद्धित प्रत्यय कहते हैं। महत्वपूर्ण प्रत्यय निम्न है- आ, आनी, आइन, ओई, ई, इका, इन, इनी, इया, नी।
| 1. ‘आ’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| अनुज | आ | अनुजा | |
| अग्रज | आ | अग्रजा | |
| छात्र | आ | छात्रा | |
| शिष्य | आ | शिष्या | |
| सुत | आ | सुता | |
| 2. ‘आनी’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| ठाकुर | आनी | ठकुरानी | |
| चौधरी | आनी | चौधरानी | |
| पंडित | आनी | पंडिताइन | |
| देवर | आनी | देवरानी | |
| नौकर | आनी | नौकरानी | |
| जेठ | आनी | जेठानी | |
| ब्रह्मा | आनी | ब्राह्मणी | |
| सेठ | आनी | सेठानी | |
| 3. ‘आइन’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| ठाकुर | आइन | ठकुराइन | |
| चौधरी | आइन | चौधराइन | |
| पंडित | आइन | पंडिताइन | |
| मुंशी | आइन | मुंशियाइन | |
| 4. ‘ओई’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| बहन | ओई | बहनोई | |
| ननद | ओई | ननदोई | |
| 5. ‘ई’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| लड़का | ई | लड़की | |
| हरिण | ई | हरिणी | |
| चिमटा | ई | चिमटी | |
| घोड़ा | ई | घोड़ी | |
| बेटा | ई | बेटी | |
| देव | ई | देवी RAS-1997 | |
| 6. ‘इका’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| लेखक | इका | लेखिका | |
| नायक | इका | नायिका | |
| अध्यापक | इका | अध्यापिका | |
| 7. ‘इन’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| मालिक | इन | मालकिन | |
| लुहार | इन | लुहारिन | |
| सुनार | इन | सुनारिन | |
| पड़ोस | इन | पड़ोसिन RAS-1989 | |
| कुम्हार | इन | कुम्हारिन | |
| धोबी | इन | धोबिन | |
| नाग | इन | नागिन | |
| तेली | इन | तेलिन | |
| बाघ | इन | बाघिन | |
| माली | इन | मालिन | |
| 8. ‘इनी’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| वाहन | इनी | वाहिनी | |
| सरोज | इनी | सरोजिनी | |
| कमल | इनी | कमलिनी | |
| यक्ष | इनी | यक्षिणी | |
| 9. ‘इया’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| बंदर | इया | बंदरिया RAS-1988 | |
| चुनरी | इया | चुनरिया | |
| बिंदी | इया | बिंदिया | |
| कुत्ता | इया | कुतिया | |
| चिड़ा | इया | चिड़िया | |
| 10. ‘नी’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| मोर | नी | मोरनी | |
| शेर | नी | शेरनी | |
| नट | नी | नटनी | |
| भाट | नी | भाटनी | |
| पति | नी | पत्नी | |
| जाट | नी | जाटनी |
7. संबंध वाचक तद्धित प्रत्यय (व्यक्ति या वस्तु से संबंध सूचक प्रत्यय) – जिस प्रत्ययों के योग से संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, संबंध का बोध हो, उसे ‘संबंधवाचक तद्धित’ प्रत्यय कहते हैं। महत्वपूर्ण प्रत्यय निम्न है- आल, आला, हाल, एरा, जा/जी, ई।
| 1. ‘आल’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| ससुर | आल | ससुराल | |
| गंगा | आल | गंगाल | |
| 2. ‘आला’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| शिव | आला | शिवाला | |
| 3. ‘हाल’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| नानी | हाल | ननिहाल | |
| 4. ‘एरा’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| काका | एरा | काकेरा | |
| चाचा | एरा | चचेरा | |
| मामा | एरा | ममेरा | |
| मौसा | एरा | मौसेरा | |
| फूफ़ा | एरा | फुफेरा | |
| 5. ‘ई’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| गुजरात | ई | गुजराती | |
| पंजाब | ई | पंजाबी | |
| राजस्थान | ई | राजस्थानी | |
| बंगाल | ई | बंगाली | |
| 6. ‘जा/जी’ | मूल शब्द | प्रत्यय | तद्धितांत |
| भान (भागिनीज | ‘जा/जी | भानजा/भानजी | |
| भती (भातृज) | ‘जा/जी | भतीजा/ भतीजी |
जय हिंद