तद्भव/हिंदी उपसर्ग-
तद्भव उपसर्ग मूलतः संस्कृत के (तत्सम) उपसर्गों से ही विकसित हुआ है। इसे ही हिंदी उपसर्ग कहते हैं।
हिंदी में तद्भव उपसर्गों की संख्या 10 है– अ, अध, उन, औ, दु, अन, बिन, भर, कु और सु।
1. अ (उपसर्ग)
अर्थ- निषेध, अभाव
शब्द- अनपढ़, अनजान, अनहोनी, अनबोल, अछूत, अथाह, अनबन, अचेत, अनमोल, अचल, अचेतन, अचूक, अजान, अडिग, अथक, अबेर, अमिट, अलग, अलोना आदि।
विशेष नोट- (अपवाद)
- संस्कृत में स्वरादि शब्दों के पहले ‘अ’ के स्थान पर ‘अन् हो जाता है, परंतु हिंदी में ‘अन्’ व्यंजनादि शब्दों के पूर्व आता है; जैसे- अनगिनती, अनबन, अनमोल, अनहित, अनहोनी आदि।
- अनूठा, अनोखा शब्द संस्कृत के अपभ्रंश शब्द हैं, जिसमें ‘अन्’ उपसर्ग आता है।
- कभी-कभी यह उपसर्ग भूल से लगा दिया जाता है; जैसे- अलोप, अचपल।
2. अध (उपसर्ग)
अर्थ- आधा
शब्द- अधजला, अधपका, अधमरा, अधकचरा, अधखिला, अधगला, अधखुला, अधनंगा, अधसेरा।
3. उन (उपसर्ग)
अर्थ- कम, एक कम
शब्द- उनचास, उनसठ, उनहत्तर, उनतालीस, उनतीस, उन्नासी, नवासी आदि।
4. औ (उपसर्ग)
अर्थ- हीन, निषेध
शब्द- औगुन, औघट, औतार, औघड़, औढ़र, औचट औसर।
5. दु (उपसर्ग)
अर्थ- दो
शब्द- दुबारा, दुलारा, दुधारू, दुसाध्य, दुगुना, दुभाँत, दुमट, दुभाषिया, दुनाली, दुरंगा।
6. अन (उपसर्ग)
अर्थ- नहीं, बिना
शब्द- अनकहा, अनखाया, अनखुला, अनगढ़, अनगिनत, अनचाहा, अनजान, अनदेखा, अनपच, अनपढ़, अनबूझ, अनबोल, अनमेल अनमोल अनसुना अनहोनी।
7. बिन (उपसर्ग)
अर्थ- बिना, अभाव, निषेध
शब्द- बिनकहे, बिनखाया, बिनजाया, बिनजाने, बिनदेखा, बिनबुलाया, बिनबोया, बिनब्याही, बिनमाने, बिनसोचे।
8. भर (उपसर्ग)
अर्थ– ठीक, पूरा, भरा हुआ
शब्द- भरकम, भरपाई, भरपूर, भरसक, भरपेट, भरमार।
9. क/कु (उपसर्ग)
अर्थ- बुरा/ बुरी
शब्द- कपूत, कुकर्म, कुचक्र, कुचाल, कुढंग, कुटेव, कुठौर, कुख्यात, कुमार्ग, कुसमय, कुरूप, कुपात्र, कुलक्षण।
10. स/सु (उपसर्ग)
अर्थ- अच्छा/सहित
शब्द- सकर्मक, सगुण, सुजान, सुघड़, सचेत, सजीव, सबेरा, सुडौल, संदेह, सपरिवार, सपूत, सफल, सरस, सहित।
आगत (विदेशी) उपसर्ग-
जो उपसर्ग विदेशी भाषाओं से हिंदी में आयें है, उन्हें आगत उपसर्ग कहते हैं।
उर्दू, फ़ारसी के उपसर्ग-
उर्दू और फ़ारसी भाषा के नम्नलिखित उपसर्ग है-
उपसर्ग- ब, बा, बे, बद, खुश, ना, ग़ैर, ला, हम, हर कम, दर सर।
1. ब (उपसर्ग)
अर्थ- के साथ, से, पर
शब्द- बखूबी, बदौलत, बगैर, बनाम बकौल, बजाय, बदस्त, बदस्तूर, बनिस्बत, बमुश्किल, बशर्ते, बहैसियत।
2. बा (उपसर्ग)
अर्थ- साथ, अनुसार, से।
शब्द- बाकायद, बाअदब, बावजूद, बाआराम, बाइज्जत, बाजवता बारदात बादिक्कत, बामुलाहिजा/ बामुलाहजा (लिहाज के साथ), बाहोशोहवाश।
3. बे (उपसर्ग)
अर्थ- बिना/आभाव
शब्द- बेअदब, बेरहम, बेगुनाह, बेचैन, बेईमान, बेवफ़ा, बेखटके, बेघर, बेहोश, बेसमझ, बेअसर, बेआबरू, बेइंसानी, बेकदर, बेकली, बेकसूर, बेकाम, बेकार, बेकायदा, बेखबर, बेखौफ, बेगरज, बेगार, बेगाना, बेगुनाह, बेचारा, बेजान, बेजबान, बेडौल, बेतरतीब, बेतकल्लुफ, बेतमीज, बेतहाशा, बेताब, बेताज, बेदाग़, बेतार बेतुका, बेदखल, बेदर्द, बेदम, बेधड़क बेधर्म, बेनकाब, बेपरवाह, बेफायदा, बेबस, बेबुनियाद, बेवफ़ा, बेवक्त, बेवजह, बेशरम, बेशक, बेसहारा, बेसुध, बेसब्री।
4. बद (उपसर्ग)
अर्थ- बुरा, पर
शब्द- बदनाम, बदमास, बदतमीज, बदचलन, बदकिस्मत, बदबू, बदसूरत, बदहजमी, बदअसल, बदआलमी, बदइंतजामी बदउसूल, बदकार, बदखत, बदख्वाह, बदगुमान, बदचलन, बदजात, बदजबान, बदतमीज, बददुआ, बददिमाग, बदनसीब, बदनजर, बदनाम, बदनीयत, बदमिजाज, बदमस्त, बदमाश, बदसलूकी, बदसूरत, बदरंग, बदहाल, बदमास, बदहाल।
5. खुश (उपसर्ग)
अर्थ- अच्छा
शब्द- ख़ुशबू, ख़ुशकिस्मत, ख़ुशहाल, ख़ुसशनसीब, ख़ुशमिजाज़, ख़ुशदिल, ख़ुशआवाज, ख़ुशकलम, ख़ुशखबरी, ख़ुशदिल, ख़ुसनुमा, ख़ुशफहमी, ख़ुशामद।
6. ना (उपसर्ग)
अर्थ- अभाव, बिना
शब्द- नालायक, नाकारा, नाराज, नासमझ, नाउम्मीद, नाबालिक नापसंद, नाचीज, नाइंसाफ, नाक़ाम, नाकारा, नाख़ुश, नाजाइज, नाताकत, नादान, नापसंद, नापाक, नाफ़रमानी, नामुनासिब, नामुमकिन, नामुराद, नालायक, नासमझ।
7. ग़ैर (उपसर्ग)
अर्थ- भिन्न
शब्द- ग़ैरहाज़िर, ग़ैरकानूनी, ग़ैरसरकारी, ग़ैरज़रूरी, ग़ैरकौम, ग़ैरजिम्मेदारी, ग़ैरआबाद, ग़ैरजवाबी, ग़ैरमुल्क, ग़ैरमशहूर, ग़ैरमामूली, ग़ैरमुनासिब, ग़ैरमर्द, ग़ैरवाजीब।
8. ला (उपसर्ग)
अर्थ- नहीं, अभाव, बिना
शब्द- लाइलाज, लाजवाब, लापरवाह, लावारिस, लापता।
9. हम (उपसर्ग)
अर्थ- आपस में, साथ, सामान।
शब्द- हमराज, हमउम्र, हमदर्द, हमदम, हमशक्ल, हमराह, हमजोली, हमवतन, हमनाम, हमनिवाला, हमप्याला, हिमपियाला, हमसफ़र।
10. हर (उपसर्ग)
अर्थ- प्रत्येक
शब्द- हरवक्त, हरहाल, हरदिल, हररोज, हरघड़ी, हरतरफ, हरएक, हरकोई, हरघड़ी, हरदम, हरबार, हरमाह, हरमाल, हररूप, हररोज हरसाल।
11. कम (उपसर्ग)
अर्थ- थोड़ा, हीन
शब्द- कमउम्र, कमज़ोर, कमअक्ल, कमबक्त, कमसमझ, कमअसल, कमकीमत, कमखर्च, कमख्याल, कमज़ोर, कमसिन।
12. दर (उपसर्ग)
अर्थ- में
शब्द- दरगुज़र, दरअसल, दरमियान, दरकार, दरकिनार, दरख्वास्त, दरवेश, दरहक़ीक़त।
13. सर (उपसर्ग)
अर्थ- मुख्य, अच्छा
शब्द- सरपंच, सरताज, सरकार, सरदार, सरनाम, सरहद।
अंग्रेजी के उपसर्ग-
ये शुद्ध उपसर्ग नहीं हैं, ये शब्द विशेष के आरंभ में ही प्रयुक्त होते हैं-
1. सब- Sub
सब-इन्स्पेक्टर, सब-रजिस्टार, सब-जज, सब- ऑफिस, सब-कमेटी।
2. हैड- Head
हैडमास्टर, हैडपोस्टऑफिस, हैडऑफिस, हैडकॉन्स्टेबल, हैडक्लर्क।
3. चीफ- Chief- चीफ मिनिस्टर, चीफजज।
4. जनरल- General-
जनरल मैनेजर, जनरल सेक्रेटरी, जनरल स्टोर, जनरल मर्चेंट।
5. असिस्टैंट- Assistant-
असिस्टैंट टीचर, असिस्टैंट कमिश्नर, असिस्टैंट मैनेजर, असिस्टैंट इंजीनियर, असिस्टैंट सेकेट्री।
6. वाइस- Voice-वाइस प्रिंसपल, वाइस कैप्टन, वाइस चांसलर।
7. हाफ- Half-
हॉफ पैंट, हॉफ बॉडी, हॉफ डे, हॉफ टोन, हॉफ मैड।
8. डिप्टी- Deputy
डिप्टी कमिश्नर, डिप्टी डारेक्टर, डिप्टी, मिनिष्टर, डिप्टी कलेक्टर।
उपसर्ग के आधार पर शब्द निर्माण के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु
‘उपसर्ग’ लगाकर शब्द निर्माण करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है-
- प्रायः जिस प्रकार का शब्द होता है, उसी प्रकार का ‘उपसर्ग’ उस शब्द में लगता है। जैसे-
तत्सम शब्द के साथ तत्सम उपसर्ग, तद्भव शब्द के साथ तद्भव उपसर्ग, तथा विदेशी शब्द के साथ विदेशी उपसर्ग लगाना चाहिए।
उदाहरण के लिए-
‘सु’ तत्सम उपसर्ग है, यहाँ तत्सम शब्द ‘पुत्र’ के साथ ‘सु’ लगने पर ‘सुपुत्र’ बनता है। वैसे ही अन्य उपसर्गों के साथ भी प्रयुक्त होगा।
- एक उपसर्ग एक से अधिक अर्थो में प्रयुक्त हो सकता है।
- शब्दों के साथ उपसर्ग के योग में संयोग एवं संधि के नियमों का प्रयोग होता है।
- उपसर्ग सहायक शब्दों में नहीं जुड़ते है।
- ‘उपसर्ग’ शब्द संस्कृत व्याकरण का तकनीकी शब्द है।
- तत्सम उपसर्गों में कुछ ऐसे भी उपसर्ग है, जिनके एक से अधिक रूप मिलते हैं, जैसे- दुर्, दुस्, दुष्, दुश् आदि।
- उपसर्ग शब्द उप + सर्ग दो शब्दों के मिलने से बना है, जिसमें ‘सर्ग’ मूल शब्द है जिसका अर्थ हैं जोड़ना या निर्माण करना। जैसे- उप + हार = उपहार
उपर्युक्त दिए गए ‘आगत’ उपसर्गों में से, परीक्षा में आये कुछ महत्वपूर्ण उपसर्ग निम्नलिखित हैं –
1. ‘अन’ (Raj PSI- 95, 96)
2. अनकहा, अनखाया (Raj PSI- 95, 96)
3. अधकचरा, अधखिला (U.P. PCS-2001)
4. उन्नीस (Raj PSI-1998)
5. उनतीस (U.P. PCS- 1999, UT PCS-2006)
6. औगुन, औघट, औचक (ग्रामसेवक- 2009)
7. बदक़िस्मत (U.P. PCS-2008)
8. लावारिस (उत्तरांचल PCS-2006)
9. हरएक (उत्तरांचल PCS-2006)
जय हिन्द