
एक छोटी सी मछली नदी में रहती थी। उसके मन में डर लगा रहता था कि कहीं उसे कोई बड़ी मछली खा न जाए। नदी एक दिन मछली से पूछी, तुम इतना डरती क्यों हो? मछली बोली मैं बहुत छोटी हूँ, इसलिए मैं बहुत डरती हूँ। नदी मछली से बोली, तुम डरो नहीं तेज तैरना और छूपना सिखो। नदी की बात मानकर छोटी मछली रोज तैरने का अभ्यास करने लगी। कुछ ही दिनों में वह तेज तैरने लगी जिसके कारण धीरे-धीरे अब उसके मन का डर खत्म हो गया था। नदी छोटी मछली से पूछी क्या अभी भी तुम्हे डर लगता है? छोटी मछली बोली आपके जैसा शिक्षक हो तो सभी के मन से डर ख़त्म हो जाएगा। छोटी मछली ने नदी को धन्यवाद दिया और खुश होकर तेजी से तैरती हुई चली गई।