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मन्नू भंडारी – एक कहानी यह भी, आत्मकथा Mannu Bhandari – Ek kahani Yah bhi
शिवरानी देवी – प्रेमचंद घर में Shiv Rani Devi – Premchand Ghar Mein
तुलसी राम- मुर्दहिया, Tulsi Ram- Murdahiya
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ – संस्कृति के चार अध्याय Ramdhari Singh Dinkar – Sanskriti Ke Char Adhyay
विष्णु प्रभाकर – आवारा मसीहा : Vishnu Prabhakar – Awara Masiha
रामवृक्ष बेनीपुरी – माटी की मूरतें Ramvriksha Benipuri – Maati Ki Mooraten
रामनरेश त्रिपाठी जीवन परिचय
महाकवि भास (संस्कृत-महाकवि)
महाकवि भास संस्कृत साहित्य के सुप्रसिद्ध नाटककार थे। संस्कृत नाटककारों में महाकवि भास का नाम सम्मान का विषय रहा है। भास के जीवनकाल के विषय में अधिक जानकारी प्राप्त नहीं है। महाकवि कालिदास जी को गुप्तकालीन कहा जाता है। कालिदास ने अपने नाटक में पहले के लोकप्रिय नाटककारों का चर्चा करते हुए सबसे पहले महाकवि… Continue reading महाकवि भास (संस्कृत-महाकवि)
दलित साहित्य : ‘मुर्दहिया’-तुलसीराम (आत्मकथा) एक समीक्षा
'दलित' वर्ग के लिए भारतीय समाज में अनेक शब्दों का प्रयोग किया जाता रहा है। जैसे- शूद्र, अछूत, बहिष्कृत, अंत्यज, पददलित, दास, दस्यु, अस्पृश्य, हरिजन आदि। दलित शब्द का शब्दिक अर्थ है- मसला हुआ, रौंदा या कुचला हुआ, नष्ट किया हुआ, दरिद्र और पीड़ित, दलित वर्ग का व्यक्ति। 'संक्षिप्त हिंदी सागर' में रामचंद्र वर्मा… Continue reading दलित साहित्य : ‘मुर्दहिया’-तुलसीराम (आत्मकथा) एक समीक्षा







