कौवा और कछुआ (बाल कथा)

एक समय की बात है। एक गाँव में एक बरगद के पेड़ पर एक चतुर कौवा रहता था। पेड़ के पास ही एक तालाब में एक कछुआ भी रहता था। कछुआ बहुत ही आलसी था। कुछ दिनों के बाद कछुआ भी पेड़ के कोटर में आकर रहने लगा। कौवा रोज मेहनत करके अपने लिए खाना लेकर आता था। कछुआ आलस से खाना लाने नहीं जाता था। इस कारण उसे कई दिन भूखा रहना पड़ता था। एक दिन कछुआ ने कौवा से कहा, तुम मेरे लिए भी खाना लाकर दो, कछुआ की बात सुनकर कौवा बोला, तुम मेहनत करना सीखो। बिना मेहनत किये कुछ भी नहीं मिलता है। कौवा की बात सुनकर कछुआ शर्मा गया और वह अगले दिन से ही मेहनत करके अपने लिए खाना इक्कठा करने लगा। इसके बाद से उसकी जिन्दगी अच्छी बीतने लगी और वह खुश रहने लगा।

शिक्षा- मेहनत करने से सफलता मिलती है।

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