तुम्हारी हर तकलीफों का,
मैं मुक्कमल जबाब हूं।
कभी वक्त मिले तो,
मुझे पढ़ लेना,
मैं भारत का संविधान हूं।
हमारे संविधान निर्माता सही में ईमानदार थे।
मेरी रचनाएँ
तुम्हारी हर तकलीफों का,
मैं मुक्कमल जबाब हूं।
कभी वक्त मिले तो,
मुझे पढ़ लेना,
मैं भारत का संविधान हूं।
हमारे संविधान निर्माता सही में ईमानदार थे।