श्री गणेश (हाइकु)

1. हे! विनायक    गौरीपुत्र गणेश    दो बुद्धि बल। 2. हे! गजानन   सब बिगड़ी बना   मंगल कर। 3. हे! गौरीपुत्र   बरदान सौभाग्य   सुख समृद्धि। 4. गौरी नंदन    हे! बिघ्न विनाशक    तुझे प्रणाम। 5. हे! शम्भु सुत   हे! दयावन्त धारी   ज्ञान दान दो। 6. हे! गौरीपुत्र   … Continue reading श्री गणेश (हाइकु)

कवि गंग (रीतिकाल)

कवि गंग रीतिकालीन काव्य धारा के प्रथम महत्वपूर्ण कवि थे। ये उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के एकनार गाँव के निवासी थे। इनका मूल नाम गंगाधर था। ये जाति के ब्राह्मण थे तथा सम्राट अकबर के प्रमुख दरबारी कवि थे। इसके अतिरिक्त ये रहीम खानखाना, राजा बीरबल, राजा मानसिंह तथा टोडरमल के भी प्रिय थे। कवि गंग के विषय में… Continue reading कवि गंग (रीतिकाल)

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥ पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ अन्धे को आँख देत, कोढ़िन को काया। बांझन… Continue reading गणेश जी की आरती

हरितालिका व्रत ‘तीज’

आया तीज का त्योहार, मिलजुल कर करे तैयारी खुशिया मिले अपार, करे हम सोलह श्रृंगार, सास-ससुर का आशीर्वाद, हम पाएं पिया का प्यार। छायें तीज की बहार, आया तीज का त्योहार।।   भारत वर्ष में कई संस्कृतियों का समावेश है। ऐसे में कई विचारधाराओं एवम् मान्यताओं के आधार पर भिन्न–भिन्न व्रत और त्योहार मनाये जाते… Continue reading हरितालिका व्रत ‘तीज’

रक्षाबंधन (हाइकु)

1. भईया करे    इंतजार बहना की     राखी आई रे। 2. पावन पर्व     बहना लाई राखी     बांधी कलाई। 3. हुमायूँ ने भी     बंधवाई थी राखी       कर्णावती से। 4. मांगी है दुआ     राखी सजे कलाई     प्यारे भईया। 5. होगी सुरक्षा       बहना मांगे दुआ     बांध कलाई।… Continue reading रक्षाबंधन (हाइकु)

चंद्रयान-दो (हाइकु)

1. बड़ी शान से   चला चंद्रयान-दो  दक्षिण ध्रुव।    2. चला भूमि से        चंद्रयान-दो चाँद        से मिलने को।    3. दक्षिणी ध्रुव        करेगा चमत्कार        चंद्रयान-दो।    4. पहियेदार        ‘रोवर’ चाँद पर        करेगा खोज।    5. वैज्ञानिकों ने        फहराया तिरंगा        अन्तरिक्ष में ।   6. चाँद सितारे         करें… Continue reading चंद्रयान-दो (हाइकु)

सुषमा जी को श्रद्धांजलि (हाइकु)

1. ओज आवाज     बुलंद थे हौसले     सुषमा जी के। 2. मंगल दिन     मृदुभाषी प्रवक्ता     मौन हो गई। 3. प्रखर बुद्धि      थी वाकपटुता वो     नेता सुषमा। 4. सुषमा जी थी     शब्दों की जादूगर     श्रेष्ट थी वक्ता। 5. चारों दिशाएं     दे रहे श्रद्धांजलि     सुषमा जी को ।… Continue reading सुषमा जी को श्रद्धांजलि (हाइकु)

जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक – शेर सिंह राणा

पुस्तक समीक्षा जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक - शेर सिंह राणा प्रकाशक-   हार्पर कॉलिस पृष्ठ- ‌  ‌308  मूल्य 199 शेर सिंह राणा रुड़की के राजपूत जमींदार परिवार में जन्मा, बड़े प्यार से लालन-पालन और बहुत ही अच्छे स्कूल में प्राथमिक शिक्षा के बाद देहरादून के एक कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त किया। बचपन… Continue reading जेल डायरी (तिहाड़ से काबुल कंधार तक) लेखक – शेर सिंह राणा

अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों? (लघु कथा)

सत्य और अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों होता है? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने कहाँ था? अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों होता है? यह सवाल कई लोगों के मन में आता होगा। मैंने तो किसी का बुरा नहीं किया है? फिर भी मेरे साथ ही… Continue reading अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों? (लघु कथा)

‘निशात बाग’ का सेव (लघु कथा)

वह हमारी जिंदगी का एक यादगार लम्हा था। कश्मीर के “निशात बाग का सेव”। ये कहानी सन् 1982 ई० की है। उस समय आज की तरह कश्मीर का माहौल खराब नहीं था। सब कुछ बहुत अच्छा था। हम सब बेखौफ हर जगह आ जा सकते थे। सच में हमने “धरती के स्वर्ग” कहा जाने वाले… Continue reading ‘निशात बाग’ का सेव (लघु कथा)