मुझे यहाँ अदम गोंडवी की कुछ पंक्तियाँ याद आ रही है- मैंने अदम गोंडवी के इन पंक्तियों में कुछ शब्द निकालकर अपनी तरफ से जोड़ी है- “आइए महसूस कीजिए जिंदगी के ताप को, मैं दलितों की बस्तियों तक ले चलूँगा आपको।” साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ समाज का सुधारक और प्रेरक भी है।… Continue reading आत्मकथा की संस्कृति और दलित आत्मकथाएँ
Author: इंदु सिंह
लेखक, भूतपूर्व प्रवक्ता
‘गोदान’ उपन्यास पर आधारित प्रश्नोत्तरी
1. गोदान उपन्यास का प्रकाशन वर्ष क्या है? (अ) 1935 ई. (ब) 1936 ई. (स) 1937 ई. (द) 1938 ई. 2. गोदान उपन्यास में कुल कितने प्रकरण हैं” (अ) 36 प्रकरण (ब) 37 प्रकरण (स) 38 प्रकरण (द) 39 प्रकरण 3. ‘गोदान’ उपन्यास का नायक का नाम है? (अ) मेहता (ब) राय साहब (स) गोबर… Continue reading ‘गोदान’ उपन्यास पर आधारित प्रश्नोत्तरी
राम की शक्तिपूजा (सूर्यकांत त्रिपाठी निराला) पर आधारित प्रश्नोत्तरी ।। Ram ki Shaktipooja
भक्तिकाल निर्गुण संत काव्यधारा पर आधारित प्रश्नोत्तरी भाग-2 ।। Nirgun sant Kavyadhara
बाणभट्ट की अत्मकथा (उपन्यास) पर आधारित प्रश्नोत्तरी ।। banbhata ki atmkatha
भक्तिकाल निर्गुण संत काव्यधारा पर आधारित प्रश्नोत्तरी भाग-1 ।। Nirgun Kavyadhara
सूफी काव्यधारा पर आधारित प्रश्नोत्तरी भाग-2 ।। Sufi Kavyadhara
सूफी काव्यधारा पर आधारित प्रश्नोत्तरी भाग-1 ।। Sufi Kavyadhara
रामभक्ति काव्यधारा पर आधारित प्रश्नोत्तरी भाग-2 ।। Rambhakti Kavyadhara par adharit prshn
झारखंड का साहित्य और भाषा TGT/PGT
झारखण्ड का साहित्य और भाषा: झारखंड राज्य की भाषा और वहाँ की बोली का क्षेत्र बहुत ही विस्तृत है। भाषा के आधार पर झारखण्ड की भाषाओं और साहित्य को तीन भागों में बाँटा गया है: 1. मुंडारी भाषा (ऑस्ट्रो एशियाटिक) परिवार 2. द्रविड़ भाषा – (द्रविडियन) परिवार 3. इंडो-आर्यन - भाषा परिवार 1. मुंडारी भाषा… Continue reading झारखंड का साहित्य और भाषा TGT/PGT






