गजल – 1

दिल के पन्नों में यादों की कहानी लिखी,

उन यादों को दिल में सहेजकर रखी।

विधू ने कहा, तुमसे शिकायत कर दूं,

तेरी स्मृति को हमने छिपाकर रखी।

दिल की बगिया ने देखते रहे सपने तेरे,

हर पल सूरत तेरी अनुरागी रखी।

वेदना जो दिल में थे हमने छुपाकर रखे,

पर होठों पर तेरी हँसी अनजानी रखी।

तू है साया मेरा जीवन के सफर का

तेरी वफ़ा को हमने ईश्वर की निशानी रखी।

लिखी थी कभी खामोशी में जो गीत मैंने वो तेरी चाहत की निशानी रखी।

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