1. अंबर नाचे झूम-झूम ओढ़े चुनरियाँ बूंदों की धरती नाचे घूम-घूम सावन की हरियाली में 2. सावन में बगिया महके लगी मेहंदी हथेलियों पर सावन आया संग सखी गाएँ गीत हम बगियन में 3. बादल जब गाए प्रेम राग नाचे मोर बगियन में सावन में हर पत्ता […]
क्षणिकाएँ (सावन)