सुंदर विचार

रमणिका गुप्ता : आपहुदरी

रचना - आपहुदरी (2015 ई.) यह एक जिद्दी लड़की की आत्मकथा है।) रचनाकार - रमणिका गुप्ता (1930 - 2019 ई.) मूलनाम - 'रमना' है। जन्म - 22 अप्रैल, 1930 ई. सुनाम, पंजाब निधन - 26 मार्च, 2019 नई दिल्ली    प्रकाशन- 2015 ई. * इसका प्रथम भाग 'हादशे' है, जिसका प्रकाशन 2005 ई. में हुआ… Continue reading रमणिका गुप्ता : आपहुदरी

हरिवंशराय बच्चन : क्या भूलूँ क्या याद करूँ

रचना - 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ' (1969 ई.) रचनाकार - हरिवंशराय बच्चन (1907 - 2003 ई.) जन्म - 27 नवंबर 1907 ई. प्रयागराज  (उ.प्र.) निधन - 18 जनवरी, 2003 ई. मुंबई हरिवंशराय बच्चन की आत्मकथा चार खंडों में प्रकाशित है-       1. क्या भूलूँ क्या याद करूँ (1969 ई.)       2. नीड़ का निर्माण… Continue reading हरिवंशराय बच्चन : क्या भूलूँ क्या याद करूँ

विष्णु प्रभाकर : आवारा मसीहा

रचना - आवारा मसीहा (प्रसिद्ध रचनाकार शरदचंद्र चटोपाध्याय की जीवनी है।) प्रकाशन वर्ष - 1974 ई. रचनाकार - विष्णु प्रभाकर (21 जून 1912- 2009 ई.) शरदचंद्र के पिता का नाम - मोतीलाल शरदचन्द्र की माता का नाम - भुवनेश्वरी देवी       * पद्मभूषण विष्णु प्रभाकर जी ने 1959 ई में एक किताब लिखना शुरू किया… Continue reading विष्णु प्रभाकर : आवारा मसीहा

मन्नू भंडारी : एक कहानी यह भी

रचना - 'एक कहानी यह भी' (2007 ई.) रचनाकार - मन्नू भंडारी (1931-2021 ई.)       यह आत्मकथात्मक कहानी है। इस आत्मकथात्मक कहानी के निम्न चार भाग है: मन्नू भंडारी की कहानी         जन्म - मध्यप्रदेश के भानपुरा गाँव में हुआ था। मन्नू भंडारी 5 भाई बहन थे। मन्नू भंडारी सबसे छोटी थी। साहित्य से… Continue reading मन्नू भंडारी : एक कहानी यह भी

शिवरानी देवी : प्रेमचंद घर में

रचना - 'प्रेमचंद घर में '1944 ई, (जीवनी विधा) रचनाकार - शिवरानी देवी       * शिवरानी देवी ने 'प्रेमचंद घर में' नाम से प्रेमचंद की जीवनी लिखी। उन्होंने उनके व्यक्तित्व के उस हिस्से को उजागर किया जिससे लोग अनभिज्ञ थे।       * प्रेमचंद ने अपनी पत्नी को हमेशा प्रेरित किया कि वे लिखें और सामाजिक… Continue reading शिवरानी देवी : प्रेमचंद घर में

तुलसीराम : मुर्दहिया

रचना - मुर्दहिया, (1910 ई.),       दूसरा भाग- मणिकर्णिका (2014 ई.) रचनाकार - तुलसीराम (दलित आत्मकथा) * संभवतः यह हिंदी की पहली आत्मकथा है, जिसमें केवल दलित ही नहीं अपितु गाँव का संपूर्ण लोक जीवन ही केंद्र में है। * 'मुर्दहिया' दलित समाज की त्रासदी और भारतीय समाज की विडंबना का सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और… Continue reading तुलसीराम : मुर्दहिया

महादेवी वर्मा : ठकुरी बाबा (संस्मरण)

रचना - ठकुरी बाबा (संस्मरण) रचनाकार - महादेवी वर्मा (1907 - 1987 ई.) * महादेवी ने अपने रेखाचित्र में, अपने संपर्क में आनेवाले शोषित व्यक्तियों, दीन-हीन नारियों, साहित्यकारों, जीव-जंतुओं आदि का संवेगात्मक चित्रण किया है। * महादेवी के रेखाचित्र में अनुभूति की अभिव्यक्ति, चित्र का बिंब-विधान और सूक्ति का प्रभाव एक साथ दिखाई देता है।… Continue reading महादेवी वर्मा : ठकुरी बाबा (संस्मरण)

रामवृक्ष बेनीपुरी : माटी की मूरतें (रेखाचित्र)

1. रचना - माटी की मूरतें (रेखाचित्र) रचनाकार - रामवृक्ष बेनीपुरी जन्म - 1902 ई. बेनीपुर, मुजफ्फ़र (बिहार) निधन - ( 1968 ई.) > 'माटी की मूरतें' 1941 ई. से 1945 ई. के बीच में लिखें गए संस्मरणात्मक रेखाचित्रों का संग्रह है। > इन सभी संस्मरणात्मक रेखाचित्रों को बेनीपुरी जी ने स्वयं 'शब्दचित्र' कहा है।… Continue reading रामवृक्ष बेनीपुरी : माटी की मूरतें (रेखाचित्र)

काव्य-प्रयोजन

काव्य प्रयोजन - (काव्य प्रयोजन का उद्देश्य) काव्य प्रयोजन का तात्पर्य -  'काव्य रचना के उद्देश्य से है।       1. संस्कृत के आचार्यो के अनुसार काव्य प्रयोजन       2. हिंदी के आचार्यो के अनुसार काव्य प्रयोजन       3. पाश्चात्य आचार्यो के अनुसार काव्य प्रयोजन संस्कृत के आचार्यो के अनुसार काव्य के प्रयोजन: 1. भरतमुनि के… Continue reading काव्य-प्रयोजन

पाश्चात्य काव्यशास्त्र: प्लेटो का काव्य सिद्धांत

'पाश्चात्य' साहित्यशास्त्र की परंपरा अत्यंत प्राचीन व समृद्ध रही है। पाश्चात्य साहित्य का प्रारंभ ईसा की पाँचवीं शताब्दी पूर्व सुप्रसिद्ध यूनानी चिंतक प्लेटो से माना जाता है। प्लेटो से पहले वहाँ अनेक चिंतकों और दार्शनिकों का अविर्भाव हो चुका था। प्राचीन ग्रीक साहित्य चिंतन का प्रादुर्भाव नाटकों के संदर्भ में हुआ था। प्राचीन ग्रीस में… Continue reading पाश्चात्य काव्यशास्त्र: प्लेटो का काव्य सिद्धांत