नयी कविता से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
- नयी कविता का समय (1953-1960 ई.)
- ‘नयी कविता’ शब्द का प्रयोग सबसे पहले अज्ञेय ने ‘प्रतीक पत्रिका’ के जून 1951 के अंक में किया था।
- उसके बाद अज्ञेय ने 1952 ई. में इलाहबाद के ऑल इंडिया ‘रेडियों स्टेशन’ से एक भेटवार्ता में इस ‘नयी कविता’ के अवधारणा को स्पष्ट किया। इसलिए ‘अज्ञेय’ को ‘नयी कविता’ का ‘जनक’ माना जाता है।
- 1953 ई. में ‘परिमल’ संस्था के द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में पढ़ी गई निम्नलिखित 3 आलेखों ने ‘नयी कविता’ के प्रचार-प्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई-
(i) भारतभूषण अग्रवाल, ‘नयी कविता के रूप विधान और वस्तु तत्व’ ‘नये पत्ते’,1953 ई. में
(ii) रामस्वरूप चतुर्वेदी, ‘नयी कविता के मुख्य छंद’ ‘कल्पना’ पत्रिका, अगस्त 1953 ई. में
(iii) डॉ. ब्रजेश्वर वर्मा, ‘नयी कविता श्रोता की दृष्टिकोण से’ ‘कल्पना’ पत्रिका, 1953 ई. में
- ‘नयी कविता’ को एक काव्य आंदोलन के रूप में परिवर्तित करने का श्रेय डॉ. जगदीश गुप्त को है।
- उन्होंने इसके प्रचार-प्रसार के लिए 1954 ई. में ‘नयी कविता’ नाम से एक पत्रिका निकाली अतः ‘नयी कविता’ के जनक डॉ. जगदीश गुप्त माने जाते है। नयी कविता के प्रवर्तक अज्ञेय हैं।
- नयी कविता आंदोलन के जनक डॉ. जगदीश गुप्त हैं।
- अज्ञेय ‘प्रयोगवाद’ और ‘नयी कविता’ दोनों को एक ही मानते है। उन्होंने ‘प्रयोगवाद’ के लिए प्रयोगवाद नाम को स्वीकार नहीं कर ‘नयी कविता’ शब्द का ही प्रयोग किया है।
- आचार्य नंददुलारे वाजपेयी ने ‘नयी कविता’ को ‘प्रयोगवाद’ की प्रतिक्रिया स्वरुप उत्पन्न हुआ माना है।
- मुकुटधर पांडेय ने ‘नयी कविता’ को ‘प्रयोगवाद’ का ही विकसित रूप माना है। (यह सर्वाधिक मान्य है)
- अज्ञेय को ‘नयी कविता’ का ‘भारतेंदु’ कहा जाता है।
- गिरिजाकुमार माथुर औए बालकृष्ण राव ‘छायावाद’ के उपरांत लिखी गई सभी कविताओं को ‘नयी कविता’ मानते है।
- रामविलास शर्मा आर डॉ. नामवर सिंह ने ‘नयी कविता’ को ‘प्रयोगवाद’ का ‘छंदम’ रूप माना है।
- जबकि नरेश मेहता और श्रीकांत वर्मा ‘नयी कविता’ को ‘प्रयोगवाद’ से पूर्णतया अलग मानते है।
- डॉ. बच्चन सिंह ने नयी कविता को प्राचीन काव्य मूल्यों की स्थापन करनेवाली विचारधारा कहा है।
- नलिन विलोचन शर्मा के शब्दों में- “नयी कविता आंदोलन ने प्रयोगवाद का अंत कर काव्य को निरर्थक व गद्य होने से बचा लिया।”
- केसरी कुमार के शब्दों में- “प्रयोगवाद में केवल भाषा व भावों के साथ हास्यास्पद खिलवाड़ हुआ। नयी कविता ने कविता के मूल्यों की पुनः स्थापना कर दी।”
- नरेश मेहता के शब्दों में- “प्रयोगवाद के भूलों का सुधार ही नयी कविता है।”
1. नयी कविता शब्द का प्रयोग सबसे पहले ‘प्रतीक’ पत्रिका के जून (1951) के अंक किसने किया था?
(अ) अज्ञेय
(ब) रामविलास शर्मा
(स) जगदीश चतुर्वेदी
(द) श्रीकांत वर्मा ने
2. ‘नयी कविता के रूप विधान और वस्तु तत्व’ ‘नये पत्ते’ मार्च, 1953 ई. में प्रकाशित निबंधकार का नाम है?
(अ) बालकृष्ण राव
(ब) रामस्वरूप चतुर्वेदी
(स) भारत भूषण अग्रवाल
(द) अज्ञेय
3. ‘नयी कविता के मुक्त छंद’ अगस्त 1953 ई. के ‘कल्पना’ में प्रकाशित निबंध के रचनाकार हैं?
(अ) मुक्तिबोध
(ब) रामस्वरूप चतुर्वेदी
(स) अज्ञेय
(द) जगदीश चतुर्वेदी
4. ‘नयी कविता: श्रोता की दृष्टिकोण से’ निबंध के रचनाकार का नाम है?
(अ) राजेंद्र प्रसाद शर्मा
(ब) रामविलास शर्मा
(स) नामवर सिंह
(द) डॉ. ब्रजेश्वर वर्मा
5. ‘नयी कविता’ के प्रवर्तक का नाम है?
(अ) जगदीश चतुर्वेदी
(ब) अज्ञेय
(स) ललित गुप्त
(द) लक्षमीकांत वर्मा
6. ‘नयी कविता’ को काव्य आंदोलन का रूप प्रदान करने का श्रेय किसे है?
(अ) जगदीश चतुर्वेदी
(ब) जगदीश गुप्त
(स) ललित गुप्त
(द) अज्ञेय
7. किस रचनाकार ने छायावाद के उपरांत लिखी गई सभी कविताओं को ‘नयी कविता’ माना है?
(अ) गिरिजा कुमार माथुर
(ब) बालकृष्ण राव
(स) ‘अ’ और ‘ब’ दोनों
(द) अज्ञेय ने
8. किस रचनाकार को ‘नयी कविता का भारतेंदु’ माना जाता है?
(अ) अज्ञेय को
(ब) मुक्तिबोध को
(स) गिरिजा कुमार माथुर
(द) ललित गुप्त
9. ‘नयी कविता’ को ‘प्रयोगवाद का छंदम’ रूप किस रचनाकार ने माना है?
(अ) नामवर सिंह
(ब) रामविलास शर्मा
(स) ‘अ’ और ‘ब’ दोनों ने
(द) डॉ. नगेंद्र ने
10. ‘नयी कविता’ पत्रिका का प्रकाशन जगदीश गुप्त ने किस वर्ष से शुरू किया?
(अ) 1953 ई.
(ब) 1954 ई.
(स) 1955 ई.
(द) 1956 ई.
11. इनमे से ‘कविता आंदोलन’ और उसका प्रकाशन वर्ष सुमेलित नहीं है?
(अ) नयी कविता आंदोलन-जगदीश गुप्त
(ब) साठोत्तरी कविता आंदोलन-ललित गुप्त
(स) अकविता आंदोलन-जगदीश चतुर्वेदी
(द) ताजी कविता आंदोलन- राजेन्द्र प्रसाद सिंह
12. ‘नवगीत आंदोलन’ के प्रवर्तक का नाम है?
(अ) श्याम परमार
(ब) श्रीकांत वर्मा
(स) राजेंद्र प्रसाद सिंह
(द) रवींद्र भ्रमर
13. इनमे से काव्य आंदोलन और उसका प्रवर्तक सुमेलित नहीं है?
(अ) प्रतिबद्ध कविता आंदोलन- परमानंद श्रीवास्तव
(ब) अस्वीकृत कविता आंदोलन- श्रीराम शुक्ल
(स) सहज कविता आंदोलन- रवींद्र भ्रमर
(द) मंत्र कविता आंदोलन- ललित गुप्त
14. ‘युयुत्सावादी कविता आंदोलन’ के प्रवर्तक का नाम है?
(अ) श्रीराम सिंह ‘शलभ’
(ब) महीप सिंह
(स) श्रीराम शुक्ल
(द) सुरेश वात्स्यायन
15. ‘सनातन सूर्योदयी’ कविता के प्रवर्तक का नाम है?
(अ) वीरेंद्र कुमार जैन
(ब) डॉ. नरेंद्र मोहन
(स) सुरेश वात्स्यायन
(द) केदारनाथ सिंह
16. ‘समकालीन कविता’ के प्रवर्तक का नाम है?
(अ) परमानंद श्रीवास्तव
(ब) श्रीराम शुक्ल
(स) सुरेश वात्स्यायन
(द) विश्वंभरनाथ उपाध्याय
17. डॉ. जगदीश गुप्त के जन्म एवं निधन का वर्ष है?
(अ) 1924-2001 ई.
(ब) 1920-2001
(स) 1918-2001
(द) 1922-2001
18. इनमे से कौन सी रचना जगदीश गुप्त की नहीं है?
(अ) नाव के पाँव
(ब) शंबुक
(स) युग्म
(द) यहाँ से देखों (यह दुष्यंत की रचना है)
19. इनमे से कों सी रचना दुष्यंत की नहीं है?
(अ) बची हुई पृथ्वी
(ब) सूर्य का स्वागत
(स) आवाजों के घेरे
(द) जलते हुए वन का बसंत
20. दुष्यंत की रचना ‘साये में धूप’ का प्रकाशन वर्ष है?
(अ) 1970 ई.
(ब) 1972 ई.
(स) 1975 ई.
(द) 1980 ई.
21. सुदामा पांडेय धूमिल को किस रचना के लिए 1979 ई. में ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ मिला?
(अ) संसद से सड़क तक
(ब) कल सुनना मुझे
(स) सुदामा पांडेय का प्रजातंत्र
(द) इनमे से कोई नही
22. ‘मोचीराम’, ‘पटकथा’, ‘रोटी और संवाद’ किसकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं?
(अ) दुष्यंत कुमार
(ब) श्रीकांत वर्मा
(स) सुदामा पांडेय धूमिल
(द) चंद्रकांत देवताले
23. इनमे से कौन सी रचना ‘श्रीकांत वर्मा’ की नहीं है?
(अ) माया दर्पण
(ब) दिनारंभ
(स) जलसाघर में आत्मरति
(द) इस यात्रा में
24. ‘मगध’ रचना के लिए श्रीकांत वर्मा को ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ कब मिला?
(अ) 1985 ई.
(ब) 1986 ई.
(स) 1987 ई.
(द) 1988 ई.
25. इनमे से कौन सी रचना ‘लीलाधर जगुड़ी’ कि नहीं है?
(अ) हड्डियों में छिपा ज्वर
(ब) नाटक जारी है
(स) रात अब भी मौजूद है
(द) घबराए हुए शब्द
26. ‘अनुभव के आकाश में चाँद’ के रचना के लिए लीलाधर जगुड़ी को साहित्य अकादमी पुरस्कार किस वर्ष मिला?
(अ) 1976 ई.
(ब) 1997 ई.
(स) 1998 ई.
(द) 2000 ई.
27. इनमे से कौन सी रचना चंद्रकांत देवताले की नहीं है?
(अ) दीवारों पर खून से
(ब) लकडबग्घा हँस रहा है
(स) रोशनी के मैदान में
(द) इतिहासहंता
28. चंद्रकांत देवताले कि किस रचना के लिए 2012 ई. में ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ मिला?
(अ) उजाड़ में संग्रहालय
(ब) भूखंड तप रहा है
(स) इतनी पत्थर रोशनी
(द) पत्थर फैंक रहा हूँ
29. अरुण कमल को किस रचना के लिए 1998 ई. में ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ मिला?
(अ) अपनी केवल धार
(ब) ईश्वर और मैं
(स) नये इलाके में
(द) ग्रहण
30. मंगलेश डबराल को किस रचना के लिए 2000 ई. में ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ मिला?
(अ) पहाड़ पर लालटेन
(ब) घर का रास्ता
(स) हम जो देखते है
(द) आवाज भी एक जगह है
31. ‘मेरा रूप तुम्हारा दर्पण’ और ‘जो नितांत मेरी है’ ये दोनों किसकी रचनाएँ है?
(अ) डॉ. रवींद्र भ्रमर
(ब) रामानंद दोषी
(स) बाल स्वरुप राही
(द) रमानाथ अवस्थी
32. रामावतार त्यागी की रचनाओं का ‘आरोही’ कालानुक्रम है?
(अ) नया खून, आठवाँ स्वर, गुलाब और बबूल वन, गाता हुआ दर्द
(ब) नया खून, गुलाब और बबूल वन, आठवाँ स्वर, गाता हुआ दर्द
(स) गाता हुआ दर्द, गुलाब और बबूल वन, आठवाँ स्वर, नया खून
(द) आठवाँ स्वर, गुलाब और बबूल वन, नया खून, गाता हुआ दर्द
33. गोपाल प्रसाद सक्सेना ‘नीरज’ की रचनाओं का सही कालानुक्रम हैं?
(अ) संघर्ष, अंतर्ध्वनी, विभावरी, प्राणगीत
(ब) प्राणगीत अंतर्ध्वनी, विभावरी, संघर्ष
(स) विभावरी, संघर्ष, अंतर्ध्वनी, प्राणगीत
(द) अंतर्ध्वनी, संघर्ष, विभावरी, प्राणगीत
34. ‘सोन मछली मन बसी’ के रचनाकार है?
(अ) रवींद्र भ्रमर
(ब) ऋतुराज
(स) असद जैदी
(द) वीरेंद्र मिश्र
35. इनमे से कौन सी रचना राजकमल चौधरी की नहीं है?
(अ) कंकावती
(ब) मुक्ति प्रसंग
(स) स्वर गंधा
(द) बारिश मेरा घर
36. इनमे से कौन सी रचना रामदरश मिश्र की नहीं है?
(अ) पक गयी है धूप
(ब) बैरंग बेनाम चिठ्ठियाँ
(स) कंधे पर सूरज
(द) ईश्वर की अध्यक्षता में
37. इनमे में से कुन सी रचना और रचनाकार सुमेलित नहीं है?
(अ) प्रार्थना पुरुष- श्रीलाल शुक्ल
(ब) अकाल में सारस- केदारनाथ सिंह
(स) शंखमुखी शिखरों पर- लीलाधर जगुड़ी
(द) शहर अब भी संभावना है- अशोक वाजपेयी
38. इनमें से कौन सी रचना और प्रकाशन वर्ष सुमेलित नहीं है?
(अ) संशय की रात- 1962 ई.
(ब) नाटक जारी है- 1977 ई.
(स) अकाल में सारस- 1989 ई.
(द) बाघ- 1996 ई.
39. निम्न में से कौन सी रचना और रचनाकार सुमेलित नहीं है?
(अ) शब्द सेतु- रघुवीर सहाय
(ब) जहाँ थोडा सा सूर्योदय होगा- चंद्रकांत देवताले
(स) अनुभव के आकाश में चाँद- लीलाधर जगुड़ी
(द) रेत में आकृतियाँ- श्रीलाल शुक्ल
40. कुँवरनारायण की कौन सी रचना का प्रकाशन वर्ष सही नहीं है?
(अ) चक्रव्यूह- 1956 ई.
(ब) परिवेश हम तुम- 1961 ई.
(स) आत्मजयी- 1965 ई.
(द) इन दिनों 2010 ई.
41. इनमे से कौन सी रचना ‘श्रीलाल शुक्ल’ की नहीं है?
(अ) अपनी तरह के लोग
(ब) जहाँ सब शहर नहीं होता
(स) कवि ने कहा
(द) सिर्फ कवि नहीं
42. कुँवरनारायण कि रचना ‘वाजश्रवा के बहाने’ का प्रकाशन वर्ष है?
(अ) 2008 ई.
(ब) 2009 ई.
(स) 2010 ई.
(द) 2011 ई.
43. “सत्ता के गलियारे कोई जब अपने पन की बात चलाए
ऐसा लगे बांबी में, अमृत की आवाज लगाए।” ये किसकी पंक्तियाँ है?
(अ) दुष्यंत कुमार
(ब) तारा प्रकाश जी
(स) उदय प्रकाश
(द) मुक्तिबोध
44. “सूचना विभाग के हर पोस्टर पर, खुशहाली है चारों ओर कंगालों के पास आटा नहीं, गाली है, जिस पर रखकर कोई खाना नहीं चाहता।” यह किसकी पंक्तियाँ हैं?
(अ) लीलाधर जगुड़ी
(ब) रघुवीर सहाय
(स) धूमिल
(द) श्रीकांत वर्मा
45. “हाँ-हाँ मैं कवि हूँ, कवि यानि भाषा भदेश हूँ।” यह किस कवि की पंक्ति है?
(अ) श्रीकांत वर्मा
(ब) धूमिल
(स) लीलाधर जगुड़ी
(द) केदारनाथ सिंह
46. “मैं रथ का टूटा पहिया हूँ, लेकिन मुझे फेंकों मत
इतिहासों की सामूहिक गति सहसा झूठी पड़ जाने पर, क्या जाने
सच्चाई टूटे पहियों का आश्रय ले।” यह किस रचनाकार की पंक्तियाँ है?
(अ) दुष्यंत कुमार
(ब) उदय प्रकाश
(स) धर्मवीर भारती
(द) अज्ञेय
47. ‘रंग खतरे में है’ किसका काव्य संग्रह है?
(अ) रवींद्र भ्रमर
(ब) मदन वात्स्यायन
(स) कुमार विकल
(द) जगदीश श्रीवास्तव
48. किस रचना के लिए राजेश जोशी को 2002 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था?
(अ) दो पक्तियों के बीच
(ब) लेबर कॉलोनी के बच्चे
(स) एक दिन बोलेगा पेड़
(द) नेपथ्य में हँसी
49 इनमे से कौन सी रचना के रचनाकार सम्मिलित नहीं हैं?
(अ) एक कंठ विषपाय- दुष्यंत कुमार
(ब) भय की शक्ति देता है- लीलाधर जगूड़ी
(स) पत्थर की बैंच- चंद्रकांत देवताले
(द) मिट्टी का चेहरा- उदय प्रकाश
50 राजेंद्र प्रसाद सिंह की रचनाओं का सही आरोही कालानुक्रम हैं?
(अ) भूमिका- दिग्वधू- संजीवनी कहाँ- भरी सड़क पर
(ब) भरी सड़क पर- भूमिका- दिग्वधू- संजीवनी कहाँ
(स) दिग्वधू- भरी सड़क पर- भूमिका- संजीवनी कहाँ
(द) संजीवनी कहाँ- भरी सड़क पर- भूमिका- दिग्वधू
1. (अ) अज्ञेय
2. (स) भारत भूषण अग्रवाल
3. (ब) रामस्वरूप चतुर्वेदी
4. (द) डॉ. ब्रजेश्वर वर्मा
5. (ब) अज्ञेय
6. (ब) जगदीश गुप्त
7. (स) ‘अ’ और ‘ब’ दोनों
8. (अ) अज्ञेय को
9. (स) ‘अ’ और ‘ब’ दोनों ने
10. (ब) 1954 ई.
11. (द) ताजी कविता आंदोलन- राजेन्द्र प्रसाद सिंह
12. (स) राजेंद्र प्रसाद सिंह
13. (द) मंत्र कविता आंदोलन- ललित गुप्त
14. (अ) श्रीराम सिंह ‘शलभ’
15. (अ) वीरेंद्र कुमार जैन
16. (द) विश्वंभरनाथ उपाध्याय
17. (अ) 1924-2001 ई.
18. (द) यहाँ से देखों (यह दुष्यंत की रचना है)
19. (अ) बची हुई पृथ्वी
20. (स) 1975 ई.
21. (ब) कल सुनना मुझे
22. (स) सुदामा पांडेय धूमिल
23. (द) इस यात्रा में
24. (स) 1987 ई.
25. (अ) हड्डियों में छिपा ज्वर
26. (ब) 1997 ई.
27. (द) इतिहासहंता
28. (द) पत्थर फैंक रहा हूँ
29. (स) नये इलाके में
30. (स) हम जो देखते है
31. (स) बाल स्वरुप राही
32. (अ) नया खून, आठवाँ स्वर, गुलाब और बबूल वन, गाता हुआ दर्द
33. (अ) संघर्ष, अंतर्ध्वनी, विभावरी, प्राणगीत
34. (अ) रवींद्र भ्रमर
35. (द) बारिश मेरा घर
36. (द) ईश्वर की अध्यक्षता में
37. (अ) प्रार्थना पुरुष- श्रीलाल शुक्ल
38. (ब) नाटक जारी है- 1977 ई.
39. (अ) शब्द सेतु- रघुवीर सहाय
40. (द) इन दिनों 2010 ई.
41. (द) सिर्फ कवि नहीं
42. (अ) 2008 ई.
43. (ब) तारा प्रकाश जी
44. (अ) लीलाधर जगुड़ी
45. (ब) धूमिल
46. (स) धर्मवीर भारती
47. (स) कुमार विकल
48. (अ) दो पक्तियों के बीच
49. (द) मिट्टी का चेहरा- उदय प्रकाश
50. (अ) भूमिका- दिग्वधू- संजीवनी कहाँ- भरी सड़क पर
नयी कविता से संबंधित महत्वपूर्ण कथन:
1. “खेत हमारी भूमि हमारी, सारा देश हमारा।” नागार्जुन
2. “घुन खाए शहतीरों पर बारहखड़ी विधाता बाँचे, फटी भीत है
छत चुती है, आले पर विस्तुइया नाचे।” नागार्जुन
3.“मैनें आहुति बनकर देखा; यह प्रेम यज्ञ की ज्वाला है।”अज्ञेय
4. “मुझे प्रोफेसरों के बीच में छायावाद सिद्ध करना पड़ेगा।” निराला
5. “प्रगतिवाद और प्रयोगवाद छायावाद की उपशाखाएँ हैं ये मूलतः एक ही युग चेतना अथवा युगसत्य से अनुप्राणित हैं और एक दूसरे की पूरक है।” सुमित्रानंदन पंत
6. “मैं प्रयोग्वादा का अगुवा नहीं पिछलागुवा हूँ।” दिनकर
7. “यह नंगा फासिज्म है, लेखक को लोग घेरे, शारीरिक क्षति की धमकी दे उधर सरकार सुनने तक को तैयार नहीं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हत्या की जा रही है।” मुक्तिबोध
8. “प्रगतिवाद समाजवाद की ही साहित्यिक अभिव्यक्ति है।” डॉ. नगेन्द्र
9. “कबीर में जैसे सामाजिक विद्रोह का तीखापन और प्रणयानुभूति की कोमलता एक साथ मिलती है, कुछ वैसे ही रचाव मुक्तिबोध में है।” डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी
10. “मनुष्यों की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है। मनुष्यों की मुक्ति कर्मों के बंधन से छुटकारा पाना है और कविता की मुक्ति छंदों के शासन से अलग जाना है।” निराला
जय हिन्द