सुंदर विचार

भवानीप्रसाद मिश्र की कविताएँ (इकाई-5)

(जन्म:29 मार्च 1913 - मृत्यु 20 फ़रवरी 1985) भवानीप्रसाद मिश्र का जन्म मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के टिगरिया गाँव में 29 मार्च 1913 को हुआ था। पिता का नाम: पं० सीताराम मिश्र था।वे शिक्षा विभाग में अधिकारी और साहित्य प्रेमी थे।भवानीप्रसाद की प्रारम्भिक शिक्षा: नरसिंहपुर और जबलपुर में हुआ।हिन्दी, संस्कृत और अंग्रेजी भाषा पर उनकी… Continue reading भवानीप्रसाद मिश्र की कविताएँ (इकाई-5)

नागार्जुन की कविताएँ : इकाई – 5

(जन्म 30 जून, 1911 – मृत्यु 05 नवंबर, 1998) नागार्जुन का जन्म वर्तमान मधुबनी जिले के ‘सतलखा’ गाँव में हुआ था। यहाँ उनका ननिहाल था। नागार्जुन का पैतृक गाँव वर्तमान दरभंगा जिले का तरौनी ग्राम है। पिता का नाम: गोकुल मिश्रा और माता उमा देवी थी। नगार्जुन के बचपन का नाम ‘ठक्कन मिसिर’ था। नागार्जुन… Continue reading नागार्जुन की कविताएँ : इकाई – 5

‘कबीरदास’ (सं० हजारीप्रसाद द्विवेदी, पद सं 160-209) इकाई-5

  कबीर एक धर्मोपदेशक, समाज-सुधारक योगी और कवि के साथ-साथ महान भक्त भी थे। ‘कबीर’ फारसी का शब्द है। कबीर का अर्थ ‘महान’ˎहोता है। कबीर का जन्म विक्रमी संवत् 1455 में काशी नामक स्थान पर हुआ था।वि०स० को ई० में बदलने के लिए 57 से घटाने पर कबीर का जन्म 1398 ई० में हुआ था।… Continue reading ‘कबीरदास’ (सं० हजारीप्रसाद द्विवेदी, पद सं 160-209) इकाई-5

अमीर खुसरो की पहेलियाँ और मुकरियाँ (इकाई-5)

मध्य एशिया के ‘लाचन जाति’ के तुर्क सैफुद्दीन के पुत्र अमीर खुसरो का जन्म सन् 1255 ई० (1312 विं संवत् ) में गाँव पटियाला, जिला ऐटा में हुआ था। इनका मूलनाम अब्दुल हसन था। मृत्युकाल: 1324 ई० (1381 विं सं) उपाधि: ‘खुसरो सुखन’ यह उपाधि मात्र 12 वर्ष के उम्र में ही बुजुर्ग विद्वान ख्वाजा… Continue reading अमीर खुसरो की पहेलियाँ और मुकरियाँ (इकाई-5)

अनोखा साक्षात्कार

विश्व धर्मसभा शिकागो में अंग्रेज विवेकानंदजी का मजाक उड़ाते थे। उन्ही में से एक पत्रकार ने विवेकानंदजी का मजाक उड़ाने के दृष्टिकोण से प्रश्न किया था। पत्रकार सामने वाले व्यक्ति (सन्यासी) से : सर ! आपने अपने अंतिम लेक्चर में ‘संपर्क’ (contact) और ‘जुडाव’ (connection) पर एक स्पीच दिया था लेकिन यह बहुत ही कन्फ्यूज… Continue reading अनोखा साक्षात्कार

मीरा पदावली (संपादक विश्वनाथ त्रिपाठी) पद : प्रारंभ से 20 तक, इकाई – 05

मीरा का जीवन परिचय: कृष्ण भक्ति शाखा की महान हिन्दी कवयित्री मीरा का जन्म और मृत्यु दोनों ही विवादास्पद है।डॉ नगेन्द्र के अनुसार- मीरा का जन्म 1498 ई० में हुआ था।मीरा का निधन - 1558-1563 ई० के बीच हुआ होगा ऐसा माना जाता है।आचार्य रामचंद्र शुक्ल - मीरा का जन्म 1573 ई० मानते है।मीरा का… Continue reading मीरा पदावली (संपादक विश्वनाथ त्रिपाठी) पद : प्रारंभ से 20 तक, इकाई – 05

रानी बाघेली का त्याग

जिस तरह मेवाड़ राज्य की स्वामिभक्त पन्ना धाय अपने दूध पिते पुत्र का बलिदान देकर चितौड़ के राजकुमार की हत्या होने से बचा लिया था। ठीक उसी तरह राजस्थान के मारवाड़ (जोधपुर) राज्य के नवजात राजकुमार अजीतसिंह को औरंगजेब से बचाने के लिए मारवाड़ राज्य के बलुन्दा की रहने वाली रानी बाघेली ने अपनी नवजात… Continue reading रानी बाघेली का त्याग

विद्यापति की पदावली (संपादक- डॉ नरेन्द्र झा) पद सं 1-25 तक : इकाई – 5

  विद्यापति का जन्म मधुबनी (बिहार) के बिपसी गाँव में हुआ था।इनका जन्म 14वीं -15वीं शदी के मध्य माना जाता है।कुछ विद्वानों के अनुसार- जन्मकाल (1350-1450) माना जाता है।इनके पितामह जयदत्त संत थे। वे योगेश्वर नाम से विख्यात थे।  गुरु का नाम - पंडित हरि मिश्र था।पत्नी का नाम- चंदादेवी (चंपती) देवी था।   ये तिरहुत… Continue reading विद्यापति की पदावली (संपादक- डॉ नरेन्द्र झा) पद सं 1-25 तक : इकाई – 5

सूरदास भ्रमरगीतसार (सं रामचंद शुक्ल – इकाई 5) पद संख्या 21- 70 तक

‘भ्रमरगीत सार’ आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा सम्पादित महाकवि सूरदास के पदों का संग्रह है। उन्होंने सूरदास के भ्रमरगीत से लगभग 400 पदों को छांटकर भ्रमरगीतसार के रूप में प्रकाशित किया था। आचार्य रामचंद्र शुक्ल, हजारी प्रसाद दिवेदी और श्यामसुन्दरदास के अनुसार- सूरदास का जन्म: 1474 ई० ‘रुनकता’ नामक गाँव में हुआ था। डॉ नगेन्द्र, डॉ… Continue reading सूरदास भ्रमरगीतसार (सं रामचंद शुक्ल – इकाई 5) पद संख्या 21- 70 तक

रामचरितमानस – तुलसीदास (उत्तरकाण्ड – इकाई 5)

तुलसीदास भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधि कवि हैं। भारतीय संस्कृति को सबसे अधिक प्रभावित करने वाले कवि तुलसीदास हैं। अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔंध’ ने तुलसीदास जी के संबंध में लिखा है- “कविता करके तुलसी न लसै। कविता पा लसी तुलसी की कला।। राम को भज अमर न हुए तुलसी। तुलसी को पा अमर है रामलला”।। तुलसीदास… Continue reading रामचरितमानस – तुलसीदास (उत्तरकाण्ड – इकाई 5)