1. ‘भक्ति’ शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत की ‘भज्’ धातु में ‘कतिन’ प्रत्यय के योग से बना है, जिसका अर्थ होता है- अपने उपास्य भगवान् के ऐश्वर्य में भाग लेना।” यह मान्यता किस विद्वान की है?
(अ) ग्रियर्सन (ब) मैक्समूलर
(स) मोनियर विलियम्स✔ (द) गिलक्रिस्ट
2. भक्तिकाल को ‘कलात्मक उत्कर्ष’ का काल किस विद्वान् ने कहा है?
(अ) डॉ. गंपतिचंद्र गुप्त (ब) आचार्य रामचंद्र शुक्ल
(स) डॉ. पृथ्वीकमल कुलश्रेष्ठ✔ (द) डॉ. नगेंद्र
3. ‘भक्ति‘ शब्द का उल्लेख सबसे पहले किस रचना में मिलता है?
(अ) श्रीमद् भागवत पुराण में (ब) श्वेताश्वेतर उपनिषद् में✔
(स) गोपाल तापिनी उपनिषद् में (द) श्रीमद् भागवत गीता में
4. “भक्ति भगवान् के प्रति अनन्यगामी एकांत प्रेम का नाम है।” यह कथन किस आलोचक का है ?
(अ) हजारीप्रसाद द्विदेदी✔ (ब) आचार्य रामचंद्र शुक्ल
(स) डॉ. नगेंद्र (द) डॉ. रामकुमार वर्मा
5. “देश में मुसलमानों का राज्य प्रतिष्ठित हो जाने पर अपने पौरुष से हताश जाति के लिए भगवान् की शक्ति और करुणा की ओर ध्यान ले जाने के अतिरिक्त दूसरा मार्ग ही क्या था।” किस आलोचक का कथन है?
(अ) डॉ नगेंद्र (ब) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔
(स) डॉ. रामकुमार वर्मा (द) हजारीप्रसाद द्विदेदी
6. “समूचे भारतीय इतिहास में अपने ढ़ंग का अकेला साहित्य है, इसी का नाम भक्ति साहित्य है, यह एक नयी दुनिया है।” कथन किस आलोचक का है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल (ब) गंपतिचंद्र गुप्त
(स) डॉ. रामकुमार वर्मा (द) हजारीप्रसाद द्विदेदी✔
7. “पराजय के बाद व्यक्ति या तो अपनी आध्यात्मिकता श्रेष्ठता दिखाना चाहता है अथवा विलास में डूबकर पराजय को भूल जाना चाहता है, भक्ति आन्दोलन का स्रोत पहली मनोवृति है।” कथन किस आलोचक का है?
(अ) श्यामसुन्दर दास (ब) बाबू गुलाब राय✔
(स) ग्रियर्सन (द) डॉ. रामकुमार वर्मा
8. “जिस युग में कबीर, जायसी, तुलसी, सूर जैसे सुप्रसिद्ध कवियों द्वारा महात्माओं की दिव्य वाणी उनके अंतःकरणों से निकलकर देश के कोने-कोने में फैली थी, उसे साहित्य के इतिहास में सामान्यतः भक्ति युग कहते हैं निश्चित ही वह हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग था।” कथन किस विद्वान का है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल (ब) ग्रियर्सन
(स) श्यामसुन्दर दास✔ (द) मैक्समूलर
9. “भक्ति द्रविडी उपजी लाये रामानंद परगट किया कबीर ने सात द्वीप नौ खंड।” पंक्तियाँ किसकी है?
(अ) रामानंद (ब) कबीर✔ (स) जायसी (द) नाभादास
10. “यह बात अत्यंत उपहासास्पद है कि जब मुसलमान लोग उत्तर भारत में मंदिर तोड़ रहे थे तो उसी समय अपेक्षाकृत निरापद दक्षिण में भक्त लोगों ने भगवान की शरणागति की प्रार्थना की मुसलमानों के अत्याचार से यदि भक्ति की भाव धारा को उमड़ना था तो पहले सिंध में और फिर उसे उत्तर भारत में प्रकट होना चाहिए था, पर यह हुई दक्षिण भारत में।” यह कथन किस आलोचक का है?
(अ) बाबूगुलाब राय (ब) नंददुलारे वाजपेयी
(स) डॉ नगेंद्र (द) हजारीप्रसाद द्विदेदी✔
11. “यस्य देवे परा भक्तिर्यथा देवे तथा गुरौ।” यह पंक्ति किस ग्रन्थ से उद्धृत हैं?
(अ) श्रीमद् भगवत पुराण से (ब) ऋग्वेद
(स) श्वेताश्वेतर उपनिषद् ✔ (द) गोपाल तापनि उपनिषद्
12. आलवार भक्तों के पदों का ‘दिव्य प्रबन्धम्’ नाम से संकलन किसने किया?
(अ) मुनि रंगनाथ ने✔ (ब) नम्न आलवार ने
(स) मधुकर कवि ने (द) पोयगै आलवार ने
13. “सा परानुरक्तिरीश्वरें” भक्ति की यह परिभाषा किस ग्रंथ में दी गई है?
(अ) वैष्णवमताब्ज भास्कर (ब) श्रीमद् भगवत गीता
(स) रामायण (द) शांडिल्य भक्ति सूत्र✔
14. “ईसा की दूसरी-तीसरी शताब्दी में कुछ ईसाई मद्रास आकार बस गये थे जिनकें प्रभाव से भक्ति का विकास हुआ भक्ति आन्दोलन ईसाइयत की देन हैं।” यह कथन किसकी है?
(अ) ग्रियर्सन✔ (ब) विंटरनित्ज
(स) मैक्समूलर (द) कीथ
15. “हिन्दुओं ने मुसलामानों से लोहा लेने की शक्ति नहीं थी। इस असहायवस्था में उनके पास ईश्वर से प्रार्थना करने के अतिरिक्त अन्य कोई साधन नहीं था।” कथन किस आलोचक का है?
(अ) डॉ. ताराचंद (ब) डॉ. रामकुमार वर्मा✔
(स) रामचंद्र शुक्ल (द) श्यामसुन्दर दास
16. “भक्तिआन्दोलन भारतीय चिंतनधारा का स्वाभाविक विकास है।” किस आलोचक की मान्यता है?
(अ) बाबू गुलाबराय (ब) गंपतिचंद्र गुप्त
(स) हजारीप्रसाद द्विदेदी✔ (द) मोहन अवस्थी
17. ‘आलवार‘ शब्द का अर्थ है?
(अ) पवित्र (ब) उपासक (स) मग्न✔ (द) वैष्णव
18. “भक्ति साहित्य किसी क्षणिक भावावेग अथवा इंद्रिय जन्य भावोन्माद की अभिव्यक्ति मात्र नहीं है अपितु यह ठोस तथा उर्वर धरातल की उपज है।” कथन किस आलोचक का है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल (ब) रामचंद्र तिवारी
(स) डॉ. नगेंद्र✔ (द) रामविलास शर्मा
19.”अगर इस्लाम नहीं भी आया होता तो इस साहित्य का बारहआना वैसे ही होता जैसा आज है।” भक्ति साहित्य के संदर्भ में यह कथन किसका हैं?
(अ) गंपतिचंद्र गुप्त (ब) हजारीप्रसाद द्विदेदी✔
(स) आचार्य रामचंद्र शुक्ल (द) उदय नारायण तिवारी
20. “भक्ति साहित्य ने सौंदर्यशास्त्र को नया आयाम दिया है इसमें लोकप्रिय जातीय संस्कृति की जो छवि दिखाई पड़ती है वह फिर नहीं दिखाई पड़ी कलात्मक और ऐतिहासिक का इतना रोचक रसात्मक संवाद पुनः नहीं सुनाई पड़ा।” यह कथन किस आलोचक का है?
(अ) डॉ. नगेंद्र (ब) नामवर सिंह
(स) रामस्वरूप चतुर्वेदी (द) डॉ. बच्चन सिंह✔
21. बंगाल में ‘भक्ति आन्दोलन’ का नेतृत्व निम्न में से किसने किया?
(अ) रामानंद (ब) शंकरदेव
(स) चैतन्य महाप्रभु✔ (द) वल्लभाचार्य
22. भक्तिकाल को ‘पूर्व मध्यकाल‘ किस अलोचक ने कहा है?
(अ) ग्रियर्सन (ब) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔
(स) धीरेन्द्र वर्मा (द) मोहन अवस्थी
23. राजनीतिक दृष्टिकोण से किसके शासनकाल में भक्ति आन्दोलन का उदय माना जाता है?
(अ) बाबर (ब) अकबर
(स) औरंजेब (द) मुहम्मद बिन तुगलक✔
24. भक्ति आन्दोलन को ‘अरबों की देन’ मानने वाले विद्वान् का नाम है?
(अ) डॉ. ताराचंद✔ (ब) गुलाबराय
(स) रामविलास शर्मा (द) श्यामसुन्दर दास
25. किसने भक्ति साहित्य को ‘अचानक बिजली की चमक के सामान फैल जाने वाला साहित्य’ कहा है?
(अ) हजारीप्रसाद द्विदेदी (ब) ग्रियर्सन✔
(स) वेबर ने (द) मैक्स मूलर ने
26. “श्रद्धा और प्रेम का नाम भक्ति है।” किसका कथन है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔ (ब) हजारीप्रसाद द्विदेदी
(स) गणपतिचंद्र गुप्त (द) नामवर सिंह
27. ‘भक्ति आन्दोलन को पराजय की क्षति का पूरक’ किस विद्वान ने कहा?
(अ) गुलाबराय✔ (ब) गणपतिचंद्र गुप्त
(स) रामकुमार वर्मा (द) रामविलास शर्मा
28. ‘नम्न आलवार‘ का संस्कृत नाम क्या है?
(अ) सोरोयोगिन् (ब) शठकोप✔
(स) भक्तिसार (द) भूतयोगिन्
29. “पराजय की मनोवृति मनुष्य को या तो विषय विलास में लीन करती है या अपनी आध्यात्मिक श्रेष्ठता के प्रदर्शन में क्षति पूर्ति ढूंढने की प्रेरणा देती है।” किसका कथन है?
(अ) गुलाबराय (ब) नंददुलारे वाजपेयी
(स) रामकुमार वर्मा✔ (द) डॉ. ताराचंद
30. आलवारों में ‘राम भक्ति के प्रथम कवि‘ कौन माने जाते है?
(अ) मोयगै आलवार (ब) भूतन्तालवार
(स) पैयालवार (द) नम्न आलवार✔
31. आचार्य रामचंद्र शुक्ल के कथन के संदर्भ में असत्य है।
(अ) पूर्व मध्यकाल को भक्तिकाल कहा गया है
(ब) इसका निर्धारण संवत् 1375-1700 है
(स) प्रकरण 2 में भक्तिकाल के सामाजिक आधार की चर्चा है।✔ (प्र.1 में किया है)
(द) उपर्युक्त में से एक से अधिक
32. देश में मुसलामानों का राज्य प्रतिष्ठित हो जाने पर हिंदू जनता की ह्रदय में गौरव, गर्व और उत्साह के लिए वह अवकाश न रह गया।
उपर्युक्त कथन किसका है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔ (ब) रामविलास शर्मा
(स) हजारीप्रसाद द्विवेदी (द) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
33. “अपने पौरुष से हताश जाति के लिए भगवान् की शक्ति और करुणा की ओर ध्यान ले जाने के अतिरिक्त दूसरा मार्ग ही क्या था?”
उपर्युक्त कथन किस आलोचक का है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔ (ब) मोहन अवस्थी
(स) हजारीप्रसाद द्विवेदी (द) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
34. “धर्म का प्रवाह कर्म, ज्ञान और भक्ति, इन तीन धाराओं में चलता है। इन तीनों के सामंजस्य से धर्म अपनी पूर्ण सजीव दशा में रहता है। किसी एक के भी अभाव से वह विकलांग रहता है।”
उपर्युक्त कथन किस विद्वान का है?
(अ) डॉ. बच्चन सिंह (ब) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔
(स) हजारीप्रसाद द्विवेदी (द) मिश्रबंधु
35. “कर्म के बिना वह लूला-लंगडा, ज्ञान के बिना अँधा और भक्ति के बिना हृदयविहीन क्या निष्प्राण रहता है।”
उपर्युक्त कथन किसके संदर्भ में है?
- कर्म (ब) धर्म✔ (स) ज्ञान (द) भक्ति
36. “कर्म और भक्ति ही सारे जनसमुदाय की संपत्ति होती है।”
उपर्युक्त कथन किस विद्वान का है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔ (ब) तुलसीदास
(स) हजारीप्रसाद द्विवेदी (द) विश्वनाथ त्रिपाठी
37. गोस्वामी तुलसीदास ने किसे लक्ष्य कर कहा था- “गोरख जगायो जोग, भगति भागायों लोग।”
(अ) नाथों✔ (ब) जैनों (स) भक्तों (द) सिद्धियों
38. जिस समय मुसलमान भारत में आये उस समय सच्चे धर्मभाव का बहुत कुछ ह्रास हो गया था। प्रतिवर्तन के लिए बहुत कड़े धक्कों की आवश्यकता थी।
उपर्युक्त कथन किस विद्वान का है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔ (ब) मिश्रबंधु
(स) हजारीप्रसाद द्विवेदी (द) विश्वनाथ त्रिपाठी
39. भक्त कवि जनता को सँभालने और लीन भक्ति को जगाने लगे क्रमशः भक्ति का प्रवाह ऐसा विकसित और प्रबल होता गया कि उसकी लपेट में केवल हिंदू जनता ही नहीं, देश में बसनेवाले सहृदय मुसलमानों में से भी न जाने कितने आ गए।
उपर्युक्त कथन किस आलोचक का है?
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔ (ब) मिश्रबंधु
(स) हजारीप्रसाद द्विवेदी (द) डॉ. बच्चन सिंह
40. भक्ति का जो सोता दक्षिण की ओर से धीरे-धीरे उत्तर की ओर
आ रहा था उसे राजनीतिक परिवर्तन के कारण शून्य पड़ते हुए जनता के हृदयक्षेत्र में फैलने के लिये पूरा स्थान मिला।
उपर्युक्त कथन किस आलोचक का है?
(अ) हजारीप्रसाद द्विवेदी (ब) मिश्रबंधु
(स) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔ (द) डॉ. बच्चन सिंह
41. निम्नलिखित में से किसने शास्त्रीय पद्धति से जिस सगुण भक्ति का निरूपण किया था। उसकी ओर जनता आकर्षित होती चली आ रही थी।
(अ) रामानंद (ब) रामानुजाचार्य✔
(स) बल्लभाचार्य (द) विट्ठलनाथ
42. देश के पूर्व भाग में जयदेव जी के कृष्ण-प्रेम-संगीत की गुँज चली आ रही थी जिसके सुर मिथिला के कोकिल (विद्यापति) ने अपना सुर मिलाया।
उपर्युक्त कथन किस आलोचक का है?
(अ) हजारीप्रसाद द्विवेदी (ब) ग्रियर्सन
(स) आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔ (द) डॉ. बच्चन सिंह
43. निम्नलिखित में से किसने विष्णु के अवतार राम की उपासना पर जोर दिया और एक बड़ा भारी संप्रदाय खड़ा किया।
(अ) रामानुजाचार्य (ब) बल्लभाचार्य
(स) विट्ठलनाथ (द) स्वामी रामानंद✔
44. नामदेव के संदर्भ में असत्य कथन है:
(अ) महाराष्ट्र देश में जन्मकाल शक संवत् 1192 और मृत्युकाल शक 1272 प्रसिद्ध है।
(ब) ये दक्षिण के नरुसीबमनी (सतारा जिला) के मोची थे।✔
(दरजी थे)
(स) पंढरपुर के विठोबा (विष्णु भगवान) के मंदिर में भगवद्भजन करते हुए अपना दिन बिताते थे।
(द) मराठी भाषा के अभंगों के अतिरिक्त इनकी हिंदी रचनाएँ भी प्रचुर परिणाम में मिलती है।
45. इस संप्रदाय के कनफट रमते योगो घर के भीतर के चक्रों, सहस्त्रदल, कमल, इला, पिंगला, नाड़ियों इत्यादि की ओर संकेत करनेवाली रहस्यमयी बानियाँ सुनाकर और करामात दिखाकर अपनी सिद्धाई की धाक सामान्य जनता पट जमाए हुए थे।
उपर्यक्त कथन किस संप्रदाय के विषय में है?
(अ) नाथ✔ (ब) सिद्ध (स) जैन (द) रस
46. “किसने हिंदू मुसलमान दोनों के लिए एक सामान्य भक्तिमार्ग का भी आभास दिया। उसके पीछे कबीरदास ने विशेष तत्परता के साथ एक व्यवस्थित रूप में यह मार्ग ‘निर्गुनपंथ’ के नाम से चलाया।”
उपर्युक्त कथन किस संत का है?
- भक्त नामदेव✔ (ब) गोरखनाथ (स) ज्ञानदेव (द) सरहपा
जय हिंद