राजेंद्रबाला घोष की कहानी चंद्रदेव से मेरी बातें

भगवान चंद्रदेव! आपके कमलवत कोमल चरणों में इस दासी का अनेक बार प्रणाम। आज मैं आपसे दो चार बातें करने की इच्छा रखती हूँ। देखो, सुनी अनसुनी सी मत कर जाना। अपने बड़प्पन की ओर ध्यान देना। अच्छा! कहती हूँ, सुनों। मैं सुनती हूँ कि आप इस आकाश मंडल में चिरकाल से वास करते हैं।… Continue reading राजेंद्रबाला घोष की कहानी चंद्रदेव से मेरी बातें

‘गोदान’ उपन्यास पर आधारित प्रश्नोत्तरी

1. गोदान उपन्यास का प्रकाशन वर्ष क्या है? (अ) 1935 ई. (ब) 1936 ई. (स) 1937 ई. (द) 1938 ई.  2. गोदान उपन्यास में कुल कितने प्रकरण हैं” (अ) 36 प्रकरण (ब) 37 प्रकरण (स) 38 प्रकरण (द) 39 प्रकरण 3. ‘गोदान’ उपन्यास का नायक का नाम है? (अ) मेहता  (ब) राय साहब (स) गोबर… Continue reading ‘गोदान’ उपन्यास पर आधारित प्रश्नोत्तरी