‘आत्मकथा’ (ऑटोबायोग्राफी) शब्द का सबसे पहला प्रयोग 1796 ई० में जर्मनी के हर्डर ने किया था। उसके बाद यह ब्रिटेन पहुँचा, जहाँ सबसे पहले राबर्ट साउथे ने इसका इस्तेमाल किया। उस समय तक साहित्य के इस विधा का कोई खास अर्थ नहीं निकाला गया। क्योंकि इसमें लेखक के कुछ निजी अनुभव निहित थे। साहित्य में… Continue reading आत्मकथा (Autobiography)
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जीवनी (Biography)
किसी व्यक्ति के जीवन-चरित्र का चित्रण अथार्त किसी व्यक्ति विशेष के सम्पूर्ण जीवन के वृतांत को ‘जीवनी’ कहते हैं। जीवनी को अंग्रेजी में ‘बायोग्राफी’ कहा जाता है। जीवनी इतिहास, साहित्य और नायक की ‘त्रिवेणी’ होती है। जीवनी में लेखक किसी व्यक्ति विशेष के सम्पूर्ण जीवन और यथेष्ठ जीवन में घटित घटनाओं का कलात्मक और सौंदर्यता… Continue reading जीवनी (Biography)
संस्मरण (Memories)
संस्मरण अंग्रेजी के शब्द ‘मेमायर्स’ का हिन्दी अनुवाद है, जिसका अर्थ है ‘स्मरण’ के आधार पर लिखा गया साहित्य रूप। संस्मरण शब्द की व्युत्पति सम्+स्मृ+ल्युट (अण्) से हुई है, जिसका अर्थ होता है- सम्यक तरीके से किया गया स्मरण। अतः इस विधा का मूल आधार ‘स्मरण’ या ‘स्मृति’ है। संस्मरण साहित्य की एक विधा… Continue reading संस्मरण (Memories)
रेखाचित्र (Drawing, Sketch)
हिंदी साहित्य के गद्य में अनेक विधाएँ हैं। रेखाचित्र गद्य साहित्य की आधुनिक विधा है। इस विधा में लेखक रेखाचित्र के माध्यम से शब्दों का ढाँचा तैयार करता है। लेखक किसी सत्य घटना की वस्तु का या व्यक्ति का चित्रात्मक भाषा में वर्णन करता है। इसमें शब्द चित्रों का प्रयोग आवश्यक होता है। रेखाचित्रकारों में… Continue reading रेखाचित्र (Drawing, Sketch)
पत्र-साहित्य
लेखक पत्र-साहित्य समाचारों का आदान-प्रदान करना पत्र लेखन कहलाता है। प्राचीन समय में पत्र लेखन का बहुत अधिक प्रचलन था। पत्र चाहे औपचारिक हो या अनौपचारिक दोनों ही स्थिति में पत्रों का उपयोग किया जाता था। परन्तु आज समय के आधुनिकता के साथ-साथ सभी चीजों का आधुनिकरण हो रहा है। अनौपचारिक पत्रों के लिए मोबाईल,… Continue reading पत्र-साहित्य
रिपोर्ताज
‘रिपोर्ताज’ गद्य लेखन की एक आधुनिक विधा है। इसका विकास सन् 1936 ई० के बाद द्वितीय विश्वयुद्ध के समय पाश्चात्य प्रभाव से हुआ। जीवन की सूचनाओं की कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए रिपोर्ताज का जन्म हुआ। रिपोर्ताज पत्रकारिता के क्षेत्र की विधा है। ‘रिपोर्ताज’ शब्द का उद्भव ‘फ्रांसीसी’ भाषा से माना जाता है। ‘रिपोर्ट’ अंग्रेजी भाषा… Continue reading रिपोर्ताज
डायरी (Dairy)
डायरी को ‘दैनंदिनी’ भी कहते हैं। डायरी आधुनिक गद्य-साहित्य की सर्वाधिक सशक्त विधा है। जिसमे निजी स्तर पर घटित घटनाओं और तत्संबंधी बौद्धिक-भावात्मक प्रतिक्रियाओं का विवरण लिखा जाता है। किसी भी व्यक्ति के द्वरा लिखा गया व्यक्तिगत अनुभवों, सोच-विचार और भावनाओं का लिखित रुप में संग्रह किया जाता है। डायरी गद्य साहित्य की एक प्रमुख… Continue reading डायरी (Dairy)
भेंटवार्ता (साक्षात्कार) Interview
सामान्यतः दो या दो से अधिक व्यक्तियों द्वारा किसी विशेष उद्देश्य से आमने-सामने की गई बातचीत को साक्षात्कार या भेंटवार्ता कहा जाता है। साक्षात्कार एक प्रकार की मौखिक प्रश्नावली वार्ता है। जिसमे हम किसी भी व्यक्ति के उनके विचारों को लिखने के बजाय उस व्यक्ति के सामने रहकर बातचीत करके प्राप्त करते हैं। गुड् एवं… Continue reading भेंटवार्ता (साक्षात्कार) Interview
गद्यकाव्य (Gadya kaavya)
गद्यकाव्य साहित्य की आधुनिक विधा है। गद्य में भावों को इस प्रकार अभिव्यक्त करना कि वह काव्य के निकट पहुँच जाए वही गद्य काव्य अथवा गद्य गीत कहलाता है। यह विधा संस्कृत साहित्य में कथा और आख्यायिकी के लिए प्रयुक्त होता था। दण्डी ने तीन प्रकार के काव्य बताए थे: गद्य काव्य, पद्य काव्य और… Continue reading गद्यकाव्य (Gadya kaavya)
लघुकथा (बोधकथा)
अब तक के हुए शोधों के अनुसार हिन्दी साहित्य में लघु कथा का उद्भव 19वीं शताब्दी के आठवां दशक से माना जाता है। उस समय यह विधा लघुकथा के नाम से नहीं जानी जाती थी। सन् 1875 ई० में आधुनिक हिन्दी के जन्मदाता बाबू भारतेंदु हरिश्चंद्र जी के द्वारा रचित ‘परिहासिनी’ नाम के कृति में… Continue reading लघुकथा (बोधकथा)