पर्यावरण (कविता)

आज देश की मांग यही है, पर्यावरण को हमें बचाना है।
जल, वायु, मिट्टी और ध्वनि से रिश्ता हमारा पुराना है ।
इन सबसे नेहा लगा कर, इनको मित्र बनाना है।
आज देश की मांग यही है, पर्यावरण को हमें बचाना है।

जब तक जग में पानी है, तब तक जग में जीवन है ।
जब तक अनल में है शुद्धता, तब तक मंगल जीवन है ।
लेना होगा संकल्प हमें, वृक्ष अधिक लगाना है।
आज देश की मांग यही है, पर्यावरण को हमें बचाना है।

आओ चलो हम वृक्ष लगायें, हरियाली को फैलाना है ।
जीवन में खुशहाली लाएं, पर्यावरण को शुद्ध बनाना है ।
सभी खुशी से झूमें गायें, हरियाली का पर्व मनाना है ।
आज देश की मांग यही है, पर्यावरण को हमें बचाना है।

कटे अगर कहीं एक वृक्ष तो, दस-दस वृक्ष हमें लगाना है ।
जन जीवन की रक्षा के लिए, आज यही संकल्प उठाना है ।
वृक्ष लगायें, करें संरक्षित और स्वच्छता बनाएं रखना हैं।
आज देश की मांग यही है, पर्यावरण को हमें बचाना है।

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