हिंदी व्याकरण ‘क्रिया’ (Verb)

क्रिया की परिभाषा- जिस शब्द से किसी कार्य को करने या होने का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं।  जैसे- खाना, पढ़ना, लिखना, चलना, सोना आदि। क्रिया एक विकारी शब्द है, जिसका रूप लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार बदलते रहता है। क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं, अर्थात जिन मूल अक्षरों से क्रियाएँ… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘क्रिया’ (Verb)

हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)

विशेषण शब्द की व्युत्पत्ति- 'वि' (उपसर्ग) 'शाष' (धातु) और 'अन' (प्रत्यय) के मिलने से बना है। जिसका अर्थ है, 'किसी की विशेषता बताने वाला।' कामता प्रसाद गुरु के अनुसार- "वे शब्द जो किसी संज्ञा के अर्थ को सीमित मर्यादित (संकुचित/संकीर्ण/सीमित/अव्याप्त) करते हैं, उन्हें विशेषण कहते है।" जैसे- 'गाय' कहने से सभी तरह के गायों का… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)

हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)

विशेषण शब्द की व्युत्पत्ति- 'वि' (उपसर्ग) 'शाष' (धातु) और 'अन' (प्रत्यय) के मिलने से बना है। जिसका अर्थ है, 'किसी की विशेषता बताने वाला।' कामता प्रसाद गुरु के अनुसार- "वे शब्द जो किसी संज्ञा के अर्थ को सीमित मर्यादित (संकुचित/संकीर्ण/सीमित/अव्याप्त) करते हैं, उन्हें विशेषण कहते है।" जैसे- 'गाय' कहने से सभी तरह के गायों का… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘विशेषण’ (Adjectives)

हिंदी व्याकरण ‘संज्ञा’ (Noun)

संज्ञा शब्द की व्युपति- ‘संज्ञा’ शब्द दो शब्दों के मेल/योग से बना है। सम् + ज्ञा ‘सम्’ का अर्थ ‘सम्यक’ (पूर्ण) और ‘ज्ञ’ का अर्थ ‘ज्ञान’ अथार्त ‘पूर्णज्ञान’ होता है। ‘संज्ञा’ शब्द का मतलब है- ‘नाम’ परिभाषा- किसी वस्तु, प्राणी, स्थान, भाव आदि के ‘नाम’ को संज्ञा कहते है। वस्तु के नाम – किताब, कलम,… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘संज्ञा’ (Noun)

हिन्दी व्याकरण – वर्ण विचार

वर्ण की परिभाषा: कामताप्रसाद गुरु के शब्दों में- “वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसके खण्ड नहीं किए जा सकते हैं।” (क, अ, ट इसे खण्ड नहीं किया जा सकता है) आचार्य किशोरीदास वाजपेयी के अनुसार- “वर्ण वह छोटी से छोटी ध्वनि है जो कान का विषय है और जिसके टुकड़े नहीं किए जा… Continue reading हिन्दी व्याकरण – वर्ण विचार

हिन्दी व्याकरण – वर्णमाला

वर्ण- भाषा की सबसे छोटी इकाई जिसके खंड या टुकड़े नहीं किए जा सकते हैं, उसे वर्ण कहते हैं। जैसे- अ, आ, इ, ई आदि। वर्णमाला- वर्णों की व्यवस्थित समूह को ‘वर्णमाला’ कहते हैं। हिन्दी वर्णमाला में वर्णों की कुल संख्या 52 होती है। हिन्दी वर्णमाला के समस्त वर्णों को दो भागों में विभक्त किया गया है-… Continue reading हिन्दी व्याकरण – वर्णमाला

उपसर्ग और प्रत्यय (Prefix and Suffix)

उपसर्ग (Prefix) उप+सर्ग दो शब्दों के मेल से बना है। ‘उप’ का अर्थ होता है समीप, निकट या पास तथा ‘सर्ग’ का अर्थ होता है, बनाना या सृष्टि करना। उपसर्ग उस अव्यय या शब्दांश को कहते हैं, जो किसी शब्द के आरम्भ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर विशेषता ला देता है। जैसे- ‘भाव’… Continue reading उपसर्ग और प्रत्यय (Prefix and Suffix)

कारक (Case)

कारक (case) के प्रकार और विभक्ति चिन्ह  कारक की परिभाषा- संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसके संबंध का बोध होता है, उसे कारक कहते हैं। हिन्दी में आठ (8) कारक हैं- कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, सम्बन्ध, अधिकरण और सम्बोधन कारक के विभक्ति चिन्ह  कारक के विभक्ति… Continue reading कारक (Case)

विराम चिन्ह (Punctuation Mark)

विराम (Punctuation Mark) - विराम का अर्थ होता है- रुकना या ठहरना। भिन्न-भिन्न भावों और विचारों को स्पष्ट करने के लिए जिन चिन्हों का प्रयोग वाक्य के बीच में या अंत में किया जाता है, उसे विराम चिन्ह कहते हैं। परिभाषा- जब हम अपने भावों को भाषा के द्वारा व्यक्त करते हैं, तब एक भाव… Continue reading विराम चिन्ह (Punctuation Mark)