1. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ का प्रकाशन कब हुआ था?
A.1860 B. 1870 C. 1882 D. 1890
2. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ की विधा क्या है?
A. आलोचना B. कहानी C. उपन्यास D. आत्मकथा
3. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ की अंतर्वस्तु में शामिल है?
A. बाल विवाह B. विवाह में फिजूल खर्ची C. स्त्रियों की आभूषण प्रियता D. उपर्युक्त सभी
4. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास का नायक का नाम है?
A. सुखदेई B. सर्वसुख C. दौलत राम D. पार्वती
5. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ की कथावस्तु के केंद्र में कौन सा शहर है?
A. वाराणसी B. मेरठ C. दिल्ली D. लखनऊ
6. ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ को हिंदी का प्रथम मौलिक उपन्यास किस आलोचक ने माना हैं?
A. डॉ. गोपालराय B. डॉ. पुष्पपाल सिंह C. डॉ. बच्चन सिंह D. ‘A’ और ‘B’ दोनों ने
7. ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास में किस समस्या का चित्रण नहीं हुआ है?
A. स्त्री शिक्षा B. विधवा विवाह C. धार्मिक अंधविश्वास D. भ्रष्टाचार
8. “1870 ई. में देवरानी जेठानी की कहानी’ (पं.गौरीदत्त) के रूप में एक नया फूल खिला, जो हिंदी उपन्यास का आरंभ बिंदु सिद्ध हुआ।” यह कथन किस आलोचक का है?
A. डॉ. गोपालराय B. डॉ. बच्चन सिंह C. रामचंद्र शुक्ल D. डॉ. गंपतिचंद्र गुप्त
9. ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास का पात्र सर्वसुख कहाँ का रहनेवाला था?
A. आगरा B. इलाहबाद C. दिल्ली D मेरठ
10. माता-पिता के निधन के समय सर्वसुख की क्या अवस्था थी ?
A. 3 वर्ष B. 5 वर्ष C. 7 वर्ष D. 9 वर्ष
11. सर्वसुख की कितने संताने थी?
A. दो B. तीन C. चार D. पाँच
12. सर्वसुख की बड़ी लड़की की शादी कहाँ हुई थी?
A. प्रयाग में B. आगरा में C. मेरठ में D. दिल्ली में
13. सर्वसुख की छोटी लड़की की शादी कहाँ हुई थी?
A. हापुड़ में बंशीधर कबाड़ी के यहाँ B. आगरा में जगदीश के यहाँ C. दिल्ली में झल्लामल के यहाँ D. बनारस में कृष्णपाल के यहाँ
14. ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास में देवरानी कौन हैं?
A. ज्ञानो B. आनंदी C. रामदेई D. किरपी
15. ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास में जेठानी का नाम क्या है?
A. रामदेई B. मिसरानी C. ज्ञानो D. नथिया
16. सर्वसुख की पुरोहित दिल्ला पांडे की बहू का नाम क्या था?
A. रजनी B. मिसरानी C. रामदेई D. गोबिंदी
17. आनंदी के पिता किस पद पर आसीन थे?
A. शिक्षक B. डिप्टी डायरेक्टर C. तहसीलदार D. लेखपाल
18. “‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास की रचना उपन्यास के रूप में नहीं बल्कि बालिकाओं के लिए उपयोगी पाठ्यपुस्तक के रुप में हुई थी।” यह कथन किस आलोचक का है?
A. आचार्य रामचंद्र शुक्ल B. सिद्धनाथ कुमार C. डॉ. गंपतिचंद्र गुप्त D. डॉ. गोपाल राय
19. “लोकजीवन इस उपन्यास में इतने चटख रंगों में पूरी प्रामाणिकता के साथ चित्रित हुआ है कि तत्कालीन सामजिक परिदृश्य से गहरी पहचान स्थापित कराता है।” ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास के संबंध में यह यह किसका कथन है?
A. डॉ. गोपालराय B. पुष्पपाल सिंह C. रामचंद्र शुक्ल D. डॉ. बच्चन सिंह
20. ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास में कौन-सी सदी के मध्यमवर्गीय बनिया समाज के जीवन का यथार्थ चित्रण हुआ है?
A. 17 वीं सदी B. 18 वीं सदी C. 19 वीं सदी D. 20 वीं सदी
21. ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास को ‘हिंदी उपन्यास का प्रस्थान बिंदु’ कहने वाले आलोचक का नाम है?
A. डॉ. बच्चन सिंह B. डॉ. धीरेन्द्र वर्मा C. डॉ. गंपतिचंद गुप्त D. डॉ. गोपाल राय
22. “आई हुई लड़की घर से कोई नहीं फेरता और रूपया-पैसा हाथ-पैर का मैल है।” ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ में यह कथन किसका है?
A. मोहन B. सुखदेई की माँ C. मुलिया D. शिवदयाल
23. सुखदेई की बिरादरी में मदरसे का नौकर कौन था?
A. झल्लानमल B. डूँगर C. तनी D. लाला बुलाकी दास
24. सुखदेई के भांजे का नाम क्या था?
A. ज्ञानचंद B. दीनानाथ C. कन्हैया D. मोहन
25. “दिल तो वहाँ नहीं मिलता जहाँ मर्द पढ़ा हो और स्त्री बेपढ़ी।” ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपान्यास में यह कथन किसका है?
A. छोटेलाल B. उपन्यासकार C.सर्वसुख D. आनंदी
26. “अपना मरण जगत की हाँसी” ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास में यह किसका कथन है?
A. देवरानी B. जेठानी C. सास D. सर्वसुख
27. “बाप के घर तो कुछ और ही चाल-चलन होता है और ससुराल में जाकर नये-नये तौर देखती है। जी घबराया करता है, परंतु जो
ज्ञानवान लडकियाँ हैं घबराती नहीं सब काम किये जाती है।” ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास में यह किसका कथन है?
A. तहसीलदार B. आनंदी C. सर्वसुख D. दिल्ला पांडे
28. “जब अपने ही पैसा खोटा हो तो परखन वाले को क्या दोष है? जग तो आरसी है जैसा लोग देखेंगे वैसा कहेंगे।” ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास में यह किसका कथन है?
A. दौलतराम B. सर्वसुख C. सर्वसुख की पत्नी D. झल्लान मल
29. “रुपया-पैसा किसी की जाति नहीं। ऊपर की टीप-टाप अच्छी नहीं
होती मनुष्य को चाहिए कि जितनी चादर देखे उतने पाँव पसारे।” ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास में यह कथन किसका है?
A. झल्लानमल का B. तहसीलदार का C. सर्वसुख का D. मोहन का
30. “जिस स्त्री का उसके पति से संभाषण नहीं हुआ हो और विवाह के पीछे पति का देहांत हो जाए तो वह पुनर्विवाह योग्य है अथार्त उस स्त्री का दूसरा विवाह कर देने से कुछ दोष नहीं।” ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास में यह किसका कथन है?
A. उपन्यासकार B. किरपी की मौसी C. दौलतराम D. सर्वसुख
31. “धर्मशास्त्र में लिखा गया है कि जो अपने बड़ों की टहल करते हैं उनके कुल की वृद्धि होती है और स्वर्ग प्राप्त होता है।” ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास में यह किसका कथन है?
A. तहसीलदार B. कन्हैया C. सर्वसुख D. आनंदी
32. “देवरानी-जेठानी की कहानी’ का शिल्प पुराने किस्सों का शिल्प है, कथाकार ने उसमें कोई प्रयोग नहीं किया है।” यह कथन किस
आलोचक का है?
A. डॉ. गोपालराय B. डॉ. बच्चन सिंह C. रामचंद्र शुक्ल D. डॉ. नामवर सिंह
33. ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ उपन्यास के संबंध में असत्य कथन कौन सा है?
A. देशोन्नति और नवजागरण इस उपन्यास की मूल प्रेरणा है।
B. इसकी भाषा मेरठ के दैनिक जीवन में प्रचलित खड़ीबोली है।
C. इसमें विराम चिह्नों का उचित प्रयोग हुआ है।
D. इसमें अंग्रेजी भाषा पढने की वकालत की गई है।
34. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास के सन्दर्भ में सही नहीं है?
A. इसकी छपाई लिथो पद्धति में हुई है।
B. इसका मुख्य उद्देश्य स्त्रियों को गृहस्त धर्म की शिक्षा देना है।
C. सर्वसुख में माता-पिता की मृत्य कैंसर से हुई थी। (हैजा)
D. देवरानी आनंदी और जेठानी ज्ञानो है।
35. छोटेलाल के बड़े पुत्र का नाम क्या था?
A. कन्हैया B. मोहन C. शिवदयाल D. रामप्रसाद
36. झल्लानमल कहाँ का निवासी था?
A. कबीर चौरा B. झूसी C. खुरजा D. हापुड़
37. किसने ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास को ‘नई चल की पुस्तक’ कहाँ है?
A. डॉ. नामवर सिंह B. डॉ. बच्चन सिंह C. डॉ. गोपालराय D. डॉ. पुष्पपाल सिंह
38. “आदर्श और यथार्थ का जैसा संतुलित सम्मिलन इस उपन्यास में हुआ है, वह आदर्शोन्मुख यथार्थवाद का एक प्रतिमान है।” ‘देवरानी-
जेठानी की कहानी’ उपन्यास के संबंध में यह कथन किसका है?
A. डॉ. नगेंद्र B. डॉ. बच्चन सिंह C. डॉ. नामवर सिंह D. डॉ. पुष्पपाल सिंह
39. हिंदी उपन्यासों की परंपरा को पीछे ढकेलने की प्रवृत्ति के कारण कुछ लोग ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ (1870) ‘वामा शिक्षक’
(1872), ‘भाग्यवती’ (1872) को हिंदी के पहले उपन्यासों में गिनते हैं पर ये स्त्रीजनोचित शिक्षा ग्रन्थ हैं, इसमें औपन्यासिक तत्त्वों का
अभाव है।” यह किस आलोचक का कथन है?
A. डॉ. गणपतिचंद्र गुप्त B. डॉ. बच्चन सिंह C. रामचंद्र शुक्ल D. हजारीप्रसाद द्विवेदी
40. ‘देवरानी-जेठानी’ (1901) उपन्यास के रचनाकार हैं?
A. पंडित गौरीदत्त B. देवकीनंदन खत्री C. गोपालराम गहमरी D. रामनरेश त्रिपाठी
41. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास किस शैली में लिखा गया है?
A. स्मृति शैली में B. किस्सागो शैली C. पत्रात्मक शैली D. आत्मकथात्मक शैली में
42. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास है?
A. आदर्शवादी B. यथार्थवादी C. यथार्थोन्मुख-आदर्शवादी D. आदर्शोन्मुख-यथार्थवादी
43. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास का प्रकाशन कहाँ से हुआ था?
A. बेलवेदियर प्रेस- प्रयाग B. इंडियन प्रेस- प्रयाग C. नवलकिशोर प्रेस- लखनऊ D. ए जियाई छापाखाना- मेरठ
44. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास को किस आलोचक ने ‘रानी केतकी की कहानी’ के बाद हिंदी की दूसरी मौलिक गद्यकथा कहा
है?
A. डॉ. बच्चन सिंह B. डॉ. गोपालराय C. डॉ. नामवर सिंह D. रामचंद्र शुक्ल
45. छोटेलाल के छोटे पुत्र मोहन को पालनेवाली स्त्री का नाम था?
A. मुलिया B. किरपी C. धा D. रामदेई
46. सर्वसुख के बड़े पुत्र का नाम था?
A. दौलतराम B. तनी C. ज्ञानचंद D. बंशीधर
47. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास में दस वर्षीय विधवा पात्र कौन थी?
A. किरपी B. लतिका C. रजनी D. रामदेई
48. इसमें से कौन ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास का पात्र नहीं है?
A. टिकत नारायण B. हरसहाय काबली C. नन्हें D. सदाशिव
49. मुलिया के पिता का नाम क्या था?
A. छोटेलाल B. सर्वसुख C. दौलतराम D. दीनानाथ
50. “सांझी री ओठे क्या पहनेगी, काहे का सीस गुँदावेगी।” ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास में यह गीत कौन गाती है?
A. ज्ञानो B. आनंदी C. मुलिया D. सुखदेई
51. सुखदेई के भांजे ज्ञानचंद का विवाह कहाँ हुआ था?
A. आगरा B. दिल्ली C. मेरठ D. मारवाड़
52. दौलतराम की लड़की का संबंध कहाँ तय हुआ था?
A. प्रयाग में B. अतरौली में C. हापुड़ D. निहालपुर
53. देशोन्नति के लिए अंग्रेजी पढना जरुरी था और ‘‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास में इसकी वकालत की गई है।” यह कथन किस आलोचक का है?
A. डॉ. बच्चन सिंह B. डॉ. नामवर सिंह C. रामस्वरूप चतुर्वेदी D. डॉ. गोपाल राय
54. दौलत राम के ससुर का क्या नाम था?
A. डूँगर B. रामप्रसाद C. बंशीधर D. तनी
55. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास में “हमको पंचों ने लुटवा दिया” यह किसका कथन है?
A. ज्ञानों B. आनंदी C. सुखदेई D. किरपी
56. ‘देवरानी-जेठानी की कहानी’ उपन्यास की अंतर्वस्तु में शामिल नहीं है?
A. बटवारा B. वृद्धों और बहुओं की समस्या C. स्त्री शिक्षा D. दलित समाज के जीवन का यथार्थ चित्रण
57. “‘देवरानी जेठानी की कहानी’ पुनर्जागरण चेतना से जुड़ी हुई रचना है।” यह कथन किस आलोचक का है?
A. डॉ. बच्चन सिंह B. डॉ. नामवर सिंह C. डॉ. गोपाल राय D. रामस्वरूप चतुर्वेदी
सभी प्रश्नों के उतर
1. B. 1870
2. C. उपन्यास
3. D. उपर्युक्त सभी
4. B. सर्वसुख
5. B. मेरठ
6. D. ‘A’ और ‘B’ दोनों ने
7. D. भ्रष्टाचार
8. A. डॉ. गोपालराय
9. D मेरठ
10. B. 5 वर्ष
11. C. चार (पार्वती, सुखदेई दौलतराम, छोटे)
12. D. दिल्ली में
13. A. हापुड़ में बंशीधर कबाड़ी के यहाँ
14. B. आनंदी
15. C. ज्ञानो
16. B. मिसरानी
17. C. तहसीलदार
18. D. डॉ. गोपाल राय
19. B. पुष्पपाल सिंह
20. C. 19 वीं सदी
21. D. डॉ. गोपाल राय
22. B. सुखदेई की माँ
23. D. लाला बुलाकी दास
24. A. ज्ञानचंद
25. B. उपन्यासकार
26. C. सास
27. A. तहसीलदार
28. C. सर्वसुख की पत्नी
29. C. सर्वसुख का
30. B. किरपी की मौसी
31. D. आनंदी
32. A. डॉ. गोपालराय
33. C. इसमें विराम चिह्नों का उचित प्रयोग हुआ है।
34. C. सर्वसुख में माता-पिता की मृत्य कैंसर से हुई थी। (हैजा)
35. A. कन्हैया
36. C. खुरजा
37. D. डॉ. पुष्पपाल सिंह
38. D. डॉ. पुष्पपाल सिंह
39. B. डॉ. बच्चन सिंह
40. C. गोपालराम गहमरी
41. B. किस्सागो शैली
42. D. आदर्शोन्मुख-यथार्थवादी
43. D. ए जियाई छापाखाना- मेरठ
44. B. डॉ. गोपालराय
45. C. धा
46. A. दौलतराम
47. A. किरपी
48. D. सदाशिव (शेखर एक जीवनी का पात्र है)
49. C. दौलतराम
50. C. मुलिया
51. D. मारवाड़
52. B. अतरौली में
53. D. डॉ. गोपाल राय
54. A. डूँगर
55. A. ज्ञानों
56. D. दलित समाज के जीवन का यथार्थ चित्रण
57. C. डॉ. गोपाल राय
विशेष तथ्य:
1.इस उपन्यास में विराम चिह्नों का प्रयोग कम मात्र में दृष्टिगोचरहोता है।
2. यह उपन्यास छोटे अकार में सिर्फ 35 पृष्ठों की कृति है।
3. 150 वर्ष पूर्व संक्रमणकालीन भारत की संस्कृति को जानने के लिए एक बेहतर उपन्यास है।
4. इसकी प्रति अभी भी ‘नेशनल लाइब्रेरी कलकता’ में सुरक्षित है।
5. इसकी 500 प्रतियाँ प्रकाशित की गई थी।
6. इसकी एक प्रति का मूल्य उस समय 12 आने था।
जय हिंद