ध्वज वंदना (रामधारी सिंह ‘दिनकर’)

नमस्कार !

सतहत्तरर्वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर आप सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। स्वतंत्र भारत का यह स्वतंत्रता दिवस हम भारतियों को यह याद दिलाता है कि आजादी एक यात्रा है, मंजिल नहीं। राष्ट्र अपनी उपलब्धियों का जायजा लेता है। अतीत के बलिदानों को याद रखना तथा और भी अधिक उर्जावान होकर बेहतर भविष्य को आकार देने में लगे रहना आवश्यक है। एकता, विविधता, प्रगति के भाव हम सब में बनी रहनी चाहिए, क्योंकि भारत महानता की ओर बढ़ रहा है। ख़ास कर हमारी आनेवाली नई पढ़ी से यह उम्मीद है कि वे अपने देश के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करे और स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए अपने आने वाले पीढ़ी को भी प्रेरित करते रहें।

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने अपनी कविता में लिखा है –

नवीन सूर्य की नयी प्रभा, नमो, नमो !

नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो !

नमो, नमो, नमो

नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो !

नमो नागाधिराज-श्रृंग की विहारिनी !

नमो अनंत सौख्य-शक्ति-शील धारिणी !

प्रणय-प्रसारिणी, नमो अरिष्ट-वारिणी !

नमो मनुष्य की शुभेष्णा-प्रचारिणी !

नवीन सूर्य की नयी प्रभा, नमो, नमो !

नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो !

हम न किसी का चाहते तनिक अहित अपकार।

प्रेमी सकल जहां का भारतवर्ष उदार

सत्य न्याय के हेतु फहर-फहर औ केतु

हम विचरेंगे देश-देश के बीच मिलन का सेतु

पवित्र सौम्य, शांति की शिखा, नमो, नमो!

नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो !

तार-तार में है गुंथा ध्वजे, तुम्हारा त्याग

दहक रही है आज भी, तुन में बलि की आग

सेवक सैन्य कठोर, हम चालिस करोड़

कौन देख सकता कुभाव से ध्वजे तुम्हारी ओर

करते तव जय गान, वीर हुए बलिदान

अंगारों पर चला तुम्हें ले, सारा हिन्दुस्तान !

नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो !

प्रताप की विभा कृषानुजा, नमो, नमो!

नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो !

भारत विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं और संस्कृति वाला देश है। हमारी बहुरंगी विविधता और समृद्ध विरासत है। आजादी के बाद भारत ने बहुआयामी सामाजिक और आर्थिक प्रगति की है। अब भारत कृषि में भी आत्मनिर्भर बन चुका है। अब दुनिया के अनेक देशों को हम गेहूँ और चावल निर्यात करते हैं। अब तो हमारा देश दुनिया के सबसे औद्योगिक देशों की श्रेणी में भी गिना जाने  लगा है। आज भारत औद्योगिक विकाश में विश्व का सातवाँ और आर्थिक स्तर पर विश्व का पांचवाँ देश बन गया है। 2047 का नया भारत जब हम स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेंगे तब हमारी युवा पीढ़ी के हाथों में एक अलग विकसित होगा।

धन्यवाद

जय हिन्द !

भारत माता की जय

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