परिभाषा- जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं। पर्यायवाची शब्दों को समानार्थी या समानार्थक शब्द भी कहा जाता है। पर्यायवाची शब्दों का इस्तेमाल भाषा को सुंदर, प्रभावशाली, और संवेदनशील बनाने के लिए किया जाता है। क्र.संशब्दपर्यायवाची शब्द1.अरण्यजंगल, वन, कानन, अटवी, कान्तार, विपिन2.अतिथिमेहमान, पाहून, आगंतुक, अभ्यागत3.अश्वघोड़ा, आशुविमानक, तुरंग, घोटक, हय, तुरंगम, वाजि,… Continue reading पर्यायवाची शब्द : भाग-1 स्वर शब्द (Synonyms)
Author: इंदु सिंह
रूढ़, यौगिक और योगरूढ़ शब्द
व्युत्पति, रचना या बनावट के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण – वर्णों या शब्दों के संयोग से नवीन शब्द बनाने की प्रक्रिया को रचना या बनावट कहा जाता है। वर्णों के मिलने से शब्दों की रचना होती है। इन शब्दों को खण्ड किये जा सकते हैं, जिन्हें शब्द खण्ड या शब्दांश कहते हैं। उदाहरण के लिए… Continue reading रूढ़, यौगिक और योगरूढ़ शब्द
विलोम शब्द (Opposite words)
अर्थ के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण अर्थ के आधार पर शब्दों के चार प्रकार हैं। (i) एकार्थक शब्द (ii) अनेकार्थक शब्द (iii) समानार्थक शब्द या पर्यायवाची शब्द (iv) विपरीतार्थक शब्द यहाँ हम ‘विपरीतार्थक’ शब्द का अध्ययन करेंगे - परिभाषा: कामता प्रसाद गुरु के शब्दों में- “पहले शब्द के भाव के विपरीत अर्थ देने वाला… Continue reading विलोम शब्द (Opposite words)
शब्दों का वर्गीकरण – तत्सम और तद्भव शब्द
शब्दों का वर्गीकरण विभिन्न आधारों पर किया गया है- 1. स्रोत या उद्गम के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण - स्रोत या उद्गम के आधार पर शब्दों के चार भेद होते हैं। तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशज और संकर 2. अर्थ के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण - अर्थ के आधार पर शब्दों के चार प्रकार हैं।… Continue reading शब्दों का वर्गीकरण – तत्सम और तद्भव शब्द
वचन (Number)
वचन- ‘वचन’ का शाब्दिक अर्थ होता है ‘संख्या’। वचन का अर्थ ‘कहना’ भी होता है। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध होता है, उसे वचन कहते है। जैसे- शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रही है। माली पौधों को सींच रहा है। तालाब में बच्चे स्नान कर रहे हैं। टोकरी में सब्जियाँ हैं। उपर्युक्त वाक्यों… Continue reading वचन (Number)
लिंग (Gender)
लिंग- संज्ञा के जिस रूप से किसी व्यक्ति या वस्तु के नर या मादा जाति का बोध होता हैं उसे लिंग कहते हैं। जैसे- दादा, दादी, माता, पिता, शेर, शेरनी, लड़का, लड़की आदि। लिंग के तीन प्रकार होते हैं- 1. पुल्लिंग 2. स्त्रीलिंग 3. उभयलिंग पुल्लिंग- जिन शब्दों से ‘पुरुष’ या ‘नर’ जाति का बोध होता है… Continue reading लिंग (Gender)
कारक (Case)
कारक (case) के प्रकार और विभक्ति चिन्ह ‘कारक’ का अर्थ होता है- ‘करनेवाला’ जब किसी संज्ञा, सर्वनाम पद का संबंध वाक्य में प्रयुक्त अन्य पदों व क्रिया के साथ जाना जाता है, उसे कारक कहते है। कारक की परिभाषा- संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसके संबंध का बोध… Continue reading कारक (Case)
‘भक्तिकाल’ – प्रश्नोत्तरी
1. ‘भक्ति' शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत की 'भज्' धातु में 'कतिन' प्रत्यय के योग से बना है, जिसका अर्थ होता है- अपने उपास्य भगवान् के ऐश्वर्य में भाग लेना।" यह मान्यता किस विद्वान की है? (अ) ग्रियर्सन (ब) मैक्समूलर (स) मोनियर विलियम्स✔ (द) गिलक्रिस्ट 2. भक्तिकाल को 'कलात्मक उत्कर्ष' का काल किस विद्वान् ने कहा… Continue reading ‘भक्तिकाल’ – प्रश्नोत्तरी
वर्णमाला और भाषा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
1. भाषा की सबसे महत्वपूर्ण इकाई ध्वनि है। 2. ध्वनि के लिखित रूप को ‘वर्ण’ कहते है। 3. ‘वर्ण’ भाषिक ध्वनियों के लिखित रूप है। 4. वर्ण वह छोटी से छोटी ध्वनि है, जिसके टुकड़े नहीं किए जा सकते हैं। जैसे- क, म, ल। 5. वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं, शब्दों के मेल… Continue reading वर्णमाला और भाषा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
हिंदी व्याकरण ‘क्रिया’ (Verb)
क्रिया की परिभाषा- जिस शब्द से किसी कार्य को करने या होने का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे- खाना, पढ़ना, लिखना, चलना, सोना आदि। क्रिया एक विकारी शब्द है, जिसका रूप लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार बदलते रहता है। क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं, अर्थात जिन मूल अक्षरों से क्रियाएँ… Continue reading हिंदी व्याकरण ‘क्रिया’ (Verb)