मकर संक्रांति

चला भास्कर मकर से मिलने धनु राशि को छोड़।नई वर्ष की नई उमंगे जन-जीवन में जोड़ ।। तील-तील बड़ा होने लगा दिन और रातें तील-तील छोटी।सर्दी की अब हुई बिदाई गर्मी की स्वागत होती ।। गंगा स्नान और दान-पुण्य कर दही चिवड़ा खाते।आसमान में पतंगों का मेला लोग लगाते ।। भारत त्यौहारों का देश है।… Continue reading मकर संक्रांति