लिंग- संज्ञा के जिस रूप से किसी व्यक्ति या वस्तु के नर या मादा जाति का बोध होता हैं उसे लिंग कहते हैं। जैसे- दादा, दादी, माता, पिता, शेर, शेरनी, लड़का, लड़की आदि। लिंग के तीन प्रकार होते हैं- 1. पुल्लिंग 2. स्त्रीलिंग 3. उभयलिंग पुल्लिंग- जिन शब्दों से ‘पुरुष’ या ‘नर’ जाति का बोध होता है… Continue reading लिंग (Gender)
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कारक (Case)
कारक (case) के प्रकार और विभक्ति चिन्ह ‘कारक’ का अर्थ होता है- ‘करनेवाला’ जब किसी संज्ञा, सर्वनाम पद का संबंध वाक्य में प्रयुक्त अन्य पदों व क्रिया के साथ जाना जाता है, उसे कारक कहते है। कारक की परिभाषा- संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसके संबंध का बोध… Continue reading कारक (Case)
‘भक्तिकाल’ – प्रश्नोत्तरी
1. ‘भक्ति' शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत की 'भज्' धातु में 'कतिन' प्रत्यय के योग से बना है, जिसका अर्थ होता है- अपने उपास्य भगवान् के ऐश्वर्य में भाग लेना।" यह मान्यता किस विद्वान की है? (अ) ग्रियर्सन (ब) मैक्समूलर (स) मोनियर विलियम्स✔ (द) गिलक्रिस्ट 2. भक्तिकाल को 'कलात्मक उत्कर्ष' का काल किस विद्वान् ने कहा… Continue reading ‘भक्तिकाल’ – प्रश्नोत्तरी
हिंदी व्याकरण ‘क्रिया’ (Verb)
क्रिया की परिभाषा- जिस शब्द से किसी कार्य को करने या होने का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे- खाना, पढ़ना, लिखना, चलना, सोना आदि। क्रिया एक विकारी शब्द है, जिसका रूप लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार बदलते रहता है। क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं, अर्थात जिन मूल अक्षरों से क्रियाएँ… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘क्रिया’ (Verb)
हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)
विशेषण शब्द की व्युत्पत्ति- 'वि' (उपसर्ग) 'शाष' (धातु) और 'अन' (प्रत्यय) के मिलने से बना है। जिसका अर्थ है, 'किसी की विशेषता बताने वाला।' कामता प्रसाद गुरु के अनुसार- "वे शब्द जो किसी संज्ञा के अर्थ को सीमित मर्यादित (संकुचित/संकीर्ण/सीमित/अव्याप्त) करते हैं, उन्हें विशेषण कहते है।" जैसे- 'गाय' कहने से सभी तरह के गायों का… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)
हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)
विशेषण शब्द की व्युत्पत्ति- 'वि' (उपसर्ग) 'शाष' (धातु) और 'अन' (प्रत्यय) के मिलने से बना है। जिसका अर्थ है, 'किसी की विशेषता बताने वाला।' कामता प्रसाद गुरु के अनुसार- "वे शब्द जो किसी संज्ञा के अर्थ को सीमित मर्यादित (संकुचित/संकीर्ण/सीमित/अव्याप्त) करते हैं, उन्हें विशेषण कहते है।" जैसे- 'गाय' कहने से सभी तरह के गायों का… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)
हिंदी व्याकरण ‘संज्ञा’ (Noun)
संज्ञा शब्द की व्युपति- ‘संज्ञा’ शब्द दो शब्दों के मेल/योग से बना है। सम् + ज्ञा ‘सम्’ का अर्थ ‘सम्यक’ (पूर्ण) और ‘ज्ञ’ का अर्थ ‘ज्ञान’ अथार्त ‘पूर्णज्ञान’ होता है। ‘संज्ञा’ शब्द का मतलब है- ‘नाम’ परिभाषा- किसी वस्तु, प्राणी, स्थान, भाव आदि के ‘नाम’ को संज्ञा कहते है। वस्तु के नाम – किताब, कलम,… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘संज्ञा’ (Noun)
हिन्दी व्याकरण – वर्ण विचार
वर्ण की परिभाषा: कामताप्रसाद गुरु के शब्दों में- “वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसके खण्ड नहीं किए जा सकते हैं।” (क, अ, ट इसे खण्ड नहीं किया जा सकता है) आचार्य किशोरीदास वाजपेयी के अनुसार- “वर्ण वह छोटी से छोटी ध्वनि है जो कान का विषय है और जिसके टुकड़े नहीं किए जा… Continue reading हिन्दी व्याकरण – वर्ण विचार
हिन्दी व्याकरण – वर्णमाला
वर्ण- भाषा की सबसे छोटी इकाई जिसके खंड या टुकड़े नहीं किए जा सकते हैं, उसे वर्ण कहते हैं। जैसे- अ, आ, इ, ई आदि। वर्णमाला- वर्णों की व्यवस्थित समूह को ‘वर्णमाला’ कहते हैं। हिन्दी वर्णमाला में वर्णों की कुल संख्या 52 होती है। हिन्दी वर्णमाला के समस्त वर्णों को दो भागों में विभक्त किया गया है-… Continue reading हिन्दी व्याकरण – वर्णमाला
UGC NET/JRF (2023) HINDI
Question Paper with Answer Part-2 (Que 51 to 81) 51. ‘सतपुरा के जंगल’ कविता में जंगल के संबंध में कौन-से विशेषण प्रयुक्त हैं? A. जगमगाते जगे जागे B. नींद में डूबे हुए से C. चिलचिलाते जले D. घिनौने-घने E. कंप के कनकने नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चयन कीजिये। (a) केवल 1,… Continue reading UGC NET/JRF (2023) HINDI