सार्वनामिक विशेषण के भेद:
(मानक हिंदी व्याकरण तथा रचना के अनुसार)
कुछ सर्वनाम जब किसी संज्ञा की विशेषता बताने के लिए विशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं तब उन्हें ‘सार्वनामिक विशेषण’ कहा जाता है। जैसे-
1. मेरी किताब
2. अपना बेटा
3. किसी का मकान
4. कौन-सी कमीज
5. कोई लड़का आदि।
यहाँ, मेरी, अपना, किसी का, कौन-सी, कोई सर्वनाम हैं परंतु इन रचनाओं में संज्ञा (विशेष्य) की विशेषता बताने के कारण विशेषणों का कार्य कर रहे हैं।
प्राय: सभी प्रकार के सर्वनाम विशेषणों का कार्य कर सकते हैं। अतः सर्वनामों के अलग-अलग भेद होने के कारण सार्वनामिक विशेषणों के भी निम्नलिखित भेद हो जाते हैं-
सार्वनामिक विशेषण के चार भेद हैं-
1. संकेतवाचक/निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण
2. अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण
3. प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण
4. संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण
1. संकेतवाचक/निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण:
हम जानते हैं कि- यह, वह, इस, उस संकेतवाचक या निश्चयवाचक सर्वनामों के उदाहरण हैं। जब यह सर्वनाम संज्ञा की विशेषता बताते हैं तब निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं। जैसे-
1. इस किताब को जरूर पढ़ें।
2. वह लड़का कहां चला गया
3. उसे घर में कौन रहता है?
4. वह लड़का मेरा भाई है।
2. अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण:
जहाँ अनिश्चयवाचक सर्वनाम ‘कोई’, ‘कुछ’ ये विशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं। उसे अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है। जैसे-
1. मुझे कहानी की कोई किताब खरीदनी है।
2. कुछ लोग मेरे घर आने वाले हैं।
3. प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण:
जब कौन, क्या, किस सर्वनाम रूपों का प्रयोग विशेषण के रूप में होता है। जैसे-
1. कौन-सा मकान आपको पसंद आया?
2. किसी आदमी से मिलने जाना है?
3. कौन लोग यह थे वे?
4. क्या बात करते हैं आप?
5. किस लड़की की कहानी सुना रहे हो?
4. संबंधवाचक सर्वनामिक विशेषण:
जब संबंधवाची सर्वनामों जैसे- मेरा, हमारा, तेरा, तुम्हारा, इसका, उसका, जिसका, उनका आदि का प्रयोग विशेषण के रूप में किया जाता है। जैसे-
1. उनकी साड़ी बहुत सुंदर है।
2. आपके पिताजी कब लौट रहे हैं।
3. मेरा बेटा घर नहीं पहुँचा।
4. जिसका समान हो ले जाए।
5. उनके घर आज कथा हो रही है।
6. तुम्हारा कोट सिल गया है।
जय हिन्द