कवि जाने कविता की रीति
शब्दों के मन की भावों की प्रीति
छंदों में उसकी गहरी रस धार
अंतर्मन एहसास की पार ।
वर्णों की मेला, अर्थों की क्रीड़ा
छुपी हुई हैं हर पंक्ति में
वेदना, स्नेह, पीड़ा, और दर्द
दिखाती अपनी जीवन लीला ।
बिंब, प्रतीक का सुंदर सुयोजन
कभी व्यंग्य, कभी मधुर प्रयोजन
शब्दों ने गढ़ा अभिव्यक्ति मन की
अति सुहावन मधुर अभिरुचि ।
सृजन करना आसान न होता
है भावों विचारों की यह माला
हर कवि गढ़ता ‘मन की बात’
नित नये रोज अपनी अंदाज ।
कवि जाने कविता की काया
भावों, विचारों, संस्कारों की माया
हर कवि के यह मन की साज
जब जन्मे ले नये अंदाज ।
कवि की कविता है सुषमा
कवि की कविता है उष्मा
कविता कवि की आशा है
कविता कवि की अभिलाषा है।